इंसाफ की डगर पे,बच्चों दिखाओं चल के ।
इंसाफ की डगर पे,
बच्चों दिखाओं चल के ।
यह……
देश है तुम्हारा,
नेता तुम्ही हो कल के ।। टेक ।।
इंसाफ ……।।
दुनियां के रंग सहना,
और कुछ न मुंह से कहना,
सच्चाईयों के बल पे,
आगे ही बढ़ते रहना ।
रख दोगे एक तुम,
संसार को बदल के ।।१।।
इंसाफ ……।।
अपने हो या पराये,
सबके लिए हक न्याय,
देखो कदम तुम्हारा,
हरगिज न डगमगाये ।
रस्ते बढ़े कठिन हैं,
चलना संभल-संभल के ।।२।।
इंसाफ ……।।
इंसानियत के सिर पे,
इज्जत का ताज रखना,
तन मन की भेट देकर,
भारत की लाज रखना ।
जीवन नया मिलेगा,
अन्तिम चिता में जलके ।।३।।
इंसाफ की डगर……..










