परम श्रद्धा से प्यारे

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परम श्रद्धा से प्यारे

परम श्रद्धा से प्यारे
प्रभु के गीत गाया कर,
उसी के नाम की मस्ती
सदा दिल में बसाया कर।

बड़ा सौभाग्य है तेरा,
कि मानव तन मिला
तुझको इसे भगवान का
मन्दिर समझकर तू सजाया कर।
परम श्रद्धा…….

भलाई कर भला होगा,
बुराई कर बुरा होगा,
तू अपनी भावनाओं को
परम पावन बनाया कर।
परम श्रद्धा……..

नहीं कुछ रूप है ना
रंग सखे भगवान का तेरे,
मे ज्ञान का दीपक जलाया कर।
परम श्रद्धा……..

तू अपनी आत्मा नहीं
कुछ दूर है तेरे,
प्रभु के धाम की नगरी,
वह तेरे पास ही है तू
जरा गर्दन झुकाया कर।

पचा हुआ खाना, शरीर को शक्ति देता है, बचा हुआ धन घर को शक्ति देता है।
आचार्य चन्द्रशेखर