मेरे देवता मुझको देना सहारा

0
64

मेरे देवता मुझको देना सहारा

मेरे देवता मुझको देना सहारा-
कहीं छूट जाये ना दामन तुम्हारा।

तेरे गीत हरदम गाता रहूँ मैं,
सुबह-शाम तुझको ही ध्याता रहूँ में।
तेरा नाम मुझको है प्राणों से प्यारा
कहीं छूट जाये ना दामन तुम्हारा।

चमकते हैं दुनियाँ में चाँद तारे,
तेरी ज्योति से ज्योति लेते हैं सारे।
घुमाता है इनको एक तेरा सहारा-
कहीं छूट जाये ना दामन तुम्हारा।

तेरे रास्ते से मुझको हटाती है दुनिया,
मनोहर बहुत रूप दिखाती है दुनिया।
न देखूं मैं जग का ये झूठा इशारा
कहीं छूट जाये ना दामन तुम्हारा।

सिवा तेरे मुझमें समाये न कोई,
लगन का ये दीपक बुझाये न कोई।
तू ही मेरी नदियाँ तू ही है किनारा
कहीं छूट जाये ना दामन तुम्हारा।