“धर्मीं नित्य पवित्र जल से,नियम पूर्वक नहाया कर” दिनचर्या सम्बन्ध भजन

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(१)🌴🌿🎄
“धर्मीं” नित्य पवित्र जल से,
नियम पूर्वक नहाया कर।
अपनी वस्तु अपनी समझो,
मन ना कहीं डुलाया कर।
कष्ट सहो पर धर्म न छोड़ो,
श्रुति पढो पढाया कर।
ईश्वर के गुणगान करो,
ना गीत और के गाया कर।

(२)🍂🌹🌸
वेद पढ़े ब्रह्मचर्य धारे,
नित ही अग्निहोत्र करे।
ज्ञान बढ़ावे करे उपासना,
परम पिता से नित्य डरे।
महायज्ञ पक्षेष्टि करता,
पत्नी का सब कष्ट हरे।
शिल्प विद्या विज्ञान सीखले,
तब ब्राह्मण का देह धरे।

(३)💐🌹🎄
वृद्ध जनों की सेवा करता,
आयु लम्बी पाता है।
सेवा से विद्या मिल जाती,
जीवन सफल बनाता है।
सभी जनों में यश फैले,
और बल पौरुष बढ़ जाता है।
“धर्मवीर”ऐसा जन निश्चय,
सबके मन को भाता है।

(४)💐🌹🪴
काल है कैसा मित्र कौन है,
जो इसकी पहचान करे।
देश है कैसा आय है कितनी,
उतना ही सामान करे।
मैं हूं कौन,है शक्ति कितनी,
इसका पूरा ध्यान करे।
इसका ध्यान करे जो धर्मीं,
सुख से वह गुजरान करे।