आर्य समाज भजन
इ॒मं नौ अग्न॒ उप॑ यज्ञमेहि पञ्चयामं त्रिवृत॑ स॒प्तत॑न्तुम् ।
असो हव्य॒वाळुत नंः पुरोगा ज्योग्व दीर्घ तम् आशयिष्ठाः ॥ ऋ. १०.१२४.१
तर्ज...
यं कुमार नवं रथे मच॒क्रं मन्साकृणोः ।
एक॑षं वि॒श्वतुः प्राञ्च॒ मप॑श्य॒न्नधिं तिष्ठसि ॥ ऋ १०.१३५.३
तर्जः पुलयिल यन्द कादल उदने...
आ दे॒वाना॒मप॑ पन्या॑मगन्म॒ यच्छ्न्कवा॑म॒ तदनु प्रवा॑ळहुम् ।
अ॒ग्निवि॒द्वान्त्स य॑जा॒त्सेदु होता सो अ॑ध्व॒रान्त्स ऋतून्कल्पयाति।।
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१२३२३४५१२ ३२य ३५
इन्द्रस्तुराषाणिमित्रो न जघान वृत्रं यातिर्न।
३१२ ३४५ ३२ २५२य १२२ १२
विभेदं वलं भृगुर्न ससाहे शत्रून्मदे सोमस्य ॥...
अ॒हं भूमिमददा भार्य्यायाऽहं वृष्टि दाशुषेमर्त्याय ।
अ॒हम्पो अ॑नयं वाणश्नामम॑ दे॒वसो अनु केत॑मायन्।॥ ऋ. ४.२६.२
तर्जः पुरिक्किल नी परन्यू पदके परन्यू 949...
प्र सम्राज॑ वृहद॑र्चा गभीरं ब्रह्म प्रियं वरुणाय श्रुताय ।
वि यो ज॒घान॑ शमि॒तेव॒ चर्मो प॒स्तितरै पृथ्विर्वी सूर्याय ।। ऋ. ५.८५.१
तर्ज...
आ प॑वस्व सहस्रिणं र॒यिं सौम सुवीर्यम्। अ॒स्मे श्रववा॑सि धारय।। साम. ५०१
तर्जः पुन्यु पिन्नान तेनी तेगनी लावाण
जीवन चमत्कार! आश्चर्य अपार!कौन है...
ऐना वो अ॒ग्नि नम॑तो॒र्जो नपा॑त॒मा हुवे।
प्रियं चेति॑िष्ठर॒तिं स्व॑ध्व॒रं विश्व॑स्य दूतम॒मृत॑म् ॥ ऋ. ७.१६.१
तर्जः पुन्नुशस्यम नुम नीराकुवान वरुमी राग मधुवंती
हो...
मध्वः सूदं पवस्व वस्व उत्सं वीरं च न आ पवस्वा भगं च।
स्वदस्वेन्द्राय पर्वमान इन्दो रयिं च न आ पवस्वा...
देवस्य सवितुः सवे कर्म कृण्वन्तु मानुषाः ।
शं नो भवन्त्वप औषधीः शिवाः ॥
अथ. ६/२३/३
तर्जः पुन्नाम्बल पुडयिरम दिनम् गळ अनाध्यम
ऐ...
सखायस्त्वा ववृमहे देवं मास ऊतयें।
अ॒पां नपा॑तं सुभर्ग सुदीर्दितिं सुप्रत॑र्तिमनेहस॑म् ऋ. ३.८.१ साम. ६२
तर्जः पिच्च विच्च नाळ्मुदल कुनी
इत उत मन...
शतधारमुत्समक्षीयमाणं विपश्वितं पितरं वाक्तानाम् ।
मेळिं मदन्तं पित्रोरुपस्थे तं रोदसी पिपृतं सत्यवाचम्।।
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सोम रारन्धि नौ हृदि गावो न यव॑सेप्वा। मय॑ इव॒ स्व ओक्यै ॥
ऋ. १.८१.१३
तर्जः पायो जी मैंने राम रतन...
पूर्णा पश्वाद्भुत पूर्णा पुरस्तादुन्मध्यतः पौर्णमासी जिगाय ।
तस्या दे॒वैः संवस॑न्तो महित्वा नार्कस्य पृष्ठे समिषा मंदेम ॥ अथ. ७.८०.१
तर्जः पहाटे झाली...
नौ वृष्टिं दिवस्पर स नो॒ वाज॑मन॒र्वार्णम् स नंः सहस्रिणीरिषः।।
ऋ. २.६.५
तर्जः परिकथे तिल राजकुमारा
दिव्य वृष्टि बरसाने वाले, तृसित धरा...
स घवा॑ नो देवः स॑वि॒ता साविषद॒मृता॑नि भूरि॑ि ।
उभे सुष्टुती सुंगातवे ॥३॥अथर्व. ६.१.३
तर्जः परयान मरन्न परिभवंगल विरहार्द्रमा-1425 राग-जोग
करना प्रसन्न परमेश्वर!...
उस दर्शनीय को मैंने देख लिया है दर्श नु वि॒िश्वद॑र्शतं दर्श रथ्मधि क्षमिं । एता जुषत मे गिरेः॥ऋ. १.२५.१८
तर्जः परयादे...
आ वा॑ गम॒द्यदि॒ि श्रव॑त्सहस्रिणीभिरुतिर्भिः । वाज॑भि॒रूप॑ नो॒ हव॑म् ।।
一ऋ. १.३०.८ अथ. २०.२६.२ - साम. ७४५
तर्जः पण्ढ़री नाथा थड़करी आशा
जगत...
नक्रीमिन्द्रो निकर्तवे न शुक्रः परिंशक्तवे। विश्वं शृणोति॒ि पश्य॑ति।। ऋ. ८.७५.५
तर्जः पदिये सन्ध्य राविल मारिल चायादे-राग देस
तुमने कभी कहा प्रभु...
पव॑स्व सोम् मयु॑माँ ऋतावा॒पो वसानो॒ अघि सानो॒ अव्ये॑ ।
अव द्रोणानि घृतवर्वान्ति सीद मुदिन्त॑मो मत्सर ईन्द्रपार्नः ॥ साम. ५३२
तर्जः पदयात्र...
द्वा सु॑प॒र्णा सुयुजा सवा॑या समानं वृक्षं परि षस्वजाते।
तयो॑र॒न्यः पिप्पलं स्वा॒छत्त्यन॑श्रन्न॒न्यो अ॒भि चाकशीति ॥
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वनीवानो मम दूतास इन्द्रं स्तोमाश्चरन्ति सुमतीरियानाः ।हदिस्पृशो मनसा वच्यमाना अस्मम्यं चित्रं वृषणं रयि दाः
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ॐ ओ३म् भुर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्य, भर्गो देवस्य धीमहि-धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
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उपोषु जातमप्तुरं गोमिर्मङ्ग परिष्कृतम् ।
इन्दु देवा अयासिषुः ऋ ७.६१.१३ साम. ४१६, १६२
तर्जः काट्रिल मुड़ी उलियाउसया
अप्रतिम ! शिष्टजन आओ, बैठे...
क्वेयथ क्वेदसि पुरुत्रा चिद्धि ते मनः
अलर्षि युध्म खजकृत पुरन्दर प्रगायत्रा अगासिषुः ॥
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अस्मभ्यम त्वा वसुविदमभिवाणी रनूषत ।
गोभिष्ट्रे वर्णमभितासयामसि ॥साम. ५६५ ऋ.७.१०४.४
तर्जः चन्दा जा चन्दा जा रे जा रे
ला लाला ला ला...
सोम उष्वाणाःसोतृभिर धिष्णु भिरवीनाम्
अवश्येन् हरिता याति धारया मन्द्रया याति धारिया सा.
डोलोमेरे जियरा, (2)
गाओ गीतों से, प्रभु की महिमा...
ऋतं शंसन्त ऋजु दीध्याना दिवस्पुत्रासो असुरस्य वीराः ।
विप्रं मदमङ्गिरसो दधाना यज्ञस्य धाम प्रथमं मनन्ता ॥अथर्व. २०.७१.२
तर्ज: गान्द माडुन्या, कार्य...
इन्द्रमच्छ सुता इमे वृषणं यन्तु हरयः ।श्रुष्टे जातास इन्दवः स्वर्विदः ॥ ...
प्र हिन्यानो जनिता रोदस्यो, रथो न वाज १ सनिपन्नयासीत् ।इन्द्रं गच्छन्नायुधा स शिशानो विश्वा वसु हस्तयो रादधानः ॥ ...
जातः परेण धर्मणा यत् सवृद्धिः सहाभुवः ।!
पिता यत्कश्यपस्याग्निः श्रद्धामाता मनुः कवि ॥
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असावि सोमो अरुषो वृषा हरी। राजेव दस्मो अभिगा यचिक्रदत् ॥
पुनानो वारमत्येष्यक्यय छ। श्येनो न योनि धृतवन्तमासवत् ॥ ...
विभ्राञ्जयोतिषा स्वष! रगच्छो रोचनं दिवः ।देवास्त इन्द्र सख्याय येमिरे ॥ ...
परिप्रासिष्यदत् कविः सिन्ध्योरूर्मावधि श्रितः ।
कारूं विभ्रत पुरुस्पृहम् ॥ऋ ६.१४.१, साम. ४८६
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अकामो धीरो अमृतः स्वयम्भू रसेन तृप्तो न कुतश्चनो नः
तमेव विद्वान न विभाय मृत्युरात्मानं धीरमजरं युवानाम् ...
ये दिल तो दयानन्द को ही चाहता है
ऋषि गीत गाने को जी चाहता है ॥ ऋषि गीत...
तड़प थी ऋषिवर को...
हे ज्ञान-तेजयुक्त ! प्रभु हमें ज्ञान दे
हे ज्ञान-तेजयुक्त ! प्रभु हमें ज्ञान देउत्तम कर्मों वाले सुकर्मों का दान दे
वीर्य युक्त...
बावरे मनवा, क्यूँ ना प्रभु की याद आती हैप्रभु अपना साथी हैममता की लड़ी तो टूट जाती हैप्रभु अपना साथी...
सबके मालिक-सबके पालक ओ जग के करतार
सबके मालिक-सबके पालकओ जग के करतारप्रभु जी !! तेरी लीला है अपरम्पार
ओ अविनाशी !!...
यदि सौभाग्य चाहते हो
यदि सौभाग्य चाहते होतो चलना होगा नियमों परजो नियमों पर चलेगाना खाएगा वह ठोकर
ऐश्वर्य, यश, धर्म, ज्ञान...
पहलगाम में नरसंहार" गाना (कविता)
पहलगाम में गोली चलाके कर दिया नर संहार सुनो।
पहलगाम में गोली चलाकेकर दिया नर संहार सुनो।आंतकियों...
उस प्रभु की है कृपा बड़ी
उस प्रभु की है कृपा बड़ीयाद कर ले - घड़ी दो घड़ी
घण्टी बज जाये कब...
महिमाशाली तत्त्वदर्शी ऋषिजन हैं आत्मवेत्ता
महिमाशाली तत्त्वदर्शीऋषिजन हैं आत्मवेत्तापाते हैं ईश्वर से शक्ति और प्रभामहिमाशाली आत्मवेत्ता
ऋषियों ने जगायानिज आत्मिक-मानसिक बल सेरहते...
भगवान् की शरण में जिसका निवास होगा
भगवान् की शरण में,जिसका निवास होगा,गुरु की शरण में (1)जिसका निवास होगा,जग में कभी...
"दुनिया बनाने वाले महिमा तेरी निराली।चन्दा बनाया शीतल सूरज में आग डाली।
ऊचे शिखर गिरी के आकाश चूमते हैं।वृक्षों के झुरमुटे...
ज्ञान का सागर चार वेद यह वाणी है भगवान् की ।
"ज्ञान का सागर चार वेद यह वाणी है भगवान् की...
जन्म जन्म के चक्कर खा कर हीरा जीवन मिलता है ।
"तर्ज़ - नमस्कार भगवान् तुम्हें ।
जन्म जन्म के चक्कर खा...
कहीं पर जीत होती है
कहीं पर जीत होती है कहीं पर हार होती है ।यही है ज़िन्दगी प्यारे जो...
तेरे दर पर प्रभु जी हम आन खड़े तेरे दर पे।
"तेरे दर पर प्रभु जी हम आन खड़े तेरे दर...
अरे पाप परे हट …..
"तर्ज - पिंजरे के पंछी रे….तेरा दर्द न जाने कोय…
अरे पाप परे हट …..अरे पाप परे...
करती रहूं गुणगान मुझे दो ऐसा वरदान।
करती रहूं गुणगान मुझे दो ऐसा वरदान।तेरा नाम ही जपते जपते, इस तन से...
तेरी दया परमात्मा मुझ पर बनी रहे।
"तेरी दया परमात्मा मुझ पर बनी रहे।यह दिल तुम्हारे प्यार से हरदम धनी रहे।।
जीवन...
"सुनो सुनो ऐ दुनिया वालों
"सुनो सुनो ऐ दुनिया वालों -२सुनो बात अनमोली।आई दयानन्द की टोली ,आई दयानन्द की टोली।।नीति...
तेरी खातिर परम पिता ने यह संसार बनाया।
तेरी खातिर परम पिता ने यह संसार बनाया।कुल दुनिया का वैभव सारा तेरे...
जब तक जग में शुभ कर्मों का संचित सामान नहीं होगा ।
जब तक जग में शुभ कर्मों का संचित सामान...
यह मत कहो कि जग में कर सकता क्या अकेला ।
यह मत कहो कि जग में कर सकता क्या अकेला...
उठो दयानंद के सिपाहियों समय पुकार रहा है
उठो दयानंद के सिपाहियों समय पुकार रहा हैदेश द्रोह का विषधर फन फैला...
सतसंग वाली नगरी चल रे मना
"सतसंग वाली नगरी चल रे मना २पी सत ज्ञान का जल रे मना २सतसंग...
जिंदगी एक किराये का घर है
जिंदगी एक किराये का घर है।एक न एक दिन बदलना पड़ेगा।मौत जब भी आवाज देगी,घर...
पितु मातु सहायक स्वामी सखा
"पितु मातु सहायक स्वामी सखा ,तुम ही एक नाथ हमारे हो ।जिनके कछु और अधार...
ओमकार प्रभु नाम जपो
"स्वर :- श्री दिनेश आर्य पथिक जी
ओमकार प्रभु नाम जपो, ओमकार प्रभु नाम जपोमन में ध्यान लगाकर,...
भगवान तुम्हारे दर पे भक्त आन खड़े हैं
भगवान तुम्हारे दर पे भक्त आन खड़े हैंसंसार के बंधन से परेशान खड़े...
ऐसी कमाई कर लो के जो संग जा सके
ऐसी कमाई कर लो के जो संग जा सकेमुश्किल पड़े तो राह...
ज्ञान की ज्योत मन में जगा दो प्रभु।
स्वर :- श्री दिनेश आर्य पथिक
ज्ञान की ज्योत मन में जगा दो प्रभु।राह...
भक्ति की झंकार उर के
भक्ति की झंकार उर के,तारों में कर्तार भर दो॥
लौट जाये स्वार्थ, कटुता,द्वेष, दम्भ निराश होकर।शून्य मेरे...
वह कौन आया, जाग उठी है
वह कौन आया,जाग उठी है दुनिया जिसकी बात से।वेद की पुस्तक हाथ मेंलेकर निकला था...
हे ईश्वर सब सुखी हो
हे ईश्वर सब सुखी होँ। कोई न हो दुखारी।सब हो निरोग भगवन, धनधान्य के भंडारी॥सब भद्रभाव...
भारत गौरव गान या भारत चालीसा
है भू-मण्डल में भारत देश महान।
स्वर : ब्र. अरुणकुमार “आर्यवीर”
1- हिमालयहै भू-मण्डल में भारत देश...
मुझमें ओम तुझमें ओम सबमें ओम समाया
जितने हैं संसार के प्राणी सबमें एक ही ज्योति ।एक बाग के फूल हैं...
बनकर सूरज चाँद गगन में चमक रहे दो प्यारे नाम
बनकर सूरज चाँद गगन में चमक रहे दो प्यारे नामबनकर सूरज...
नाम प्रभु का प्यारा ओम् प्यारा ओम् ।
नाम प्रभु का प्यारा ओम् प्यारा ओम् ।दाता पालनहारा ओम् , प्यारा ओम्...
यूं तो कितने ही महापुरुष हुए दुनिया में ।
यूं तो कितने ही महापुरुष हुए दुनिया में ।नहीं गुरुदेव दयानंद सा...
इस योग्य हम कहाँ है प्रभुवर तुम्हें मनाये
इस योग्य हम कहाँ है प्रभुवर तुम्हें मनायेफिर भी मना रहे हैं शायद...
धन-धन बाबा कर्षण धन्य माता अमृत बेन रे।
धन-धन बाबा कर्षण धन्य माता अमृत बेन रे।ललना रे धन ही टंकारा के...
हे त्रिलोक स्वामी भगवान्
ओ३म् भूर्भुव॒: स्व॒: तत्स॑वि॒तुर्वरे॑ण्यं॒ भर्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि ।धियो॒ यो न॑: प्रचो॒दया॑त् ।। ३ ।। यजुर्वेदभगवान्♩ ♪ ♫...
रे मनवा !! ईश्वर के गुण गाना
रे मनवा !! ईश्वर के गुण गानायदि अपनी जीवन-नैया कोचाहे पार लगानारे मनवा !!...
हे प्रभु !! हम तुमसे वर पायें
हे प्रभु !! हम तुमसे वर पायेंहे प्रभु !! हम तुमसे वर पायेंसकल विश्व...
भगत भगवान् के संकट से
भगत भगवान् के संकट से,डर जाया नहीं करतेवो हर दु:ख हँसते सहते हैं,वो घबराया नहीं करते
बड़ी...
कर ले प्रभु से प्यार ओ बन्दया !!
कर ले प्रभु से प्यारओ बन्दया !!कर ले प्रभु से प्यार
सिमर ओ३म् का...
रात अन्धेरी है, बादल हैं
रात अन्धेरी है, बादल हैं, विकट जंगल हैरात अन्धेरी है, बादल हैं, विकट जंगल हैक्या है...
विमल इन्दु की विशाल किरणें
विमल इन्दु की विशाल किरणेंप्रकाश तेरा बता रही हैंअनादि तेरी अनन्त मायाजगत् को लीला दिखा रही...
तुम करुणा के सागर हो प्रभु !
तुम करुणा के सागर हो प्रभु !मेरी गागर भर दो
तुम करुणा के सागर हो...
तुम्हारे दिव्य-दर्शन की
तुम्हारे दिव्य-दर्शन की,मैं इच्छा ले के आया हूँपिला दो प्रेम का अमृत,पिपासा ले के आया हूँ
रतन अनमोल लाने...
हे जगत् पिता भगवान् !
हे जगत् पिता भगवान् !!!हमें दो ज्ञानतू ईश्वर प्यारादुनिया में एक सहारा
हे जगत् पिता भगवान् !!!हमें...
जाप करो ओ३म् का सुबह और शाम
जाप करो ओ३म् कासुबह और शामजाप करो ओ३म् कासुबह और शामऔर नाम गौणिक हैं,...



































































































