धन्य भाग हैं हमारे-श्रीमान जी
धन्य भाग हैं हमारे-श्रीमान जी
पधारे आज द्वार पर।
स्वागत आपका हृदय से
बार-बार है।। टेक ।।
समय सुहाना यह शुभघड़ी है,
स्नेह भरी द्धष्टि सबकी
आपे पै पड़ी हैं।
बैठो यह लो हाथ मुँह तैयार धो है,
सादर करो स्वागैत आसन आचमन
मधु पर्क दही शहद मिलाकर,
खाओं स्वय पहले औरों को खिला कर,
इस भावना को लिये,
छींटे सात बार दिये सद्व्यवहार है
स्वागत आपका।।2।।
गौदान यह वर उत्तम किया के लिये है,
साधन घर के लिये हैं,
पिता ने कन्या दान,
चार सन्दर गाना शुभ संस्कार है
स्वागत आपका ।।3।।
पुलकिल मन है खुशी ना समाती,
धन्य भाग्य म्हारे पधारे बाराती,
प्रेमी हृदय के उद्गार,
व्यक्त करें किस प्रकार,
खुशी अपार है स्वागत आपका।।4।










