आर्य समाज मन्दिर
जी०टी० रोड, पं० दीनदयाल उपाध्याय नगर
१०६ वाँ वार्षिक वैदिक धर्म महात्सव
तद्नुसार २५ दिसम्बर २०२४ दिन बुधवार से २८ दिसम्बर २०२४ दिन शनिवार तक
वेद सन्देश
अनु॑व्रतः पितुः पुत्रो मात्रा भ॑वतु संम॑नाः ।
जाया पत्ये मधुमी वाचं वदतु शन्तिवाम् ॥
अथर्ववेद ३/३०/२
अर्थ- (पुत्रः) पुत्र (पितुः) पिता का (अनुव्रतः) अनुव्रत हो अर्थात् उसके व्रतों को पूर्ण करे। पुत्र (मात्रा) माता के साथ (संमनाः) उत्तम मनवाला (भवतु) हो अर्थात् माता के मन को संतुष्ट करने वाला हो। (जाया) पत्नी को चाहिए कि वह (पत्ये) पति के साथ (माधुमतीम) मीठी और (शान्तिवाम्) शान्तिप्रद (वाचम्) वाणी (वदतु) बोले।
अर्थात् सन्तान माता पिता के आज्ञाकारी, और माता पिता सन्तानों के हितकारी, पत्नी और पति आपस में मधुरभाषी तथा सुखदायी हों। यही वैदिक कर्म आनन्दमूल है।

आयोजक मण्डलः-
सर्व श्री वेद प्रकाश ब्रजवासी, अजय सैनी, विजेन्द्र सिंह, श्रीमती चन्द्रावती, श्रीमती रेणुका आर्या, श्रीमती ऋचा सैनी, श्रीमती सत्यावती, शीतला प्रसाद सिंह (प्रचार मंत्री), आर्य मनोज जायसवाल, दीपक कुमार आर्य (आर्यवीर दल अधिष्ठाता), आशीष आर्य (उप मन्त्री)
स्वागताध्यक्ष- श्रीमती सविता आर्या
अरुण कुमार आर्य (प्रधान) 9336059610
त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी (मंत्री) 9454585277
डॉ० अजय कुमार आर्य (कोषाध्यक्ष) 9415983085
विशेष सहयोगी – सर्वश्री कैलाश किशोर पोद्दार, रामकिशोर पोद्दार, सतीश जिन्दल, राजेश सिंह, मनोज अग्रवाल, साईं हंसराज बैटरी, भरत अग्रवाल, डॉ० राजकुमार गुप्ता अलीनगर, योगेश आर्य, पीयूष आर्य, निशान्त आर्य, राजकुमार एडवोकेट ।
सौजन्य से-
मेसर्स श्री केदार नाथ वैद्य एवं श्री केदार नाथ मेडिकल स्टोर
Mob: 9795419541
आमंत्रित विद्वतगण
श्री वीरेन्द्र शास्त्री – उपदेशक, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश
पं० नरेशदत्त आर्य भजनोपदेशक, बिजनौर, उत्तर प्रदेश
डॉ० गायत्री आर्या प्राचार्या, मातूमन्दिर कन्या गुरुकुल, रामापुरा, लक्सा, वाराणसी

विषय बिन्दु
१. ईश्वर और वेद- विद्या-अविद्या, ज्ञान, कर्म, उपासना का विश्लेषण ।
२. धर्म क्या है? वेद और दर्शन ।
३. चारों आश्रम एवं सोलह संस्कारों का महत्व।
४. गुरुकुलीय शिक्षा की आवश्यकता क्यों?
५. राष्ट्र क्या है? राष्ट्र सुरक्षित कैसे रहेगा?
६. सन्तान और राष्ट्र निर्माण में नारी का योगदान ।
७. भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलनों एवं सामाजिक सुधार आन्दोलनों में स्वामी दयानन्द सरस्वती जी का योगदान ।
विशेष अनुरोध :- महिलाओं के बैठने की समुचित व्यवस्था रहेगी। सत्संग परिसर
में धूम्रपान, पान, खैनी, गुटखा, तम्बाकू व अन्य किसी भी प्रकार के नशीले, मादक
उत्तेजक पदार्थों का सेवन न करें। कार्यक्रम में ऋतु अनुसार अथवा समयानुसार
परिवर्तन किया जा सकता है।
यज्ञ में यजमान बनने हेतु मंत्री एवं प्रधान से सम्पर्क करें।
आमंत्रण
धर्मानुरागी सज्जनों / देवियों, आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आर्य समाज, पं० दीनदयाल उपाध्याय नगर का वार्षिकोत्सव निम्नलिखित तिथियों में हर्षोल्लास पूर्वक होने जा रहा है। अतः आप सभी अपने परिवार, इष्टमित्रों सहित पधार कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ावें, धर्मोपदेश का लाभ लें, तन-मन-धन से सहयोग करें एवं यश और पुण्य के भागी बनें।
कार्यक्रम
२५ दिसम्बर २०२४, दिन बुधवार
ऋग्वेद शतक यज्ञ एवं ध्वजारोहण प्रातः ८ बजे से १० बजे तक नगर कीर्तन एवं शोभायात्राः अपराह्न २ बजे से २६ दिसम्बर २०२४, दिन गुरुवार
यजुर्वेद शतक यज्ञ, भजन एवं प्रवचन प्रातः८ बजे से अपराह्न १२ बजे तक संध्या, भजन एवं प्रवचन सायं ५ बजे से ६ बजे तक २७ दिसम्बर २०२४, दिन शुक्रवार
सामवेद शतक यज्ञ, भजन एवं प्रवचन प्रातः८ बजे से अपराह्न १२ बजे तक संध्या, भजन एवं प्रवचन सायं ५ बजे से ६ बजे तक २८ दिसम्बर २०२४, दिन शनिवार (महिला सम्मेलन)
अथर्ववेद शतक यज्ञ, भजन एवं प्रवचन संध्या, भजन एवं प्रवचन प्रातः८ बजे से अपराह्न १२ बजे तक सायं ५ बजे से ६ बजे तक
संयोजिका- श्रीमती सावित्री आर्या
:-मुख्य अतिथि -: नन्दिता शास्त्री – प्राचार्या, पाणिनी कन्या महाविद्यालय, महमूरगंज, वाराणसी
:-विशिष्ट अतिथि-:
श्रीमती अनुराधा कृष्ण रस्तोगी (गायिका एवं समाज सेविका)










