आओ जवानो आज तुम्हें सिखलाएं
आओ जवानो आज तुम्हें सिखलाएं
सबक जवानी का।
मुख्य चीज नौजवान के
अन्दर मादा हो कुर्बानी का।
- आगे बढ़ता रहे जवान का
पीछे कदम हटै कोन्या।
जब तक शत्रु को रण में
काटै या आप कटै कोन्या।
करना हो सो कर डालै
कल परसों के लिए डटै कोन्या।
हरदम हर घड़ी तैयार रहे
परहित के लिए नटै कोन्या।
छोड़ै नहीं मरोड़ तोड़ मुंह
फोड़ गरे शैतानी का….।
निर्बल और निहत्थे पर
कभी अपना वार करै कोन्या।
लड़ै हमेशा चौड़े में कभी
धोखे से वार करै कोन्या।
आँखों देखा सहन किसी का
अत्याचार करें कोन्या।
विषय व्यसन आदि में फंसकर
जीवन ख्वार करें कोन्या।
‘ताराचन्द’ ना कसर असर
तेरी प्यारी तर्ज बयानी का….।
वह कैसा नौजवान अरि की
पटक पछाड़ करें कोन्या।
पीछे छोड़ै कसर नहीं पर
पहले बिगाड़ करै कोन्या।
हक पर जान लड़ा दे अपनी
नाहक राड़ करै कोन्या।
धड़ से शीश उतर जाए
पर नीची नाड़ करें कोन्या।
आन बान और शान नहीं
फिर क्या करना जिन्दगानी का….।
परवाह नहीं किंचित् मात्र भी
सिर मौत खड़ी हो मुंह बाए।
बारिश मूसलधार पड़ै चाहे
घोर अन्धेरा चढ़ जाए।
चाहै सम्मुख सिंह खड़ा हो
ब्याल खड़ा हो फन ठाए।
पहाड़ समुंदर चीर वीर
अपनी मंजिल तय कर जाए।
निडर विचरकर काम शेर नर
कर अमर निशानी का….।
भौहें रहें भान जवान की
सीना हरदम तना रहे।
खिला रहे चमकीला चेहरा
शेर बब्बर ज्यों बना रहे।
जीवन का मुख्य अंश जवान का
युद्ध हमेशा ठना रहे।
राग क्रान्ति के गाता और
उत्साह बढ़ता घना रहे।
मचा रहे हलचल खलदल में
सुनके नाम बलिदानी का…।










