आर्य वीर दल राजस्थान का आवासीय शिविर ।

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कृण्वन्तो विश्वमार्यम्

सारे विश्व को श्रेष्ठ बनाओं

नव युवकों के लिए चरित्र व संस्कार निर्माण शिविर का सुनहरा अवसर

आर्य समाज का युवा संगठन सार्वदेशिक आर्य वीर दल राजस्थान का आवासीय शिविर ।

दिनांक 26 मई रविवार से 2 जून 2024 रविवार तक

स्थान : बाबा मनोहर दास मन्दिर आर्य समाज बूढीबावल तह. कोटकासिम जिला खैरथल (राज.)

आर्यवीर दल शिविर का उद्घाटनः 26 मई 2024, रविवार सायं 4 बजे

आर्यवीर दल शिविर का समापनः 02 जून 2024, रविवार प्रातः 9 बजे

सानिध्य : रामकृष्ण शास्त्री महर्षि दयानन्द योगधाम, बहरोड़ 9461405709

निवेदकः-

अध्यक्षः- ओमकुंवार आर्य

उपाध्यक्षः- सुबे. विजयपाल आर्य मो. 8076759648

मंत्री:- धर्मवीर आर्य मो. 9660624543

कोषाध्यक्षः- रामानन्द आर्य मो.9772764870

संरक्षकः- रोशन लाल आर्य हव. हीरासिंह आर्य

समस्त आर्य समाज कार्यकारिणी एवं समस्त ग्रामवासी

नोटः- पांच दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन मिति ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी से ज्येष्ठ कृश्ण नवमी तक 27 सोमवार से 31 मई शुक्रवार तक

आचार्य भवदेव शास्त्री

प्रान्तीय संचालक आर्यवीर दल राजस्थान

रामकथा का समय रात्रि 8 से 10 बजे तक

-: शिविर में प्रवेश हेतु आवश्यक नियम :-

  1. पंजीकरण शुल्क 200 रू. है।
  2. शिविरार्थियों के आवास, भोजन की व्यवस्था संस्था की ओर से रहेगी।
  3. शिविरार्थियों की आयु कम से कम 12 वर्ष से लेकर अधिक से अधिक कॉलेज स्तर तक हो तथा वह पूर्णरूप से स्वस्थ होना चाहिए।
  4. शिविरार्थियों को शिविर के दौरान अपने साथ कीमती सामान व मोबाइल लाना सख्त मना है।
  5. प्रत्येक शिविरार्थी को दिनचर्या व अनुशासन का पालन करना होगा। समझाने के बाद भी अनुशासनहीनता करने पर शिविर से पृथक कर दिया जायेगा।
  6. छात्र गणवेशः- सफेद टी-शर्ट, खाकी नेकर या पेन्ट, सफेद सेंडो बनियान, सफेद पी.टी. शूज, सफेद मोजे, दो फोटो इत्यादि अनिवार्य है।

-: शिविर की विशेषताएं:-

  1. प्रातः 4 बजे जागरण से रात्रि 9:30 बजे तक व्यवस्थित एवं अनुशासित दिनचर्या ।
  2. सुयोग्य प्रशिक्षकों एवं विद्वानों द्वारा मार्गदशर्न एवं प्रशिक्षण ।
  3. विशेष प्रवचन : ईश्वर, वेद, जीवन का उद्देश्य, उन्नति के उपाय, योग, आयुर्वेद, नशा आदि पर प्रवचन ।
  4. जूछो-कराटे, लाठी, भाला, तलवार, मलखम, कमाण्डो क्षुरिका दण्ड बैठक, सूर्य नमस्कार यौगिक क्रियाऐं।
  5. ईश्वर भक्ति, देशभक्ति संगीत का कार्यक्रम ।
  6. भाषण, वाद-विवाद, संगीत कार्यक्रम, चित्रकला आदि विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन ।
  7. प्रतिदिन संध्या, यज्ञ एवं शुद्ध सात्विक भोजन व्यवस्था।
  8. नशा मुक्ति, युवा जागृति रैली का आयोजन।
  9. समापन समारोह के अवसर पर भव्य व्यायाम-प्रदर्शन व पुरस्कार वितरण।

भामाशाह दानी महानुभाव एक दिन का अथवा एक समय का भोजन, नाश्ता, घी, आटा, दलिया, गेंहू, चावल, चीनी, तेल, दाल, दूध, हवन सामग्री, फल आदि देकर भी सहयोग कर सकते है।

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