विधाता ने हमको ये चोला दिया है
तर्ज- मुबारक हो तुमको ये शादी……
विधाता ने हमको ये चोला दिया है
बदले में हमसे ना कुछ भी लिया है
उसका ना हमने ध्यान किया है
बदले में हमसे ना……
बचा है जो जीवन प्रभु से
लगाले आ तू भी ‘सचिन’
गीत प्रभु के गाले ये जीवन
हमारा उसी के सहारे
जो डूबे भंवर में वो लाये
किनारे ना प्रभु की भक्ति
का प्याला पिया है
हमारे लिए हैं ये चाँद सितारे
रचाये प्रभु ने उसी के सहारे
ये रंगी जहाँ दुल्हन सा सजाया
ये संसार सारा प्रभु ने रचाया
जिसने सभी को पैदा किया है
बदले में हमसे ना………..
सुहाने वो नग़में जो कोयल
सुनाती मधुर गीत मीठे
वो ईश्वर के गाती झिंगुर पपीहा
क्या गीत सुनाते तराना
उसी की खुदाई का गाते
बशर ने कहा ना तेरा शुक्रिया है
बदले में हमसे ना……










