ओ३म् का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो।

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ओ३म् महिमा

ओ३म् का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो।
जो दुनियाँ का मालिक है, नाम उसी का लिया करो।।

सुर दुर्लभ मानव तन तूने, बड़े भाग्य से पाया है।
विषयों में फैंस करके बंदे, हीरा जनम गंवाया है।
दुष्ट संग न किया करो, सज्जनों से गुण लिया करो।।
जो दुनियाँ का मालिक है…..

पता नहीं कब रुक जाए, चलते चलते श्वासा।
एक पल में सब खतम हो जाए, जग का सभी तमाशा।
सुबह-शाम जप किया करो, याद प्रभु को किया करो।।
जो दुनियाँ का मालिक है…..

हर प्राणी से प्यार करो, सब में वही समाया है।
मिलकर रहना सब हैं अपने, कोई नहीं पराया है।
द्वेष भाव ना किया करो, दुःख ना किसी को दिया करो।
जो दुनियाँ का मालिक है…..

सच्चा सुख है प्रभु भक्ति में, बात ना समझो झूठी।
वही अमर पद पाते हैं जो, पीते नाम की बूटी।
प्रभु नाम रस पिया करो, राघव भूल न किया करो।।
जो दुनियाँ का मालिक है……