अध्यापक-अध्यापिका आध्यात्मिक उत्थान शिविर : साबरकांठा, गुजरात

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शिक्षकों के आध्यात्मिक एवं मानसिक उत्थान का विशेष शिविर

वानप्रस्थ साधक आश्रम, आर्यवन, रोजड़ में 16 से 22 मई 2026 तक “अध्यापक-अध्यापिका अध्यात्म-शिविर” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर विशेष रूप से शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के लिए आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य उनके आध्यात्मिक, मानसिक, नैतिक एवं व्यावसायिक विकास को सशक्त बनाना है।

आज के समय में शिक्षण कार्य केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, संस्कार विकास और जीवन-दृष्टि को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। इसी उद्देश्य से यह शिविर शिक्षकों को एक नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक दृष्टिकोण प्रदान करेगा।


शिविर का मुख्य उद्देश्य

इस शिविर का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों के व्यक्तित्व को भीतर से मजबूत बनाना है, ताकि वे समाज और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकें।

मुख्य बिंदु

  • शिक्षकों की आध्यात्मिक उन्नति
  • शिक्षण की आध्यात्मिक रीति का प्रशिक्षण
  • दबाव एवं तनाव सहने की क्षमता में वृद्धि
  • अंधविश्वास एवं धार्मिक अज्ञानता से मुक्ति
  • व्यापक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास
  • मानसिक शांति एवं आत्मबल की वृद्धि

विशेष प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन

शिविर में अनुभवी विद्वानों एवं प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से—

  • मुनि सत्यजित जी
  • मुनि श्रोतम्ना जी
  • आचार्य कर्मवीर जी
  • आचार्य जोनेश जी
  • डॉ. दीपक जी
  • आचार्य अभय जी

शामिल रहेंगे।

इन विद्वानों के सान्निध्य में शिक्षकों को ध्यान, उपासना, वेद-प्रवचन, योग-आसन, व्यक्तित्व विकास और व्यवहारिक जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।


दैनिक दिनचर्या एवं अनुशासन

शिविर की दिनचर्या अत्यंत सुव्यवस्थित और अनुशासित रखी गई है, जिससे प्रतिभागियों को सम्पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके।

प्रातःकालीन सत्र

  • 04:30 बजे जागरण एवं मंत्रपाठ
  • 05:30 बजे शौच, स्नान
  • 05:30 से 06:00 ध्यान-उपासना
  • 06:10 से 06:50 व्यायाम एवं आसन
  • 07:00 से 08:00 यज्ञ एवं वेद-प्रवचन

दोपहर सत्र

  • भोजन, विश्राम एवं स्वाध्याय
  • CBT सत्र
  • व्यक्तिगत परामर्श
  • सेवा कार्य

सायंकालीन सत्र

  • ध्यान-उपासना प्रशिक्षण
  • सामूहिक भ्रमण
  • भजन एवं उपस्थिति
  • जिज्ञासा-समाधान सत्र

यह दिनचर्या शिक्षकों के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।


शिविर शुल्क एवं पंजीकरण

शिविर शुल्क ₹3000 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है।

विशेष सूचना:
सीमित स्थान उपलब्ध हैं, इसलिए पहले आने वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।


शिक्षकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह शिविर?

आज के समय में शिक्षकों पर बढ़ते कार्यभार और मानसिक तनाव को देखते हुए यह शिविर अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। यह केवल आध्यात्मिक प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने की कला भी सिखाएगा।

संपर्क एवं पता

वानप्रस्थ साधक आश्रम
आर्यवन, रोजड़, ता.- तलोद, साबरकांठा, गुजरात – 383307
मोबाइल: 9427059550, 8290896378


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