आओ, संग हमारे आओ, भक्ति करो भगवान की।

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भक्ति

आओ, संग हमारे आओ
भक्ति करो भगवान की।
समय निकालो थोड़ा-सा,
और कर लो बातें ज्ञान की। ।।1।।

प्रभु है अजर-अमर अविनाशी,
दुखड़े सबके हरता है।
जो भी सच्चे मन से ध्याये,
झोली उसकी भरता है। ।।2।।

अगर तुम्हें सुख पाना है
तो आदत डालो ध्यान की।
आओ, संग हमारे आओ,
भक्ति करो भगवान की। ।।3।।

परमेश्वर है सदा तुम्हारा,
खुद को उसके पास रखो।
सुख-दुःख तो कर्मों का फल है।
ईश्वर पर विश्वास रखो। ।।4।।

दुःख में रोना, घबड़ा जाना,
बातें हैं अज्ञान की।।
आओ, संग हमारे आओ,
भक्ति करो भगवान की ।।5।।

सांसों में, आँखों में,
दिल की धड़कन में प्रभु रहता है।
करने को शुभ कर्म निरन्तर,
वह तो हर पल कहता है। ।।6।।

लेकिन झूठे सुख की खातिर
हम सुनते शैतान की।।
आओ, संग हमारे आओ,
भक्ति करो भगवान की। ।।7।।

बुरे कर्म का बुरा नतीजा,
सदा सभी को मिलता है।
परमेश्वर का बेटी-बेटा,
बुरे काम से डरता है। ।।8।।

करता है नित सेवा वह तो
हर दुखिया इन्सान की।।
आओ, संग हमारे आओ,
भक्ति करो भगवान की।।9।।

अपना जीवन श्रेष्ठ बनाओ,
हर पल खुशियाँ पाओ रूप।
पंच-यज्ञ कर नित्य वेद पढ़,
फिर जग में छा जाओ रूप ।।10।।

वैदिक धर्मी ही रक्षा करता,
माँ के सम्मान की।।
आओ, संग हमारे आओ,
भक्ति करो भगवान की। ।।11।।

संसारी मानव सुखी होगा तब,
इदं न मम हृदयांगम करेगा तब।