दिव्य जीवन निर्माण शिविर- चतुर्वेदशतकम् यज्ञ

0
42

पूज्य माता सत्यप्रिया यति जी के पावन सानिध्य में

दिव्य जीवन निर्माण शिविर- चतुर्वेदशतकम् यज्ञ

बुधवार 1 मई से रविवार 5 मई 2024 तक

एवं जम्मू काश्मीर में कन्याओं का सर्वप्रथम इडा कन्या वेद विद्यालय का उद्घाटन

रविवार 5 मई 2024

स्थान : महात्मा रसीला राम वैदिक गुरुकुल एवं वानप्रस्थ आश्रम, आनन्दधाम गढ़ी ऊधमपुर ।

संस्थापक महात्मा गोपाल भिक्षु जी

आमन्त्रित विद्वान्

आचार्य आशीष जी, अन्तर्राष्ट्रीय वैदिक प्रवक्ता आचार्या नन्दिता जी, प्राचार्या पाणिनि कन्या महाविद्यालय वाराणसी

ट्रस्ट मंडल माता राम प्यारी जी , विकांत शर्मा जी, बिशन भारती जी, जी, माता मधु गुप्ता जी, डाँ प्रतिभा पुरन्धि जी, राकेश गुप्ता जी, सुषमा गुप्ता जी, यागेश गुप्ता जी

भारत भूषण ‘आनन्द’ संरक्षक 9419107788

विजय भगोत्रा संरक्षक 9419198451

अरुण चौधरीअध्यक्ष ट्रस्ट मंडल 9419187171

डा. प्रतिभा पुरन्धि यज्ञ ब्रह्मा

प्राचार्या इडा कन्या वेद विद्यालय

स्वामी ओमलीन सरस्वती जी (योगाचार्य)

सुकृति समर्पिता यज्ञ अधिष्ठात्री संयोजिका इडा कन्या वेद विद्यालय

इडा कन्या वेद विद्यालय गढी, उधमपुर जम्मू कश्मीर (महात्मा रसीलाराम वैदिक वानप्रस्थ आश्रम, आनन्द धाम, गढ़ी उधमपुर ट्रस्ट द्वारा संचालित)
परिसर
इडा कन्या वेद विद्यालय ट्रस्ट के स्वामित्व में पहाड़ों से बहते झरनों से सुशोभित पर्वतीय क्षेत्र में सुरम्य प्राकृतिक वातावरण वाले दो15 कैनल /9000 वर्ग गज भूक्षेत्र में निर्मित 43 प्रकोष्ठ वाले विशाल परिसर में स्थित है।
नामकरण- वेदों में नारी के विशेषणों वाली तीन देवियों इडा भारती एवं सरस्वती का उल्लेख है। इडा का अर्थ है मनुष्य को चेतना प्रदान करने वाले गुणों से प्रशंसनीय।
उद्देश्य-
कन्याओं का शारीरिक मानसिक आत्मिक एवं चारित्रिक विकास करना।
कन्याओं में समाज में व्याप्त सभी भेदभाव से रहित समानता व समरसता का भाव विकसित करना।
आधुनिक पाठ्यक्रम के साथ वेद निरुक्त, व्याकरण, दर्शन आदि आर्ष ग्रन्थों का अध्यापन।
कन्याओं को वैदिक षोडश संस्कार व अन्य कर्मकांड का सैद्धान्तिक एवं क्रियात्मक अभ्यास कराते हुए पौरोहित्य कर्म में दक्ष बनाना।
शास्त्रों के साथ शस्त्र संचालन तथा संगीत- वाद्य का प्रशिक्षण देना।
चारों वेदों के सस्वर पाठ का प्रशिक्षण देना
आकर्षण
विशाल यज्ञशाला, गौशाला, ध्यान हेतु दो गुफाएं, मनोहर वाटिका, विशाल सभा भवन, आयुर्वेदिक भवन, छात्रावास, विशाल भोजनालय, अतिथियों के लिए सुविधाओं से संपन्न प्रकोष्ठ, शुद्ध सात्विक आहार हेतु फल व सब्जियां उगाने के लिए पर्याप्त कृषि भूमि।
प्रवेश पात्रता
कन्या की आयु अन्यून 8 वर्ष अथवा पांचवी कक्षा उत्तीर्ण होनी चाहिए
ट्रस्ट अभिभावकों से न्यूनतम शुल्क लेकर शेष धनराशि दानी महानुभावों से प्राप्त कर कन्याओं के लिए उत्तम से उत्तम व्यवस्था करने के लिए संकल्प बद्ध है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here