शिविर का परिचय
गुरुकुल विश्वभारती, भैयापुर (रोहतक) के तत्वावधान में आठ दिवसीय आवासीय व्यायाम प्रशिक्षण एवं चरित्र निर्माण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर विशेष रूप से युवाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया है, जिसमें शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक उन्नति पर विशेष बल दिया जाएगा।
शिविर अवधि: 5 जून 2026 से 12 जून 2026
स्थान: गुरुकुल विश्वभारती, भैयापुर, लाहौता रोड, रोहतक
शिविर का उद्देश्य
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल शारीरिक रूप से सक्षम बनाना ही नहीं, बल्कि उनके अंदर संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास करना भी है।
मुख्य उद्देश्य:
- युवाओं को संस्कारित बनाना
- चरित्र निर्माण पर विशेष बल देना
- अनुशासन, सेवा भाव और पुरुषार्थ का विकास करना
- आत्मरक्षा के गुण सिखाना
- नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों को विकसित करना
शिविर के मुख्य विषय
शिविर में प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के व्यायाम एवं प्रशिक्षण दिए जाएंगे, जो उनके जीवन को अनुशासित और सशक्त बनाएंगे।
प्रमुख प्रशिक्षण:
- भारतीय व्यायाम पद्धति: दण्ड बैठक, लाठी, भाला, मल्लखम्भ
- योग एवं ध्यान: योगासन एवं मानसिक एकाग्रता का अभ्यास
- विशेष प्रशिक्षण: तृतीय नेत्र (एकाग्रता) विकास के अभ्यास
- व्यावहारिक जीवन कौशल: अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता का विकास
शिविर संचालन एवं मार्गदर्शन
यह शिविर अनुभवी आचार्यों के मार्गदर्शन में संचालित होगा, जो प्रतिभागियों को सही दिशा प्रदान करेंगे।
मुख्य पदाधिकारी:
- शिविर संयोजक: श्रद्धेय आचार्य हरिदत्त जी उपाध्याय
- शिविर अध्यक्ष: आदरणीय संदीप आर्य जी दर्शनाचार्य
- शिविर संचालक एवं प्रबंधक: आचार्य नंदकिशोर जी
- शिविर व्यवस्थापक: आदरणीय श्री नंदलाल जी शास्त्री
प्रशिक्षकगण:
रामवीर आर्य, करण आर्य, हिमांशु आर्य, आयुष विद्यार्थी, सागर आर्य, प्रिंस आर्य
आवश्यक निर्देश
शिविर में भाग लेने से पूर्व निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है:
- आयु सीमा: न्यूनतम 12 वर्ष
- ड्रेस: खाकी निकर, सफेद टी-शर्ट, सफेद जूते
- साथ लाएं: कॉपी एवं पेन
- मोबाइल एवं कीमती सामान साथ न लाएं
- 5 जून को दोपहर 2 बजे तक शिविर स्थल पर पहुंचना अनिवार्य है
- सीमित स्थान — शीघ्र पंजीकरण कराएं
पंजीकरण एवं संपर्क
पंजीकरण की अंतिम तिथि: 28 मई 2026
अधिक जानकारी एवं पंजीकरण हेतु संपर्क करें:
6396094891, 9671133265, 8901140225
निष्कर्ष
यह शिविर युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जहां वे संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और शारीरिक दक्षता प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार के प्रशिक्षण से न केवल व्यक्तित्व का विकास होता है, बल्कि जीवन को एक नई दिशा भी मिलती है। अतः अधिक से अधिक युवाओं को इस शिविर में भाग लेकर इसका लाभ उठाना चाहिए।
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