युवा चरित्र निर्माण शिविर (बालक वर्ग), बिलासपुर (छ.ग.)

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युवा चरित्र निर्माण शिविर (बालक वर्ग)

दिनांक: 22 दिसंबर रविवार से 29 दिसंबर रविवार 2024 तक

शिविर स्थल – आर्य समाज, गोडपारा, बिलासपुर (छ.ग.)

आयोजक आर्य धर्मशाला न्यास

आदरणीय धर्म व राष्ट्रप्रेमी बन्धुओं, सादर नमस्ते जी

आपको यह जानकर अति प्रसन्नता होगी कि युवाओं में शारीरिक, आत्मिक, नैतिक बल एवं वैदिक सिद्धांतों संस्कारों का प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्र, समाज व परिवार के निर्माण में अहम् भूमिका निभाने हेतु शिविर दिनांक रविवार 22 से रविवार 29 दिसंबर 2024 तक आयोजित किया जा रहा है।

शिविर की विशेषताएं

  1. प्रातः 4 बजे जागरण से रात्रि 9.30 बजे तक व्यवस्थित एवं अनुशासित दिनचर्या ।
  2. सुयोग्य प्रशिक्षकों एवं विद्वानों द्वारा मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण।
  3. विशेष कक्षाएं ईश्वर, धर्म, यज्ञ, जीवन का उद्देश्य, उन्नति के उपाय, योग ब्रहम्वर्य महापुरुषों व देश के बलिदानी वीर वीरांगनाओं की प्रेरणादायी बातें एवं नशे आदि पर विद्वानों द्वारा व्याख्यान ।
  4. विशेष प्रशिक्षण जूहो-कराटे, लाठी, भाला, तलवार, मलखम्ब, कमाण्डो छुरिका, दण्ड-बैठक, सूर्य नमस्कार व यौगिक क्रियाएँ सिखाई जायेगी।
  5. भाषण, वाद-विवाद, संगीत कार्यक्रम, चित्रकला आदि विभित्र प्रतियोगिताओं का आयोजन
  6. प्रतिदिन ईश्वर स्तुति प्रार्थना उपासना, यज्ञ एवं शुद्ध सात्विक भोजन व्यवस्था।

शिविर में प्रवेश हेतु आवश्यक नियम-

  1. पंजीकरण निः शुल्क है।
  2. शिविरार्थियों के भोजन व आवास की व्यवस्था संस्था की ओर से रहेगी।
  3. शिविरार्थियों की आयु लगभग 12 से 18 वर्ष के मध्य हो और यह पूर्ण रूप से स्वस्थ होना चाहिए।
  4. शिविरार्थियों को शिविर में अपने साथ कीमती सामान व मोबाईल लाना सख्त मना है।
  5. प्रत्येक शिविरार्थी को दिनचर्या व अनुशासन का पालन करना होगा, समझाने के बाद भी अनुशासनहीनता करने पर शिविर से बाहर कर दिया जायेगा, जिसकी जिम्मेदारी माता- पिता की होगी।
  6. शिविर गणवेश यथा सम्भव सफेद टी-शर्ट, खाकी नेकर, सफेद सँडो बनियान, सफेद जूते, सफेद मोजे, दो फोटो इत्यादि लेकर आयें
  7. शिविरार्थी अपने साथ मौसम अनुकूल हल्का बिस्तर (दरी व चदर) लायें। आर्य वीर दल का दृढ़ संकल्प है की राष्ट्र की युवा शक्ति को पाश्चात्य संस्कृति के प्रदूषक टी.वी. चैनलों के दुष्प्रभाव व मादक (नशीले) पदाथों के सेवन से बचाया जाये।

यदि माता-पिता चाहते हैं कि

  1. आपके बर्षे आज्ञापालक बनें, बड़ों का आदर व सम्मान करने वाले हों संस्कारित व
    • अनुशासित बनें।
  2. शारीरिक मानसिक व आत्मिक रूप से स्वस्थ व मजबूत बनें।
  3. अपनी ईश्वर प्रदत योग्यताओं का विकास करके स्वयं परिवार समाज तथा राष्ट्र के उत्थान में सहयोगी बनें तो

विशेष निवेदन

आप अपनी सन्तानों के शारीरिक, मानसिक, आत्मिक उन्नत्ति नैतिक उत्थान के लिए इस विशेष शिविर में अपने बधों को अवश्य भेजें और अपने आस-पास व रिश्तेदारों के बच्चों को भी प्रेरित करें। पंजीकरण की अंतिम तिथि 21 दिसंबर 2024 है तथा बच्चों को 22 दिसंबर सायं 6 बजे तक प्रशिक्षण स्थल पर पहुँचना अनिवार्य है।