जिस भजन में ओ३म् का नाम न हो
जिस भजन में ओ३म् का नाम न हो,
उस भजन को गाना न चाहिये ॥
चाहे मित्र कितना प्यारा हो,
उसे राज बताना नहीं चाहिये।
चाहे भइया कितना बैरी हो,
उससे राज छिपाना नहीं चाहिये।
चाहे बेटा कितना प्यारा हो,
उसे सर पे बिठाना नहीं चाहिये।
चाहे बेटी कितनी लाड़ली हो,
उसे घर-घर में घुमाना नहीं चाहिये।
जिस माता ने हमको जन्म दिया,
उसे कभी ठुकराना न चाहिये।
जिस पिता ने हमको पाला है,
उसे कभी सताना नहीं चाहिये।
चाहे जितनी अमीरी आ जाये,
अभिमान दिखाना न चाहिये।
चाहे जितनी गरीबी आ जाये,
दाता को भुलाना नहीं चाहिये।










