संन्यासदीक्षा महोत्सव

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संन्यासदीक्षा महोत्सव

परमपिता परमात्मा की महती कृपा एवं यशःशेष गुरुवर्य पूज्य स्वामी धर्मानन्द जी सरस्वती, पूज्य माता-पिता तथा गुरुजनों के आशीर्वाद से आर्ष गुरुकुल महाविद्यालय आबूपर्वत के पूर्वछात्र, स्नातक, युवा वैदिक विद्वान्, वैदिक धर्म एवं आर्ष शिक्षा पद्धति के प्रचार-प्रसार हेतु सर्वात्मना समर्पित, कर्मठ व्यक्तित्व के धनी, यशस्वी आचार्य श्री ओम्प्रकाश आर्य अपने ४८वें जन्मदिवस के शुभ अवसर पर (जन्म १९-०५-१९७६, संन्यास १९-०५-२०२४) नाना दिग्देश से आए हुए पूज्य संन्यासियों, विद्वानों, सद्‌गृहस्थियों एवं ब्रह्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संन्यास-दीक्षा से दीक्षित हो रहे हैं।

संन्यास दीक्षा समारोह में दीक्षागुरु के रूप में अनेक गुरुकुलों के संस्थापक एवं संचालक, वेदवेदाङ्गकोविद्, आर्य संन्यासी, वेदभक्त, ऋषिभक्त, वयोवृद्ध, ज्ञानवृद्ध, कर्मठ संन्यासी, पूज्य स्वामी प्रणवानन्द जी सरस्वती (श्रीमद्दयानन्द वेदार्ष महाविद्यालय, गुरुकुल गौतम नगर, नई दिल्ली) उपस्थित रहेंगे।

त्रिदिवसीय महोत्सव कार्यक्रम

प्रतिदिन के कार्यक्रम

प्रातः 6.30 से 8.30 : संध्या एवं यज्ञ

ब्रह्मा : प्रो. कमलेश कुमार शास्त्री

पुरोहित : पं. लाभेन्द्र शास्त्री

प्रो. अभिमन्यु शास्त्री

श्री कीर्तिचन्द्र शास्त्री

प्रातः 9 से 12 : भजन एवं उपदेश

मध्याह्न 12 से 3 : भोजन तथा विश्राम

मध्याह्नोत्तर 3 से 5 : भजन तथा उपदेश

सांयकाल 5 से 7 : यज्ञ एवं संध्या

सांयकाल 7 से 8.30: भोजन

रात्रि 8.30 से 10.30 : भजन एवं उपदेश

विशेष कार्यक्रम

वार्षिकोत्सव का उ‌द्घाटन 18.05.2024 शनिवार, प्रातः 9 से 12 बजे

विद्वत् सम्मान समारोह 18.05.2024 शनिवार, मध्याह्नोत्तर 3 से 5 बजे संन्यासदीक्षा समारोह 19.05.2024 रविवार, प्रातः 8 से 12 बजे

ब्रह्मचारियों का व्यायाम प्रदर्शन 19.05.2024 रविवार, सांय 5 से 7 बजे महर्षि दयानन्द 200वीं जयंती समारोह 20.05.2024 सोमवार, प्रातः 9 से 12

इस त्रिदिवसीय महोत्सव के सभी कार्यकमों में आपकी गरिमामयी उपस्थति सादर प्रार्थनीय है।

मान्यवर !

परमपिता परमात्मा की असीम कृपा से यशःशेष, त्यागी, तपस्वी, संन्यासी पूज्य स्वामी धर्मानन्दजी सरस्वती द्वारा अविद्या के नाश एवं विद्या की वृद्धि कर संसार के कल्याण की पुनीत भावना से प्राचीन ऋषि- मुनियों की तपोभूमि आबूपर्वत पर 34 वर्ष पूर्व जिस गुरूकुल का निर्माण किया गया है, उसमें विगत 34 वर्षों से वेद, उपनिषद्, दर्शन, संस्कृत भाषा, संस्कृत व्याकरण, आधुनिक विषयों के शिक्षण के साथ साथ भारतीय संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन का कार्य प्रवर्तित हो रहा है।

यह सूचित करते हुए हर्ष होता है कि आगामी 18, 19, 20 मई (शनि, रवि, सोमवार) 2024 को आपके प्रिय गुरूकुल का 34वां वार्षिकोत्सव एवं महर्षि दयानन्द सरस्वती की 200वीं जन्म जयन्ती समारोह तथा आचार्य श्री ओमप्रकाश आर्य का संन्यास दीक्षा समारोह सोत्साह आयोजित किया जा रहा है।

त्रि-दिवसीय इस वार्षिकोत्सव में यज्ञ, भजन, वेदोपदेश, विद्वत् सम्मान तथा ब्रह्मचारियों के द्वारा शास्त्रार्थ, व्याख्यान, व्यायाम तथा वैदिक मानस योग (थर्ड आई) का प्रदर्शन इत्यादि अनेक कार्यक्रम आयोजित हैं।

गुरुकुल आबूपर्वत द्वारा गत वर्ष से आर्य विद्वानों के सम्मान का नया प्रकल्प प्रारम्भ किया गया है। इस वर्ष इस प्रकल्प के अन्तर्गत निम्नलिखित महानुभावों का सम्मान किया जायेगा।

आर्य परिवार शिवगंज द्वारा स्व. श्री भीष्मदेव वानप्रस्थी एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. श्रीमती ओटीबाई की पुण्य स्मृति में दो महानुभावों का सम्मान

  1. पूज्य स्वामी श्री धर्मानन्द जी सरस्वती, गुरुकुल आश्रम आमसेना, उड़ीसा 2. आचार्या विश्रुति जी, स्वामी विरजानन्द कन्या गुरुकुल, अहिल्या नगर, महाराष्ट्र

स्व. श्री रामकिशन चुग्घ एवं स्व. श्रीमती चन्द्रकान्ता चुग्घ (ऋषिकेश)

की पुण्य स्मृति में श्री सूरजप्रकाश चुग्घ के सौजन्य से विद्वत् पुरस्कार

आचार्य अंकित प्रभाकर, ऋषि उद्यान, अजमेर

स्व. श्रीमती भगवानी देवी चुग्ध एवं इनके जामाता स्व. श्री सुभाष वर्मानी की पुण्य स्मृति में परिवार द्वारा विद्वत् पुरस्कार

डॉ. देवकीनंदन शास्त्री, फरीदाबाद

गुरुकुल के न्यासी स्व. श्री नारायणलाल सोनी, आबूरोड के आर्थिक सहयोग से दि. 11 मई 2024 से 13 मई 2024 तक सामवेद पारायण महायज्ञ सम्पन्न होगा।

गुरुकुल के संस्थापक न्यासी स्व. श्री गणेशमल सोनी, आबूरोड के आर्थिक सहयोग से दि. 14 मई 2024 से 16 मई 2024 तक यजुर्वेद पारायण महायज्ञ सम्पन्न होगा।

पारायण महायज्ञ में भाग लेने के इच्छुक सज्जन स्वीकृति लेकर पधारें ।

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