हे जगदीश्वर हे भगवान! बहुत निराली तेरी शान ।
ईश महिमा हे जगदीश्वर हे भगवान! बहुत निराली तेरी शान ।विश्वविधाता ईश महान् ! बहुत निराली तेरी शान।। अमर अनादि […]
ईश महिमा हे जगदीश्वर हे भगवान! बहुत निराली तेरी शान ।विश्वविधाता ईश महान् ! बहुत निराली तेरी शान।। अमर अनादि […]
ईश महिमा जरा तो इतना बता दो भगवान।लगन ये कैसी लगा रहे हो।मुझी में रहकर मुझी से मेरी।यह खोज कैसी
ईश महिमा निराकार वह ईश है, हाथ पग न कान।बिन जिह्वा बिन लेखनी, रचा वेद का ज्ञान।। चलता-फिरता है नहीं,
ईश महिमा सच्चा तू करतार है सबका पालन हार है।तेरा सबको आसरा सुखों का भंडार है। नदियाँ नाले पर्वत सारे,
ईश महिमा ईश्वर तू महान है,सबका रखता ध्यान है।तेरा ही एक आसरा,सब सुखों की खान है।। पृथ्वी और आकाश बनाये,नदी
ईश महिमा प्रभु सारी दुनियाँ से ऊँची तेरी शान है।कितना महान् है तू कितना महान् है। यहाँ वहाँ कोने-कोने तू
ईश महिमा सत्ता तुम्हारी भगवन् जग में समा रही है।तेरी दया सुगन्धि हर गुल से आ रही है।रवि चन्द्र और
ईश महिमा दुनियाँ बनाने वाले कैसी तेरी माया है।कहीं बरसात, कहीं धूप, कहीं छाया है।। पर्वतों की चोटियाँ हैं, आसमां
ईश महिमा कण-कण में जो रमा है, हर दिल में है समाया।उसकी उपासना ही कर्त्तव्य है बताया।। दिल सोचता है
ईश महिमा तेरी अपार महिमा, कैसे बयान होवे।कुछ बोलने से पहले, गूंगी जबान होवे ।। भगवान तुम से बढ़ कर,
ईश महिमा दुनियाँ बनाने वाले, महिमा तेरी निराली।चन्दा बनाया शीतल, सूरज में आग डाली।। ऊँचे शिखर गिरी के आकाश चूमते
ओ३म् महिमा ओ३म् नाम का सुमिरन कर ले, कर दे भव से पार तुझे।कह लिया कितनी बार तुझे।। कह लिया
ओ३म् महिमा ओ३म् का सुमिरन किया करो, प्रभु के सहारे जिया करो।जो दुनियाँ का मालिक है, नाम उसी का लिया
ओ३म् महिमा जो तू चाहे पार उतरना, ओ३म् नाम नित गाया कर।चित चंचल और अपने मन को, ईश्वर भजन सिखाया
ओ३म् महिमा ओ३म् है जग का नियन्ता, ओ३म् ही करतार है।ओ३म् राजा न्यायकारी, ओ३म् भव भरतार है।।1।।ओ३म् है जग का