अरी बहिना भारत को कियौ
अरी बहिना भारत को कियौ
बेड़ा पार श्री स्वामी दयानन्द ने।
घोर अविद्या छाई देश में
एजी दियो मिटा घोर अँधियार।
श्री० ।। देश जगाया
ऋषि ने आन के।
मेरी बहिना दूर किया है
अंधकार।। स्वामी
दयानन्द ने। धर्म के
कारण ऋषि विष पियौ।
मेरी बहिना छोड़ दियो घरबार ।।
स्वामी दयानन्द ने। वेद
की नौका फँसी भंवर में।
मेरी बहिना आन लगायी
ऋषि ने पार ।। स्वामी
दयानन्द ने। पोपों की
खोली पोल आन सब।
मेरी बहिना सत्य को
कियौ प्रचार ।। स्वामी दयानन्द ने।










