स्वतन्त्र भारत का मैंने सारा इतिहास टटोला है।

0
11

स्वतन्त्र भारत का मैंने सारा इतिहास टटोला है।

स्वतन्त्र भारत का मैंने
सारा इतिहास टटोला है।
बड़ी मुद्दत में लालकिला
मर्दानी भाषा बोला है।।
वीरों की भाषा को दुर्ग
प्राचीरों ने उच्चारा है।
निराशाओं में डूबा देश का
स्वाभिमान उभारा है।।

शास्त्री के पश्चात शत्रु को
प्रथम बार ललकारा है,
ईंट का बदला पत्थर से देगें
सिद्धान्त हमारा है।।

भारत ने करवट बदली,
सारा भूमण्डल डोला है।
बड़ी मुद्दत में लालकिला
मर्दानी भाषा बोला है।।1।।

वीर भोग्या वसुन्धरा उपभोग है
भूमि वीरों की, ऋषि मुनि योगी
ब्रह्मचारी कर्मनिष्ठ रणधीरों की।
कभी नहीं, यह महि रही,
भिखमंगे दीन फकीरों की,
भारत भूमि त्यागी तपस्वी
दानी उदार अमीरों की।

छिपा हुआ यह राज आज
संसार के सन्मुख खोला है,
बड़ी मुद्दत में लालकिला
मर्दानी भाषा बोला है।।2।।

वीरों की ललकार से दुश्मन
छोड़ कारगिल चले गये,
कुछ मर कर कुछ डर कर घर पर
वापिस भुझदिल चले गयें,
धन्य उन्हें जो भारत माँ की
हल कर मुश्किल चले गये,
तन-मन-धन जीवन अर्पण कर
वतन पै तिल-तिल चले गये।
धिक् स्वार्थी तत्व जिन्होंने
अमृत में विष घोला है,
बड़ी मुद्दत में लालकिला
मर्दानी भाषा बोला है।।3।।

पुनीत कर्तव्य

अज्ञानान्धकार में पोषित रूढ़िवाद जातिवाद
क्षेत्रवाद नास्तिकवाद,आदि विनाशकारी
प्रवृत्तियों, एवं आधिभौतिक, आधिदैविक अधात्मिक
त्रय तापों के विरुद्ध संघर्षरत रहते हुये
स्वयं के लिये, समस्त मानव समाज के लिये,
एवं पीढ़ियों के लिये आरोग्यता आस्तिकता,
विवेक तथा सदाचार रूपी ज्ञान के प्रकाश में
सच्चे सुख की प्रप्ति के लिये वातावरण
निर्माणार्थ आजीवन भरसक प्रयास करते रहना
प्रत्येक मानवता प्रेमी का पुनीत कर्तव्य है।