Arya Samaj bhajan
सारा जीवन बीत गया
(तर्ज - मेरी छम छम बाजे पायलिया)
तेरा जीवन सारा बीत गया।तुम से मनाया नहीं मीत गया।तेरा जीवन...
अमृत पिया करो
(तर्ज - जोगी हम तो लुट गये तेरे प्यार में)
लिया करो उस प्रभु का नाम हर दम लिया...
तेरी लाठी बे आवाज़ है
भक्त जनों का रखवाला भगवान् गरीब नवाज़ है।सारी दुनियाँ मान गई तेरी लाठी बे आवाज़ है।
१....
सब का दाता एक है
(तर्ज - सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है)
अनगिनत प्राणी जगत् में सब का दाता...
सुबह शाम सन्ध्या
सुबह शाम ईश्वर को ध्याया करो जी।कि सन्ध्या में मन को लगाया करो जी।
उठो ब्रह्म वेला में निद्रा...
उमर चली जाये न
(तर्ज-कभी राम बन के कभी शाम बन के चले आना)
प्रभु नाम जप ले सुबह शाम जप लेयूँ...
प्रभु के गुणगान
(तर्ज-खिलौना जानकर मुझ को मेरा दिल तोड़े जाते हो)
तुम्हारे दर पे ही योगी मुनि सब सर झुकाते हैं।तुम्हीं...
तेरी शरण में
(कर्ज-कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा)
दिलों में सभी प्यार लाये हुए हैं।शरण में तेरी नाथ आए हुए हैं।
१. उठी...
प्रभु का सहारा
(तर्ज - दयानन्द के वीर सैनिक बनेंगे)
प्रभु के बराबर सहारा नहीं है।हितु और कोई हमारा नहीं है।प्रभु के...
ओम् का झण्डा आया
ओम् का झण्डा आयायह ओम् का झण्डा आया।
९. ऋषि ने लाखों कष्ट उठाये।जहर पिया और पत्थर खाये।फिर...
सृष्टि तथा वेद की उत्पत्ति
(तर्ज- हे दयामय हम सबों को शुद्धताई दीजिये)
१. प्राकृतिक परमाणुओं की मूल सामग्री जुटी।स्वयंभू परमात्मा ने...
तू कर ले प्रीति ओम् से
ओ अभिमानी बन्दे ! तू कर ले प्रीति ओम् से।तज कर झूठे धंधे ! तू...











