3 वर्षीय वैदिक योग ध्यान एवं सिद्धांत प्रशिक्षण ववैदिक प्रवक्ता/ प्रचारक/उपदेशक निर्माण पाठ्यक्रम/कोर्स

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महर्षि दयानंद सरस्वती जी के 200 वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में

3 वर्षीय वैदिक योग ध्यान एवं सिद्धांत प्रशिक्षण व
वैदिक प्रवक्ता/ प्रचारक/उपदेशक निर्माण पाठ्यक्रम/कोर्स

  • 1 वर्ष अंग्रेजी में भी प्रस्तुति देने हेतु योग्य बनने के लिए

वर्ग – पुरुष

स्थान – आत्मोन्नति केंद्र भड़ताना हरियाणा

मार्गदर्शन,प्रशिक्षण एवं सान्निध्य

आचार्य आशीष आर्य जी, दर्शनाचार्य , आचार्य आत्मप्रकाश आर्य जी, व्याकरणाचार्य एवं सहयोगी अध्यापक

आयोजक – आत्मोन्नति केन्द्र भड़ताना, जींद, हरियाणा

संपर्क सूत्र

वाट्स एप आचार्य आशीष आर्य जी, दर्शनाचार्य
9015116885

आचार्य आत्मप्रकाश आर्य जी, व्याकरणाचार्य
9416773617

प्रवेश योग्यता

20 वर्ष से 40 वर्ष तक,
अध्यात्म पिपासु , प्रतिभाशाली, साधनाशील युवकों के लिए, स्नातक, अंग्रेजी भाषा में सक्षम युवकों को प्राथमिकता

ध्यान,उपासना आदि
में रूचि रखने वाले अध्यात्म जिज्ञासु तथा वैदिक धर्म- संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु अपनी योग्यता निर्माण करने की इच्छा रखने वाले युवकों के लिए “3 वर्षीय कोर्स” निर्मित किया गया है । आज समाज में सीमित अपेक्षित काल में वैदिक जीवन मूल्यों को आत्मसात् करने वाले वैदिक आर्य उपदेशकों के निर्माण की महत्ती आवश्यकता अनुभव की जा रही है। परम्परागत प्राचीन आर्ष पाठविधि अनुसार गुरुकुलों में वैदिक विद्वानों का निर्माण कार्य स्तुत्य है, पुनरपि वर्तमान आवश्यकता की पूर्ति हेतु लघु पाठ्यक्रमानुसार अध्यात्म व सिद्धांतनिष्ठ, व्यवहारकुशल प्रचारकों का निर्माण भी अपेक्षित है ।

इस आवश्यकता की पूर्ति हेतु यह एक विनम्र प्रयास है जिससे कम समय में सार रूप विद्या का ग्रहण कर जिज्ञासु जन स्वयं व अन्यों के निर्माण में समर्थ हो सकें । इस प्रशिक्षण के अन्तर्गत वर्तमान की आवश्यकतानुसार आंग्ल भाषा में भी प्रस्तुति हेतु सक्षम बनने के लिए एक अतिरिक्त वर्ष अपेक्षित होगा।

पाठ्यक्रम/कोर्स में सिखाये जाने वाले विषय-

वैदिक सिद्धांत,
वैदिक योग अंतर्गत धारणा,ध्यान, समाधि आदि योगांगो का प्रायोगिक प्रशिक्षण व अभ्यास, तदर्थ महर्षि कपिल व महर्षि पतंजलि कृत सांख्यदर्शन एवं योग दर्शन के चयनित प्रकरणों व सूत्रों का विविध टीकाओं युक्त गूढ़ अध्ययन, वैदिक सिद्धांतों व ईश्वरोपासना हेतु महर्षि दयानंद सरस्वती कृत सत्यार्थप्रकाश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका आदि के चयनित अध्यायों, प्रकरणों का गहन अध्ययन, चयनित उपनिषद, रामायण व गीता के विशिष्ट श्लोक एवं प्रकरण, आर्य पर्व परिचय, वेद परिचय, वेद के विशिष्ट मंत्र एवं अध्याय, निरुक्त परिचय, लोक व्यवहार एवं मनोविज्ञान, वैदिक संध्या एवं दैनिक यज्ञ प्रशिक्षण मंत्रार्थ, विस्तृत व्याख्या व शंका समाधान सहित, देश-विदेश में प्रचार क्षेत्र में उपयोगी विविध आवश्यक विषयों का प्रशिक्षण, न्याय व वेदांत दर्शन के चयनित प्रसंग व वैशेषिक दर्शन परिचय, संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण व परिचय,ध्यान साधना में प्रायोगिक स्तर पर स्पष्टता के साथ प्रशिक्षण करा सकने की योग्यता अर्जन,मन की शांति ,तनाव रहित वैदिक जीवन शैली, अंतिम एक वर्ष में अंग्रेजी भाषा में शास्त्र अध्ययन,विषय प्रस्तुति व संभाषण अभ्यास।

आवेदन कैसे करें

इच्छुक प्रतिभागी
नाम, स्थान,आयु, कक्षा 12 वीं एवं ग्रेजुएशन के अंक, कार्य अनुभव (यदि कोई हो), हाबीस् रुचि, जीवन लक्ष्य, योजना , पारिवारिक दायित्व आदि से युक्त अपना बायोडाटा चित्र सहित ऊपर दिये गए वाट्स एप नम्बर्स पर प्रेषित करें।

प्रवेश प्रक्रिया

चयनित आवेदकों को साक्षात्कार हेतु सितंबर 2024 में आत्मोन्नति केन्द्र में आमंत्रित किया जाएगा। साक्षात्कार के लिए आमंत्रित महानुभावों को आने जाने का रेल किराया व भोजन आवास व्यवस्था केन्द्र की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।
साक्षात्कार में चयनित युवकों को 2 अक्टूबर 2024 को पाठ्यक्रम में अस्थाई प्रवेश दिया जाएगा। दो माह की अनुकूलता दोनों पक्षों की सिद्ध होने पर स्थायी प्रवेश दे दिया जाएगा।

इस पाठ्यक्रम से प्रतिभागी को लाभ क्या होगा

ध्यान सीखने व अभ्यास करने का स्वर्णिम अवसर, जीवन में शांति, स्थिरता व सुलझेपन का सहज विकास,शास्त्र अध्ययन, देश-विदेश में वैदिक धर्म, संस्कृति का प्रचार करने में सक्षम होना, ध्यान साधना का प्रायोगिक स्तर पर स्पष्टता के साथ प्रशिक्षण करा सकने की योग्यता विकसित होगी, जीवन में सकारात्मकता , उत्साह व व्यवहार कुशलता आदि गुण विकसित होंगे।
योग्य प्रशिक्षणार्थी सहजता पूर्वक बाह्य व आंतरिक धन को उपलब्ध हो सकेंगे।

अवकाश प्रावधान

प्रशिक्षणार्थी को प्रत्येक वर्ष एक मास का अवकाश पारिवारिक दायित्व पूर्ति हेतु उपलब्ध हो सकेगा।
निर्धारित समय का उल्लंघन तथा किसी प्रकार का अनुपयुक्त व्यवहार सामने आने पर
पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होने के प्रमाणपत्र से प्रशिक्षणार्थी वंचित हो जाएंगे। फलस्वरूप केन्द्र देश-विदेश में प्रचार कार्य हेतु उनके नाम का अनुमोदन/समर्थन नहीं कर सकेगा।

पाठ्यक्रम शुल्क

1. गृहत्यागी विरक्त, देश धर्म व समाज सेवा हेतु समर्पित युवकों हेतु पूर्णतया निश्शुल्क।

2.पारिवारिक दायित्वों से युक्त सीमित आर्थिक सामर्थ्य वाले धार्मिक व समर्पित युवक के लिए भी निश्शुल्क है।

3. आर्थिक रूप से सक्षम युवकों के लिए भोजन ,आवास, पठन सामग्री आदि सुविधाओं हेतु एवं विद्या अर्जन हेतु दक्षिणा के लिए स्वैच्छिक योगदान का प्रावधान है।

4. आत्मोन्नति केन्द्र मानव निर्माण हेतु सात्त्विक रीति से सतत प्रयत्नशील है। इस पाठ्यक्रम की महत्ता व आवश्यकता को समझने वाले आर्य गण अपना आर्थिक सहयोग केन्द्र को प्रदान करने हेतु अवश्य विचार करें । टैक्स रिबेट हेतु केन्द्र के पास 80 जी सुविधा उपलब्ध है।

नोट

1. स्व अनुशासित रहने के इच्छुक आध्यात्मिक रुचि वाले महानुभाव ही आवेदन करें ।

2. जो स्वयं को और समाज को सही दिशा में ले जाने की इच्छा रखते हैं उनका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है।

3. अन्य देशों मारीशस, फिजी, सूरीनाम, गयाना, त्रिनिदाद, साउथ अफ्रीका, हालैण्ड, अमेरिका आदि के आर्य महानुभाव भी आवेदन कर सकते हैं।

शुभेच्छुक

आचार्य आशीष आर्य, आत्मोन्नति केन्द्र, तपोभूमि , ग्राम-भड़ताना, जिला-जींद, हरियाणा-126113, भारत

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