आर्य समाज भजन

पक्षपात और अपस्वार्थ को छोड़ सरल होकर तू ध्यान।

पक्षपात और अपस्वार्थ को छोड़ सरल होकर तू ध्यान। (लावनी) पक्षपात और अपस्वार्थ कोछोड़ सरल होकर तू ध्यान।न्याय तुला पर तोल दिखाऊँ,जो...
पिता और तू ही माता पिता और तू ही माता,तू सखा तू ही है भ्राताऐ मेरे भगवान निर्विकारनिराकार तू सर्वजगदाधारतू सर्वशक्तिमान...
चाहे भँवर हो चाहे पहाड़। चाहे भँवर हो चाहे पहाड़।चाहे नगर हो चाहे उजाड़।बड़े सुख लाती हैतेरी दया प्रभु ।दुःखों से...
जिसने पर्वत गगन, आगपानी पवन, सब बनाया। जिसने पर्वत गगन, आगपानी पवन, सब बनाया।हमने उस ईश में मन लगाया।शब्द करती नदी...
धर्म के हेतु जो कट जाए माथ मुझको दो। धर्म के हेतु जो कट जाए माथ मुझको दो।जो कि गिरतों को...
हे न्यायकारी नाव हमारी कर दे हे न्यायकारी नाव हमारी कर देपरली पार तीव्र है धार तिरंगी ।।चप्पू बल्ली हाथ नहींजर-जर...
क्यों नहीं दुखड़े मिटाता क्यों नहीं दुखड़े मिटाता और दशाबिगड़ी बनाता ऐ मेरे भगवान्तू ही सब से है बड़ा।बेबसों का आसरा...
तू है इनसान और वह है भगवान (तर्ज - मै हूँ मजबूर मेरी मंजिल है दूर काही रास्ते में) तू है...
नमो वेद विद्या के प्रकाश कर्त्ता नमो वेद विद्या के प्रकाश कर्त्ता,नमस्कार अज्ञान के नाश कर्त्ता। नमस्कार बल बुद्धि के देनेवाले,नमस्कार दुःखों...
ओम् भज ओम् रट ओम् हे सही। ओम् भज ओम् रट ओम् हे सही।ओम् के भजन बिना मुक्ति नहीं ॥ वेद उपवेद...
ईश्वर ! अजब है तेरी माया। ईश्वर ! अजब है तेरी माया।विश्वपति निराकार निरंजनकण कण में है समाया।ईश्वर ! अजब है...
नमस्ते निराकार निर्गुण निरूपम् । नमस्ते निराकार निर्गुण निरूपम् ।नमस्ते शिवं सत्य सुन्दर स्वरूपम् ॥नमस्ते अगोचर अगम ओजदायकं ।नमस्ते निरंजन निगम...