जिन्दगी में तूने कभी किया ना विचार।
जिन्दगी में तूने कभी किया ना विचार।
छोड़ के चलेगा एक दिन संसार।। टेक ।।
कहाँ गये तख्त कहाँ ताज चले गये।।
कहाँ गये राजा कहाँ राज चले गये।।
कहाँ गई रानियाँ वो करके श्रृंगार।।1।।
जिन्दगी में तूने कभी…….
अवध नरेश श्रीराम कहाँ है।
द्वारका के नाथ घनश्याम कहाँ है।।
कहाँ गया कौरवों का बड़ा परिवार।।2।।
जिन्दगी में तूने कभी…….
ऐश की अटारिया ये माया के मकान
देख-देख जिसको तू करें है गुमान।।
मन से निकाल दे ये मन का विकार।।3।।
जिन्दगी में तूने कभी…….
भूल से भी कभी ना तू पाप किया कर।
एक परमात्मा का जाप किया कर।
ढूँढ़ ले बेमोल तू भी मुक्ति का द्वार।।4।।
जिन्दगी में तूने कभी…….










