चाँद सितारों जैसी इसकी शान बनाएँगे।

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चाँद सितारों जैसी इसकी शान बनाएँगे।

चाँद सितारों जैसी
इसकी शान बनाएँगे।
स्वर्ग समान अपना
देश बनाएँगे।। टेक ।।
दूर उड़ा कर ले जाएँगे,
हम पंछी पिंजरा अपना
जब तक पर हैं साथ हमारे,
आजादी फिर क्या सपना ।।
आज सौगन्ध ये ले आ ऽऽआज
सौगन्ध ये ले आ ऽऽ मांगी हुई
रिहाई से तो प्राण गँवाएगे ।। १ ।।

जिन बागों की कलियों के,
होठों पर हों गम के साए।
पतझड़ की तानाशाही में,
फूल न जिन पर खिल पाए।
गम ना कर माली आ ऽऽ
गम ना कर माली आ ऽऽ
फसलें बहार बनकर तुमको,
हम दिखलाएंगे ।। २ ।।

भूख गरीबी बेकारी क्यों,
माँग रहे हो किस्मत से ।
आओ बना दें पहले जैसा,
इसको अपनी मेहनत से ।।
सोने की चिड़िया आ ऽऽ
सोने की चिड़िया आ ऽऽ
देश के माथे से मिलकर,
हम दाग मिटाएँगे ।। ३ ।।