- वैचारिक क्रान्ति की उत्पत्ति होगी, जिससे तर्क करने की क्षमता विकसित होगी।
- राजधर्म के स्वरूप का ज्ञान होगा।
- वर्ण व्यवस्था एवं आश्रम व्यवस्था के नियमों का ज्ञान होगा।
- शास्त्रों का ज्ञान और उनके अध्ययन की प्रेरणा मिलेगी।
- भारतीय संस्कृति और इतिहास को समझने में सहायता मिलेगी।
- युवकों में बढ़ती नास्तिकता की रोकथाम में उपयोगी ग्रन्थ है।
- अन्धविश्वास एवं पाखण्ड को चुनौति देने के उपाय प्राप्त होंगे।
- मनुष्यों में शान्तिः और प्रेम की भावना विकसित होगी।
























