आर्य समाज भजन

प्रेम प्रभु के सच्चा करके देख जरा इंसान

प्रेम प्रभु के सच्चा करके देख जरा इंसान प्रेम प्रभु के सच्चाकरके देख जरा इंसान,कितना दयावान् भगवान् ।दयानिधि वह दया का...
'अन्तर्यामी स्वामी' तुमको बारम्बार प्रणाम है। 'अन्तर्यामी स्वामी' तुमकोबारम्बार प्रणाम है।तुमने लोक रचाये हैं,सूर्य-चन्द्र चमकाये हैं,सन्ध्या की ऊषा में तेरी लीलाललित...
निराकार निर्विकार सर्वाधार ओंकार । निराकार निर्विकार सर्वाधार ओंकार ।ओंकार, ओंकार, ओंकार, ओंकार ॥ अणु अणु में व्यापक कौन विभु ?सर्वोपास्य अकाय...
हे मेरे जगदीश तुम हे मेरे जगदीश तुम,सृष्टि के पालन हार हो।मस्तक नवाकर प्रेम से,प्रणाम बार बार हो । कर सके दर्शन...
प्रभु आये तेरे द्वार,नमस्कार नमस्कार । प्रभु आये तेरे द्वार,नमस्कार नमस्कार ।सब जग के आधार,नमस्कार- नमस्कार ।सूरज और चाँद में,तेरा ही...
भगवान तुम्हारे दर पे भक्त आन खड़े हैं। भगवान तुम्हारे दर पेभक्त आन खड़े हैं।संसार के बन्धन सेपरेशान खड़े हैं।ओ मालिक...
बेशुमार फूल हैं फुलवाड़ी एक है। बेशुमार फूल हैं फुलवाड़ी एक है।बहुत मुसाफिर हैं रेलगाड़ी एक है। पृथ्वी सूर्य चाँद तारे आसमान...
तूने अपनी अनुपम माया से जग-ज्योति जगाई है। तूने अपनी अनुपम माया सेजग-ज्योति जगाई है।मनुज और पशुओं को रचकरनिज महिमा प्रगटाई...
ओम् अनेक बार बोल प्रेम के प्रयोगी। ओम् अनेक बारबोल प्रेम के प्रयोगी।है यही अनादि नादनिर्विकल्प निर्विवाद ।भूलते न पूज्यपाद,वीतराग योगी...
तू पिता और तू ही माता तू पिता और तू ही माता,तू सखा तू ही हैभ्राता ऐ मेरे भगवान।निर्विकार निराकार तूसर्वजगदाधार...
जय जय पिता परम आनन्द दाता । जय जय पिता परम आनन्द दाता ।जगदादि कारण मुक्ति प्रदाता ॥ १ ॥ अनन्त और...
ओ३म् अक्षर अखिलाधार जिसने ज्ञान लिया। ओ३म् अक्षर अखिलाधारजिसने ज्ञान लिया।एक अखण्ड, अकाय असंगी,अद्वितीय, अविकार व्यापक,ब्रह्म, विशुद्ध, विधाता, विश्व-विश्वभरतार को पहचान...