*वैदिक शिक्षा*

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बच्चों को स्मरण कराने योग्य वाक्य

*महामृत्युंजय मन्त्र से प्रार्थना*

*1. त्र्यम्बकं यजामहे।-* हे तीनों कालों के ज्ञाता परमेश्वर !हम आपकी स्तुति करते हैं।

*2. सुगन्धिं पुष्टि वर्धनम्।-* आप सुगन्धि और पुष्टि को बढ़ाने वाले हैं।

*3.उर्वारुकमिव बन्धनात्।-* जैसे खरबूजा पक जाने पर मीठा होकर अपने डण्ठल से आसानी से अलग हो जाता है वैसे।

*4. मृत्योर्मुक्षीय मा अमृतात्।-* हम भी मृत्यु के बन्धन से आसानी से छूट जायें किन्तु आपके अमृत आनन्द से दूर न रहें ।

*5. त्र्यम्बकं यजामहे।-* हे रुद्र स्वरूप तीनों कालों के ज्ञाता परमेश्वर ! हम आपकी उपासना करते हैं।

*6. सुगन्धिं पति वेदनम्।-* आप यश कीर्ति और रक्षण शक्ति को देने वाले हैं।

*7. उर्वारुकमिव बन्धनात्।-* जैसे खरबूजा पक जाने पर अपने लता से छूट कर अमृत के समान मीठा हो जाता है वैसे।

*8. इतोमुक्षीय मामुत:।-* हम भी इस शरीर से छूट जायें और आपके मोक्ष आनन्द से पृथक् न होवें।

*9. यां मेधां देवगणा:।-* जिस मेधा बुद्धि की विद्वान् गण याचना करते हैं।

*10. पितरोश्चोपासते।-*महात्माजन जिसकी कामना करते हैं।

*11. तयामामद्य मेधया।-* उसी मेधा बुद्धि से।

*12. अग्ने मेधाविनं कुरु।-* हे अग्नि परमात्मा ! मुझे मेधावी बनाइये।

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