आर्य समाज विवेकानन्द नगर का स्थापना दिवस समारोह

0
11
आर्य समाज विवेकानन्द नगर का स्थापना दिवस समारोह

आर्य समाज विवेकानन्द नगर, गाजियाबाद

स्थापना दिवस समारोह एवं निमन्त्रण-पत्र

स्थापना : 06 सितम्बर 2026

सादर आमंत्रण

महर्षि दयानन्द सरस्वती के वैदिक विचारों एवं आर्य समाज के सिद्धान्तों के प्रचार-प्रसार को समर्पित आर्य समाज विवेकानन्द नगर, गाजियाबाद के स्थापना दिवस समारोह के पावन अवसर पर आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।

दिनांक

06 सितम्बर 2026, रविवार

स्थान

1058, विवेकानन्द नगर, गाजियाबाद

कार्यक्रम

यज्ञ
प्रातः 7:00 बजे से 9:00 बजे तक

भजन, प्रवचन एवं उपदेश
प्रातः 9:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक

विशिष्ट अतिथिगण

अध्यक्ष
ठा० विक्रम सिंह जी
(अध्यक्ष, राष्ट्र निर्माण पार्टी)

मुख्य अतिथि
• राजकुमार नागर जी, पार्षद, विवेकानन्द नगर
• डॉ० राकेश कुमार आर्य जी, एडवोकेट

मुख्य वक्ता एवं प्रवचनकर्ता
स्वामी शिवानन्द सरस्वती जी
आर्य कृष्ण मुनि जी

भजनोपदेशक
श्री भानु प्रताप जी आर्य, गायक

मंच संचालक
सत्यकेतु सिंह जी, एडवोकेट

स्वागताध्यक्ष

आर्य समाज विवेकानन्द नगर के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यगण

सहयोगी जन एवं संस्थाएँ

संन्यास आश्रम (आचार्य जितेन्द्र आर्य जी), गाजियाबाद
अमर स्वामी प्रकाशन
आर्य कृष्ण मुनि जी
मगन भाई, बम्बई
लखन जी भाई, पूना
श्रीमती विद्यावती गुप्ता जी, रूड़की
आर्यमन वैदिक प्रकाशन
यज्ञ योग गऊ समिति
विशाल आर्य जी
संजीव आर्य जी
श्रीमती श्वेता गुप्ता जी
श्रीमती शिखा राजवंशी जी, जयपुर
आशीष ठाकुर जी, लंदन

आयोजन व्यवस्था

निदेशक
स्वामी शिवानन्द सरस्वती जी

संरक्षक
ठा० विक्रम सिंह जी

—: निवेदक :—

प्रधान
लाजपत राय अग्रवाल जी
(वैदिक मिशनरी)
मो० : 9910336715

उपप्रधान
आचार्य प्रदीप जी

कोषाध्यक्ष
अतुल गुप्ता जी
मो० : 9871230321

उपकोषाध्यक्ष
गजराज कौशिक जी

मंत्री
उदयवीर शास्त्री जी
(धर्माचार्य)
मो० : 9458585354

उपमंत्री
सूरज पाल आर्य जी

आर्य समाज विवेकानन्द नगर, गाजियाबाद
समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यगण

विशेष निवेदन

इस पावन अवसर पर आप सपरिवार पधारकर यज्ञ, भजन, प्रवचन एवं उपदेश का लाभ प्राप्त करें तथा स्थापना दिवस समारोह को अपनी गरिमामयी उपस्थिति से सफल बनाएं।

नोट :
कार्यक्रम के पश्चात भोजन/प्रसाद की व्यवस्था है।
कृपया भोजन/प्रसाद अवश्य ग्रहण करें।

समस्त आर्य भाई-बहनों से विशेष अनुरोध है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल एवं सार्थक बनाएं।

आर्य समाज के नियम

  • १. सब सत्यविद्या और जो पदार्थ विद्या से जाने जाते हैं, उन सबका आदि मूल परमेश्वर है।
  • २. ईश्वर सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, न्यायकारी, दयालु, अजन्मा, अनन्त, निर्विकार, अनादि, अनुपम, सर्वाधार, सर्वेश्वर, सर्वव्यापक, सर्वान्तर्यामी, अजर, अमर, अभय, नित्य, पवित्र और सृष्टिकर्त्ता है उसी की उपासना करने योग्य है।
  • ३. वेद सब सत्यविद्याओं का पुस्तक है। वेद का पढ़ना-पढ़ाना और सुनना-सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है।
  • ४. सत्य के ग्रहण करने और असत्य के छोड़ने में सर्वदा उद्यत रहना चाहिए।
  • ५. सब काम धर्मानुसार अर्थात् सत्य और असत्य को विचार करके करने चाहिए।
  • ६. संसार का उपकार करना इस समाज का मुख्य उद्देश्य है अर्थात् शारीरिक, आत्मिक और सामाजिक उन्नति करना।
  • ७. सबसे प्रीतिपूर्वक, धर्मानुसार यथायोग्य वर्तना चाहिए।
  • ८. अविद्या का नाश और विद्या की वृद्धि करनी चाहिए।
  • ९. प्रत्येक को अपनी ही उन्नति से संतुष्ट न रहना चाहिए, किन्तु सबकी उन्नति में अपनी उन्नति समझनी चाहिए।
  • १०. सब मनुष्यों को सामाजिक सर्वहितकारी नियम पालने में परतन्त्र रहना चाहिए और प्रत्येक हितकारी नियम में सब स्वतन्त्र रहें।

🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶