ओ३म्
महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200वीं जयंती एवं आर्य समाज स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने पर
आर्य समाज सार्द्ध शताब्दी अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन – 2025
भूमिका
आर्य समाज के प्रणेता, युगद्रष्टा, राष्ट्रऋषि महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200वीं जयंती एवं आर्य समाज स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में इस वर्ष एक ऐतिहासिक एवं भव्य आयोजन का आयोजन किया जा रहा है – सार्द्ध शताब्दी अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025।
यह महासम्मेलन 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025{कार्तिक, शुक्ल पक्ष ८-९-१०-११ वि.२०८२ (गुरु-शुक्र-शनि-रवि)}को नई दिल्ली में आयोजित होगा और इसमें न केवल भारत के कोने-कोने से बल्कि विश्व के विभिन्न देशों से आर्यजन, विद्वान, समाजसेवी, युवा एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेंगे।

मुख्य अतिथि:
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी
- सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उनका मार्गदर्शन इस आयोजन को एक नई ऊँचाई प्रदान करेगा, विशेषकर जब बात हो राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सुधार की।
कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र एवं :








कार्यक्रम की समय सारणी का विवरण :




सम्मेलन के उद्देश्य
- आर्य समाज के 150 वर्षों की उपलब्धियों का स्मरण और सम्मान
- वेदों के प्रचार-प्रसार को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना
- सामाजिक सुधार, शिक्षा, और मानव सेवा के लिए नई दिशा तय करना
- युवाओं को आर्य समाज के मूल्यों से जोड़ना

पंजीकरण प्रारंभ
वेबसाइट पर अपना पंजीकरण करने के लिये नीचे क्लिक करे👇👇
उपयोगी निर्देश : –
- वेबसाइट पर Sign Up के बाद एक ही अकाउंट से अपने सभी लोगों का पंजीकरण करवा सकते हैं।
- परिवहन के साधन, आगमन प्रस्थान के समय, आवास चयन, संस्था आदि के आधार पर प्रतिभागियों के अलग-अलग समूह बनाएं। उदाहरण के लिए ऐसे लोगों का एक समूह बनाएं जो एक ही ट्रेन से आ रहे हैं।
- यद्यपि कोई सीमा नहीं रखी गई है परन्तु बेहतर प्रबंध हेतु छोटे-छोटे समूह बनायें (जैसे 25-25 सदस्य)। प्रत्येक समूह का नायक चुनें।
- वेबसाइट पर एक ही अकाउंट में अनेक ग्रुप बना सकते हैं। हर ग्रुप का नाम अपनी सुविधानुसार रख सकते हैं।
- एक-एक करके समूह के सभी सदस्यों का पंजीकरण करें। सभी सदस्यों का अलग-अलग मोबाईल नंबर देंगे तो बेहतर रहेगा।
- प्रत्येक समूह की आवश्यकता अनुसार निःशुल्क अथवा सशुल्क आवास चुनें। अपने आवास की व्यवस्था स्वयं भी कर सकते हैं।
- प्रत्येक समूह के परिवहन के साधन, आगमन / प्रस्थान के समय और स्थान की सूचना देवें। यह जानकारी टिकट बुक होने के बाद भी दे सकते हैं।
- सफल पंजीकरण के बाद प्रत्येक सदस्य की पंजीकरण संख्या उसके मोबाईल नंबर पर भेज दी जाएगी।
- कृपया 30 सितम्बर 2025 तक सभी जानकारी अवश्य डाल देवें ताकि हम आपको अच्छी से अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कर सकें।
पंजीकरण में किसी भी प्रकार की सहायता के लिए 93117 21172 पर कॉल करें।

महासम्मेलन में आने से पूर्व इन बातों का विशेष ध्यान रखें :

इस सम्मेलन का महत्व
यह महासम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महर्षि दयानन्द के विचारों को विश्वमंच पर पुनः प्रतिष्ठित करने का एक संकल्प है। महर्षि दयानन्द के “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” के महान मंत्र को चरितार्थ करते हुए, यह सम्मेलन आर्य समाज के सिद्धांतों, वेद-प्रचार, सामाजिक-सुधार एवं वैदिक जीवनशैली को वैश्विक जनमानस तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा।
सम्मेलन कार्यालय : दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा ,15 – हनुमान रोड, नई दिल्ली – 110001
कार्यक्रम स्थल :
स्वर्ण जयंती पार्क, सेक्टर-10 ,रोहिणी ,दिल्ली
प्रमुख आकर्षण
- महर्षि दयानन्द के जीवन, योगदान एवं विचारों पर वैश्विक विद्वानों के व्याख्यान
- आर्य समाज के 150 वर्षों की यात्रा का चित्रात्मक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शन
- वैदिक यज्ञ, संस्कार, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला
- आर्यवीर दल के युवा वीरों का प्रदर्शन एवं वीरता प्रशिक्षण
- महर्षि दयानन्द स्मृति ग्रंथों, शोध-पत्रों व साहित्य का विमोचन
- अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों द्वारा आर्य समाज के विश्वव्यापी प्रभाव पर प्रस्तुति
- आर्य समाज की शाखाओं, संगठनों व संस्थानों का परिचय व योगदान।

- अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 में किसी भी प्रकार की प्रस्तुति देने हेतु ब्रोशर में दिए गए लिंक अथवा क्यु – आर कोड को स्कैन करके अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म सही प्रकार से भरें।
अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में प्रस्तुति देने हेतु के लिए लिंक पे लिंक करें 👇👇:-
- आप कार्यक्रम में जो प्रस्तुति देना चाह रहे हैं उसका विस्तृत वर्णन सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल के कार्यालय नंबर (8221881203) पर भेजें।
- यदि आप अपनी प्रस्तुति की वीडियो बनाकर भेजते हैं तो विशिष्ट निवेदन पर आगामी कार्यक्रम में आपको अपनी प्रस्तुति को मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा।
- आप सभी से निवेदन है कि नित्य प्रति अपनी शाखाओं में आर्य वीरों व वीरांगनाओं को शारीरिक प्रशिक्षण देते रहें। कार्यक्रम हेतु सामूहिक प्रशिक्षण का समय और स्थान आपको शीघ्र ही सूचित किया जाएगा।
- अतः अधिक से अधिक संख्या में आर्य वीर और वीरांगनाओं को प्रशिक्षित करें।🙏
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण :











कार्यक्रम की दिशा निर्देश एवं महत्वपूर्ण सूचनाएँ :


आर्य महासम्मेलन में परिवहन हेतु आवश्यक सूचना :
रेलवे स्टेशन से सम्मेलन स्थल तक पहुँचने की मेट्रो मार्गदर्शिका :
1. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से आने वाले आर्यजन हेतु
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन (अजमेरी गेट साइड) पर जाएँ। वहाँ से मेट्रो से रोहिणी सेक्टर 18,19 स्टेशन (Yellow लाइन) पर उतरें।
📞सहायता हेतु सम्पर्क करें –
- पंकज मलिक: 📞 9868179888
- अश्वनी लिखा: 📞 9560057771
2. पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से आने वाले आर्यजन हेतु
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन (चांदनी चौक साइड) पर जाएँ। वहाँ से मेट्रो से रोहिणी सेक्टर 18,19 स्टेशन (Yellow लाइन) पर उतरें।
📞सहायता के लिए संपर्क करें – 👇
- धर्मवीर आर्य: 📞 9811227215
- अमित आर्य: 📞 9871761022
3. निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने वाले आर्यजन हेतु
निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उत्तरने के बाद सराय काले खां मेट्रो स्टेशन (Pink लाइन) से मेट्रो पर चढ़ें। Netaji Subhash Place मेट्रो स्टेशन पर उतरकर दूसरी मेट्रो (Red लाइन) लें और रिठाला स्टेशन पर उतरें।
📞सहायता हेतु सम्पर्क करें –
- साहिल आर्य: 📞 9999847989
- विक्की आर्य: 📞 9654291408
4. आनन्द विहार रेलवे स्टेशन से आने वाले आर्यजन हेतु
आनन्द विहार रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद आनन्द विहार मेट्रो स्टेशन (Pink लाइन) से मेट्रो पर चढ़ें। Welcome मेट्रो स्टेशन पर उतरकर दूसरी मेट्रो (Red लाइन) लें और रिठाला स्टेशन पर उतरें।
📞सहायता हेतु सम्पर्क करें👇 –
- संजय आर्य: 📞 8376975066
- कार्तिके आर्य: 📞 9717938778
5. सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन से आने वाले आर्यजन हेतु
सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद विवेकानंद हाल्ट से बाहर निकलकर शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन (Red लाइन) की ओर जाएँ। वहां से मेट्रो से रिठाला स्टेशन पर उतरें।
📞सहायता हेतु सम्पर्क करें –👇
- बिट्टू आर्य: 📞 9958403031
- दीपक आर्य: 📞 8368857057
सम्मेलन स्थल तक बस सुविधा नि:शुल्क :
रिठाला एवं रोहिणी सेक्टर 18,19 मेट्रो स्टेशनों से स्वर्ण जयंती पार्क (सम्मेलन स्थल) तक पहुँचने के लिए निःशुल्क बस व्यवस्था आयोजकों द्वारा की गई है।
🚏 रिठाला मेट्रो स्टेशन: गेट नं. 3 से बाहर आएँ
🚏 रोहिणी सेक्टर 18,19 मेट्रो स्टेशन: गेट नं. 1 से बाहर आएँ
📌 ध्यान दें:
मेट्रो स्टेशन से बाहर आने पर बसों के लिए कुछ समय प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।

🙏 मेट्रो स्टेशन सहायता हेतु सम्पर्क
रिठाला मेट्रो स्टेशन
- अभिनंदन आर्य: 📞 9990360709
- नीरज आर्य: 📞 —
- आयुष आर्य: 📞 8882652274
रोहिणी मेट्रो स्टेशन
- रजत आर्य: 📞 7835903763
- मंजीत आर्य: 📞 8377050424
- 9654209524
⚡ परिवहन समिति – आपातकाल सम्पर्क सूत्र
📞 9811130250, 9811042718, 9873259295, 9818300828

महासम्मेलन में पुस्तक प्रेमियों के लिए विशेष सुविधाएँ :-
महासम्मेलन के इस वर्ष के आयोजन में पुस्तक प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण रखा गया है — अब तक का सबसे बड़ा पुस्तक बाजार ! इस भव्य बाजार में वैदिक साहित्य, आयुर्वेदिक औषधियाँ, आध्यात्मिक ग्रंथ, शिक्षा एवं संस्कार साहित्य आदि के 200 से अधिक स्टॉल स्थापित किए जा रहे हैं। यह अवसर उन सभी के लिए है जो अपने ज्ञान-संग्रह को समृद्ध करने और वैदिक संस्कृति से गहराई से जुड़ने की अभिलाषा रखते हैं।
पुस्तक प्रेमियों की सुविधा का विशेष ध्यान :-
पिछले आयोजनों में यह देखा गया कि पुस्तकें खरीदने के बाद उनके भार के कारण विशाल सम्मेलन परिसर में घूमना कठिन हो जाता था, जिसके कारण कई लोग अपनी इच्छानुसार पुस्तकें नहीं खरीद पाते थे।
इसी असुविधा को ध्यान में रखते हुए, इस बार आयोजकों ने पुस्तक बाजार में अनेक उपयोगी सुविधाएँ प्रदान करने की योजना बनाई है, ताकि पुस्तक प्रेमी भारमुक्त होकर सम्मेलन का पूर्ण आनंद उठा सकें।

1. पुस्तक बाजार क्लॉक रूम (निःशुल्क सेवा) :-
आप अपने द्वारा खरीदे गए साहित्य या सामान को यहाँ सुरक्षित रखवा सकते हैं।
दिनभर भ्रमण करने के पश्चात आप सुविधापूर्वक वहीं से अपना सामान प्राप्त कर सकते हैं।
यह सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध होगी।
2. पार्किंग में सामान भिजवाने की सुविधा (सशुल्क) :-
जो सहभागी अपने वाहन से सम्मेलन स्थल पर आए हैं, वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
आपका सामान पुस्तक बाजार से सीधे महासम्मेलन पार्किंग में स्थित आपके वाहन तक पहुँचा दिया जाएगा।
3. पोर्टर सेवा (सशुल्क) :-
इस सेवा के अंतर्गत आप अपने क्रय किए गए साहित्य को पुस्तक बाजार से सीधे दिल्ली स्थित अपने होटल या घर तक भिजवा सकते हैं।
यह सेवा उन लोगों के लिए विशेष उपयोगी है जो अधिक पुस्तकें खरीदते हैं और उन्हें सुरक्षित रूप से अपने घर तक पहुँचाना चाहते हैं।
4. कोरियर सेवा (सशुल्क) :-
इस सुविधा के अंतर्गत आप अपने द्वारा खरीदे गए साहित्य को देश के किसी भी कोने में कोरियर के माध्यम से भेज सकते हैं।
यह सेवा विशेष रूप से उन प्रतिभागियों के लिए उपयोगी है जो दूर-दराज़ से सम्मेलन में पधारे हैं।
महासम्मेलन का यह पुस्तक बाजार न केवल ज्ञान-विस्तार का माध्यम बनेगा, बल्कि इसकी सुविचारित सुविधाएँ हर पुस्तक प्रेमी के अनुभव को सहज, सरल और आनंददायी बनाएँगी।
इस बार का सम्मेलन वास्तव में एक ज्ञान-उत्सव का रूप धारण करने जा रहा है — जहाँ वैदिक साहित्य के साथ-साथ आधुनिक सुविधा और व्यवस्था का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय वैदिक शोध संगोष्ठी :-
विषय : “स्वर्णिम भारत के नवनिर्माण में ऋषि परम्परा का योगदान”
आर्य समाज की सार्धशताब्दी (150 वर्ष) के पावन अवसर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन के अंतर्गत एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय वैदिक शोध संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस संगोष्ठी का उद्देश्य है — वैदिक एवं ऋषि परम्परा के उस गूढ़ ज्ञान का पुनर्प्रकाश करना, जिसने भारत को युगों-युगों तक वैभव, विवेक और विज्ञान से आलोकित किया।
इस अवसर पर देश-विदेश के विद्वान, मनीषी, शिक्षाविद्, शोधार्थी एवं वैदिक चिन्तक आमंत्रित हैं कि वे “स्वर्णिम भारत के नवनिर्माण में ऋषि परम्परा के योगदान” विषय के अंतर्गत अपने शोध प्रस्तुत करें।
इच्छुक महानुभावों से अनुरोध है कि वे अपने शोधपत्र का 10 से 15 पंक्तियों का सारांश दिनांक 10 अक्टूबर 2025 तक निम्न ईमेल पते पर प्रेषित करें —
📧 iams2025delhi@gmail.com
शोध के लिए प्रमुख केन्द्रीय विषय :-
- ब्रह्मा से जैमिनि पर्यन्त ऋषियों की भारतवर्ष को देन
- महर्षि दयानन्द का स्वतन्त्रता संग्राम में योगदान
- भारतीय संन्यास परम्परा में योग के ऋषि
- हिंदी एवं संस्कृत साहित्य लेखन परम्परा में महर्षि दयानन्द की शिष्य परम्परा का योगदान
- संस्कृत और संस्कृति के विकास में गुरुकुलों की भूमिका
- भारत के विभिन्न धार्मिक संप्रदायों में वेद एवं उपनिषदों का प्रभाव
- सनातन परम्परा के वेदभाष्यकार एवं उनकी व्याख्या-पद्धति
- स्वर्णिम भारत के निर्माण में महात्मा बुद्ध एवं महावीर की शिक्षाओं का योगदान
- सनातन परम्परा के ऋषियों एवं आचार्यों की राष्ट्र को देन
- सिक्ख परम्परा के गुरुओं का समाज, संस्कृति एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान
- भारतीय ज्ञान परम्परा में साधुओं, संतों एवं कवियों का योगदान
संरक्षक मण्डल :-
स्वामी प्रणवानन्द सरस्वती, प्रो. शशिप्रभा कुमार , डॉ. वेदपाल , प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी , प्रो. वीरेन्द्र अलंकार , डॉ. ज्वलन्त कुमार शास्त्री , आचार्या सुमेधा, सुकामा नन्दिता शास्त्री, प्रीति विमर्शिनी सूर्या देवी जी , प्रो. धर्मेन्द्र शास्त्री , प्रो. कमलेश चौकसी , प्रो. सुदेश छिकारा , प्रो. अंजू सेठ
संयोजक समिति :-
प्रो. रमा जी, प्रो. विनय विद्यालंकार, प्रो. कृष्णा रंगा, प्रो. प्रभात सेंगर, प्रो. सुरेन्द्र कुमार, प्रो. जवाहरलाल, प्रो. पुष्पेन्द्र जोशी, प्रो. भावप्रकाश, डॉ. प्रियंका एवं डॉ. प्रतिभा, प्रो. रवि प्रकाश, प्रो. नरेश धीमान, प्रो. नीरज शर्मा, प्रो. जयप्रकाश, प्रो. एच.एल. वर्मा, डॉ. देवेश शैलेश
संगोष्ठी संयोजक :-
प्रो. सुधीर कुमार आर्य
📞 संपर्क सूत्र : 9650925030

आर्य परिवारों के विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन :-
आर्य महासम्मेलन 2025 के अंतर्गत एक संस्कारपूर्ण पहल :-
आर्य समाज की महान परम्परा में विवाह केवल एक सामाजिक अनुबंध नहीं, बल्कि एक संस्कारपूर्ण वैदिक बंधन माना गया है — जो जीवन में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के संतुलन का आधार बनता है।
इसी आदर्श को ध्यान में रखते हुए, अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 के पावन अवसर पर, विवाह योग्य आर्य परिवारों के संस्कारी एवं शिक्षित युवक-युवतियों को एक ही मंच पर लाने हेतु विशेष आयोजन किया जा रहा है —
“युवक-युवती वैवाहिक परिचय सम्मेलन 2025” :-
इस आयोजन का उद्देश्य है कि आर्य परिवारों के बीच वैदिक सिद्धांतों पर आधारित, समान संस्कारों वाले परिवारों में सुयोग्य वर-वधु का चयन सहज और मर्यादित वातावरण में हो सके।
कार्यक्रम की तिथियाँ एवं समय :-
कार्यालय सम्मेलन स्थल पर पंजीकरण एवं परिचय सत्र हेतु :
🗓 दिनांक: 30 अक्टूबर, 31 अक्टूबर एवं 1 नवम्बर 2025
⏰ समय: प्रातः 10:00 से 12:00 बजे तक एवं सायं 5:00 से 7:00 बजे तक
मुख्य परिचय सम्मेलन :
🗓 दिनांक: 2 नवम्बर 2025
⏰ समय: अपराह्न 1:00 से 4:00 बजे तक
स्थान :-
अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन स्थल
स्वर्ण जयंती पार्क, रोहिणी, सैक्टर 10, नई दिल्ली – 110085
संपर्क सूत्र :-
अधिक जानकारी एवं पंजीकरण हेतु संपर्क करें —
डॉ. प्रतिभा नन्द : ☎ 8800514668
विशेषताएँ :-
आर्य समाज के सिद्धांतों पर आधारित वैदिक विवाह दृष्टिकोण
संस्कारी, शिक्षित एवं सुसंस्कृत युवक-युवतियों का परिचय मंच
आर्य परिवारों के बीच आपसी संवाद और परिचय का अवसर
शालीन, मर्यादित एवं पारिवारिक वातावरण में वैवाहिक परिचय की सुविधा
आयोजक समिति :
दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा, सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, ज्ञान ज्योति महोत्सव आयोजन समिति
विश्व की समस्त आर्यसमाजों, प्रतिनिधि सभाओं, विद्यालयों, गुरुकुलों एवं आर्य संस्थानों से अनुरोध है कि
- महासम्मेलन की तिथियां नोट कर लें
- इन तिथियों में अपना और अपनी संस्था का कोई भी आयोजन न रखें ।
- अपने सम्पर्क में आने वाले सभी महानुभावों एवं संस्थाओं को सूचित करें ।
- प्रत्येक आर्यजन सपरिवार इष्ट मित्रों सहित अभी से दिल्ली पहुंचने की तैयारियाँ करें ।
- रेलवे आरक्षण 60 दिन पूर्व आरम्भ होते हैं, इसका ध्यान रखें ।
- सम्मेलन स्थल पर 28 अक्तूबर की रात्रि से भोजन व्यवस्था सभी आगन्तुकों के लिए आरम्भ कर दी जाएगी।

इस महासम्मेलन के अंतर्गत लगने वाले पुस्तक बाजार में इस बार विशेष रूप से खुले लेखक मंच की स्थापना की जा रही है। इसका उद्देश्य वैदिक साहित्य और उससे संबंधित विभिन्न विधाओं के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।
इस मंच की विशेषताएँ :-
- पुस्तक विक्रेता, लेखक, पत्रकार, संपादक और साहित्यकार यहाँ अपने विचार प्रस्तुत कर सकेंगे।
- वैदिक साहित्य पर आधारित गोष्ठियाँ, विचार-विमर्श, आपसी चर्चाएँ और भावी योजनाओं पर मंथन आयोजित होंगे।
- कोई भी इच्छुक व्यक्ति इस मंच का प्रयोग वैदिक साहित्य के अध्ययन और चर्चा के लिए कर सकता है।
- प्रकाशक सामान्य शुल्क देकर अपनी नई पुस्तकों का लोकार्पण और परिचर्चा इस मंच से कर पाएंगे।
विशेष निमंत्रण
यह आयोजन विशेष रूप से वैदिक साहित्य के प्रकाशकों, लेखकों, साहित्यकारों, संपादकों, पत्रकारों, बाल साहित्यकारों तथा संबंधित संस्थाओं के लिए शुभ अवसर है।
आयोजकों का निवेदन है कि इच्छुक व्यक्ति या संस्था इस मंच का लाभ लेने के लिए शीघ्र ही अपने दिन और समय का आरक्षण करा लें।
संपर्क सूत्र
अजय आर्य – 📞 9810064035
देश-विदेश से हजारों की संख्या में आर्य बंधु-भगिनियां इस महासम्मेलन में सम्मिलित होंगे। इस अवसर पर आगंतुकों की सुविधा के लिए आयोजकों ने निःशुल्क एवं सशुल्क आवास व्यवस्था की विशेष रूप से घोषणा की है।

निःशुल्क आवास व्यवस्था
महासम्मेलन में आने वाले प्रतिभागियों हेतु निःशुल्क आवास की सुविधा नजदीकी आर्य समाज मंदिरों, विद्यालयों और धर्मशालाओं में की गई है।
- आवास प्राप्त करने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को पहचान पत्र और आवश्यक जानकारी महासम्मेलन स्थल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
- प्रतिभागियों से अपेक्षा है कि वे न्यूनतम सामान ही साथ लाएँ और कीमती वस्तुएँ जैसे सोने-चाँदी के आभूषण अथवा बड़ी धनराशि साथ न रखें।
सशुल्क आवास व्यवस्था प्रराम्भ :-
1. होटल में AC रूम
- डबल बेड व अटैच्ड बाथरूम सहित कमरे
- ₹1500 प्रतिदिन (2 व्यक्तियों हेतु) से प्रारम्भ
- सीमित कमरे उपलब्ध, बुकिंग पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर होगी।
2. सम्मेलन स्थल पर सशुल्क बेड
- 1 टेंट में लगभग 100 बेड की व्यवस्था
- प्रति व्यक्ति ₹1000 (5 दिनों के लिए)
- सुविधाएँ : फोल्डिंग पलंग, गद्दा, तकिया, कंबल, स्नान व शौचालय

बुकिंग प्रक्रिया
सशुल्क आवास की बुकिंग हेतु प्रतिभागियों को महासम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट www.aryamahasammelan.com पर जाकर अपने My Account में Book Paid Accommodation विकल्प चुनना होगा।
- चयनित विकल्प के अनुसार ऑनलाइन भुगतान करने के बाद ही बुकिंग की पुष्टि होगी।
- समय रहते अग्रिम बुकिंग करने की सलाह दी गई है, क्योंकि सभी व्यवस्थाएँ सीमित हैं।
स्थान सीमित हैं शीघ्र बुकिंग करायें !
उपयोगी परामर्श :
दिल्ली में अक्टूबर-नवम्बर के दिनों में हल्की ठंड का मौसम रहता है, अतः प्रतिभागी अपने साथ गर्म वस्त्र अवश्य रखें। सभी व्यवस्थाएँ पारदर्शी एवं सुविधाजनक ढंग से करने का प्रयास किया गया है ताकि हर सहभागी पूर्ण श्रद्धा और उत्साह के साथ इस महायज्ञ समान सम्मेलन का आनंद ले सके।
सहभागिता एवं प्रचार :
महासम्मेलन को सफल बनाने हेतु आर्य समाज मंदिरों, संस्थाओं और प्रतिष्ठानों से आग्रह है कि वे अपने क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर सम्मेलन के बैनर/होर्डिंग्स लगाएँ।
- इन बैनरों पर अपनी संस्था का नाम अथवा किसी व्यक्ति की फोटो भी लगाई जा सकती है।
- इसके लिए तैयार डिज़ाइन उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें डाउनलोड करके उपयोग किया जा सकता है।
मह्मसम्मेलन हेतु कार्यकर्ता पंजीकरण :
आर्य समाज के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देश-विदेश से लाखों आर्यजन इस आर्य महासम्मेलन में पधार रहे हैं।
छोटी-बड़ी अनेक व्यवस्थाओं के सफल प्रबंधन से ही इतने विशाल महासम्मेलन की सफलता सुनिश्चित होती है जो कि हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं के निःस्वार्थ योगदान से ही सम्भव है।
भोजन वितरण व्यवस्था, आवास व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, माइक एवं साउंड व्यवस्था, बिजली व्यवस्था, शौचालय एवं जल आपूर्ति व्यवस्था,पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, फोटो एवं वीडियोग्राफी व्यवस्था, स्वागत एवं सूचना केन्द्र व्यवस्था, सज्जा व्यवस्था, पंजीकरण व्यवस्था, सोशल मीडिया प्रचार, वृद्धजन सहायता व्यवस्था, सन्यासी विद्वान, सेवा व्यवस्था, मातृत्व सहायता स्थल प्रबंधन, गौशाला प्रबंध, किड्स जोन प्रबंधन, प्रेस मीडिया प्रबंधन, लाईव टेलीकास्ट प्रबंधन, पंडाल दर्शक प्रबन्धन, यज्ञशाला प्रबंधन, 15000 यज्ञ प्रबंधन, योग साधना मंच प्रबंधन, प्रदर्शनी प्रबंधन, यातायात प्रबंधन,आपदा प्रबन्धन, इत्यादि ।

यदि आप महासम्मेलन में 5 दिन (29 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2025) का समय और ऊर्जा समर्पित करने के इच्छुक हैं, तो कृपया नीचे लिंक पर आवेदन करें👇👇

बैनर/होर्डिंग डाउनलोड सुविधा
बैनर एवं होर्डिंग्स के डिज़ाइन डाउनलोड करने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करें👇👇:

विभिन्न भाषाओं में वैदिक गोष्ठियां का आयोजन :-
• नवम्बर, 2025 स्थानः हॉल नं -6
- प्रथम सत्र – प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे (मराठी, गुजराती, संस्कृत, सिंधी, भोजपुरी)
- द्वितीय सत्र – दोपहर 1:00 बजे से सायं 3:00 बजे (तेलुगु, तमिल, कन्नड, मलयालम, पंजाबी)
- तृतीय सत्र - सायं 3:30 बजे से सायं 5:30 बजे (असम, बंगाली, नेपाली, उड़िया, हरियाणवी)
- चतुर्थ सत्र – सायं 6:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे (स्पेनिश, डच, फ्रेंच, क्रिओल, बर्मी, उर्दू, सूरीनामी)
गोष्ठि में भाग लेने के लिए सम्पर्क करें :-
प्रो. सुधीर कुमार आर्य, 9650925030

आकर्षक स्मारिका का प्रकाशन :
महासम्मेलन के अवसर पर एक आकर्षक स्मारिका प्रकाशित की जा रही है, जिसमें आर्य समाज की उपलब्धियाँ, प्रेरक विचार, संस्थागत योगदान और भविष्य की योजनाएँ प्रकाशित होंगी।
यह स्मारिका आर्य समाज के 150 वर्षों के उज्ज्वल इतिहास को संजोने वाला एक अमूल्य दस्तावेज़ होगी।
सभी आर्य समाजों, संस्थाओं, आर्य परिवारों एवं आर्यजनों से इस स्मारिका में विज्ञापन एवं लेखों के माध्यम से सहयोग का सादर आमंत्रण किया गया है।
विज्ञापन दरें :-
प्रकार पूर्ण पृष्ठ अर्ध पृष्ठ
रंगीन विज्ञापन ₹50,000 ₹25,000
श्याम-श्वेत विज्ञापन ₹30,000 ₹15,000
आवरण पृष्ठ (रंगीन – प्रथम, द्वितीय, तृतीय) ₹2,50,000 —
अंतिम पृष्ठ ₹2,50,000 —
लेख आमंत्रण :-
यदि आप अपने मौलिक लेख, विचार या अनुभव स्मारिका में प्रकाशित करवाना चाहते हैं तो अपना लेख नीचे दिए ईमेल पते पर भेज सकते हैं –
📧 sammelansmarika@gmail.com

गुरुकुलीय प्रतियोगिताओं का आयोजन :
अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन के इस ऐतिहासिक अवसर पर विविध वैदिक, शास्त्रीय एवं गुरुकुलीय प्रतियोगिताओं का विशेष आयोजन किया जा रहा है।
इन प्रतियोगिताओं में देश-विदेश के समस्त आर्य गुरुकुलों एवं कन्या गुरुकुलों के छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया है।
सभी माननीय अधिकारियों, प्रधानाचार्यों एवं आचार्य महोदयों से अनुरोध है कि वे अपने संस्थानों के विद्यार्थियों को इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
प्रतियोगिताओं की विशेषताएँ :
- प्रत्येक प्रतिभागी को आकर्षक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
- विजेताओं को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
- प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में वैदिक संस्कृति, भाषा और शास्त्रों के प्रति प्रेम, ज्ञान और अनुशासन का विकास किया जाएगा।
आयोजन की तिथि एवं स्थान :
📍 स्थान: स्वर्ण जयंती पार्क, रोहिणी सेक्टर-10, नई दिल्ली – 110085
🗓️ तिथि: 30 अक्टूबर से 2 नवंबर 2025 तक
संपर्क सूत्र :
प्रतियोगिताओं एवं सहभागिता से संबंधित अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें –
📱 9411106104, 9650183332
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आयोजन समिति :
अध्यक्ष: स्वामी प्रणवानन्द सरस्वती
संयोजक (वैदिक-गुरुकुलीय-शास्त्रीय प्रतिस्पर्धा): आचार्य डॉ. धनञ्जय
संयोजक (अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025): धर्मपाल आर्य
दान हेतु अपील :-

महासम्मेलन की सफलता हेतु Delhi Arya Pratinidhi Sabha के नाम से आप सहयोग कर सकते हैं नीचे दिए गए फोटो में खाते का विवरण एवं कर कोड भी दिया गया है आप इसमें सहयोग कर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करें |
नोट – दान की रसीद हेतु भुगतान का स्क्रीनशॉट एवं चेक जमा करने की पर्ची आप इस नंबर 9540040388 पर व्हाट्सएप करें
सार्द्ध शताब्दी अन्तर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 केवल आर्य समाज का नहीं, यह संपूर्ण विश्व की आध्यात्मिक जागरूकता का पर्व है। आइए, हम सब मिलकर इस यज्ञ में आहुति दें और विश्व में वैदिक संस्कृति, सत्य, धर्म और ज्ञान का प्रकाश फैलाएं एवं महर्षि दयानन्द के विचारों का ध्वज पुनः ऊँचा करें।
यह चार दिवसीय महासम्मेलन न केवल आर्य समाज के अनुयायियों के लिए एक आध्यात्मिक संगम होगा, बल्कि राष्ट्र निर्माण और मानव सेवा के मूल्यों को पुनः जागृत करने का एक सशक्त मंच भी बनेगा।
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