प्रभु तेरा मेरा कभी न प्यार बदले

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प्रभु तेरा मेरा कभी न प्यार बदले

प्रभु तेरा मेरा कभी न प्यार बदले

प्रभु तेरा मेरा कभी
न प्यार बदले
फिर क्या डर है
जो सारा संसार बदले

तुझे भूलके कष्ट उठाते रहे
फल अपने कर्मों का हम पाते रहे
ऐसी कृपा करो व्यवहार बदले।
फिर क्या……….

क्या अन्दर का हाल सुनाऊँ
मैं ऐसा भेद है क्या जो छुपाऊँ
मैं दया करो मेरे मन का विकार बदले।
फिर क्या……..

पास बैठ के तुझको पुकारूँ
प्रभु तेरी ज्योति को प्रतिपल निहारू
प्रभु दया करो मेरे मन का विकार बदले।
फिर क्या……….

सारे स्वार्थ के साथी है
संसार में सच्चा सुख है
प्रभु जी तेरे प्यार में तेरी
भक्ति से कष्टों का भार बदले।
फिर क्या…………..

जब अंत समय तेरा आयेगा
प्रभु नाम बिना पछतायेगा
आखिर जायेगा हाथ पसार पगले।

तूने किया न प्रभु से
कभी प्यार पगले
भवसागर से कैसे
होगा पार पगले

ओ३म नाम सबसे बड़ा
इससे बड़ा न कोया
जो इसका सुमिरन करे
तो दुःख काहे के होया।