Arya Samaj

हरयाणवी जन जीवन पर वैदिक संस्कृति एवं आर्यसमाज का प्रभाव

हरयाणवी जन जीवन परवैदिक संस्कृति एवं आर्यसमाज का प्रभाव लेखिका = डॉ० कुमारी सुशीला आर्या एम०ए०, पी०एच०डी०प्रस्तुति = अमित सिवाहा ...
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वेद में पाप और क्षमा शंका:- जब ईश्वर पाप को क्षमा नहीं करता तो फिर ये स्तुति व प्रार्थना किस एतबार...
पुनः पधारें गुरुकुल एटा में मंगलवार, दिनांक 13 फरवरी 2024 संयोजक :- दिनेश चन्द्र 'बन्धु' प्रधान- जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा, एटा...
अखिल भारतीय वैदिक महासम्मेलन महर्षि दयानन्द सरस्वती सदैव सत्य 200वीं जयंती के अवसर पर ज्ञान ज्योति पर्व की श्रृंखला में (अखिल भारतीय...
धर्म के मूलभूत अर्थ को समझे डॉविवेकआर्य देश के केंद्रीय विद्यालयों में प्रात:कालीन प्रार्थना संस्कृत और हिंदी में पढ़ी जाती हैं। इस...
लाला लाजपत राय के अनमोल विचारअतीत पर: अतीत को देखते रहना व्यर्थ है, जबतक उस अतीत पर गर्व करने योग्य भविष्य...
महर्षि दयानन्द का भक्तिवाद सामान्यतः यह धारणा है कि आर्यसमाज के प्रवर्तक महर्षि दयानन्द के ग्रन्थों में शुष्क तर्क अधिक है;...
आर्योदय गुरुकुल,आर्य समाज सैक्टर-15 सोनीपत,प्रथम वार्षिक उत्सव ब्रह्मानन्तमनादि विश्वकृदजं सत्यं परं शाश्वतम्। विद्या यस्य सनातनी निगमभृद् वैधर्म्यविध्वंसिनी।। परमपिता परमात्मा जिसका अनादि,...
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) एवं लाला लाजपत राय जी का संकल्प आज पंजाब नेशनल बैंक देश के प्रमुख बैंकों में से...
20 वर्षों से निरंतर आर्य समाज संचार नगर, इंदौर के तत्वावधान में 36 वाँ सर्वजातीय परिचय सम्मेलन दिनांक- 4 फरवरी...
स्वामी दर्शनानन्द जी के प्रेरणादायक संस्मरण (26 जनवरी जन्म दिवस के अवसर पर प्रकाशित) स्वामी दर्शनानन्द जी महाराज का सम्पूर्ण जीवन एक...
राष्ट्रवाद पर स्वामी दयानन्द का चिंतन डॉविवेकआर्य स्वामी दयानन्द के राष्ट्रवादी चिंतन से हम इस लेख के माध्यम से अवगत करवाएंगे।अंग्रेजी राज...