स्वामी आत्मानन्द वैदिक गुरुकुल की झलकियाँ

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स्वामी आत्मानन्द वैदिक गुरुकुल की झलकियाँ

गुरुकुल

सुयोग्य आचायों एवं अध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों को प्राचीन एवं आधुनिक शिक्षा दी जाती है। महर्षि श्यामन्द जी एवं अल्प पाचिकृत राज्यों का स्वाध्याय कराया जाता है। विद्यार्थियों को मुद्ध सात्विक पुष्टिदायक भोजन, उत्तम निवास, बरव, पुस्तकें आदि निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती है। शारीरिक उन्नति के लिए आर्मवीर दल का व्यायाम प्रशिक्षण यथा अक्सन, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, दृष्ट-बैठक के साथ-2 आत्मरक्षा के उपाय जुड़ी कराटे, बाठी आदि का सी प्रशिक्षण दिया जाता है।

गुरूकुल में विशेष कार्य

  1. निःशुल्क शिक्षा, भोजन, आवास आदि की सुंदर व्यवस्था।
  2. नित्य प्रति विशेष थी धामग्री से हान।
  3. भारतीय नस्ल की गायों की गीमाला।
  4. बहुद्देशीय विशाल सत्संग भवन प्रभागार
  5. शाला।
  6. महागक्षों का आयोजन।
  7. वेदामुकूल ग्रन्थों का प्रकाशन।
  8. छात्रों का शारीरिक बचारिविक निर्माण।
  9. निःशुल्क धर्मार्थ चिकित्सालय।
  10. स्वच्छ व्यवस्थित अतिथि प्रशाला।
  11. गोष गाँव में प्रचार।
  12. नर्ष में दो भन्य सम्मेलन।
  13. दीन असहायों की सहायता।

आध्यात्मिक विकास हेतु प्रतिदिन सन्ध्या एवं समय-2 पर ध्यान का अभ्यास भी कपमा जाता है।

यज्ञशाला

गुरुकुल में स्थित भव्य यज्ञशाला आश्रम की शोभा को पढ़ाती है जिसमें प्रतिदिन प्रातः सार्य-सत्संग होता है। अवसर विशेषों एवं बार्षिक उत्सवों पर महायज्ञों का आयोजन किया जाता है जिनमें हजारों की संख्या में यक्ष-प्रेमी जन आकर लाभान्वित होते है। इस गुरुकुल आश्रम की विशेष बात यह है कि यज्ञ के समय सभी जन धोती पहन करके ही आश्रम में प्रवेश करते हैं।

प्रचार-प्रसार

गुरुमुच आश्रम में निपान कर रहे आवा वाणप्रत्य-संम्यस्व आमियों द्वारा सामाजिक करने के लिम् गर्दैव-गाँव जाकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है इस पविन कार्य हेतु गुरुकुल आचम में स्थित प्रचार शहन का भी प्रयोग किया जाता है।

वानप्रस्थ एवं सन्यास आश्रम

गृहत्य के कर्तचों से मुफ्त, तत्वाध्याय, साथमा सेया के इच्छुक याची सत्याशियों के लिए भोजन-आवास की व्यवस्था रहेगी। आध्यात्मिक उन्नति के इच्छुक गृहस्य अतिथियों के लिए भी व्यवस्था रहेगी।