ऋतुओं में बसन्त
ऋतुओं में बसन्त का, वीरों में हनुमन्त का।
दयानन्द सन्त का ऊँचा स्थान है।।1।।
संगीत में साज का, जीवन में सुकाज का।
आर्यसमाज का, ऊँचा स्थान है।।2।।
गर्मी में पवन का, सत्संग भवन का।
संध्या और हवन का, ऊँचा स्थान है।।3।।
पशुओं में गाय का, वेदों में स्वाध्याय का।
वृद्धों की राय का, ऊँचा स्थान है।।4।।
सप्ताह में सण्डे का, मास्टर के डण्डे का।
ओ३म् के झण्डे का, ऊँचा स्थान है।।5।।
नदियों में गंग का, साजों में मृदंग का।
भगवे रंग का, ऊँचा स्थान है।।6।।
बदन में शीश का, गिनती में इक्कीस का।
प्रभु जगदीश का, ऊँचा स्थान है।।7।।
सावन में खीर का, युद्ध में वीर का।
गाय के क्षीर का, ऊँचा स्थान है।।8।।
























