Arya Samaj bhajan
सुन्दर भोजन वस्त्र, राजसुख जिसने छोड़ा।
सुन्दर भोजन वस्त्र, राजसुख जिसने छोड़ा।सास, ससुर, परिवार-प्रेम का बन्धन तोड़ा ॥हठकर पति के संग...
था वसन्त, परन्तु आर्यजाति-वर-लता नहीं फूली थी
था वसन्त, परन्तु आर्यजाति-वर-लता नहीं फूली थी,ब्रह्मचर्यं आदित्य-किरण तन-गगन नहीं झूली थी।क्षमता-शीलता-मेल-मलयमय स्नेह-समीर नहीं...
जिसकी पवित्र वेदविद्या मंगला के आगे
जिसकी पवित्र वेदविद्या मंगला के आगे,पापिनी अविद्या दुःखद का मुख बन्द है।लुक्कड़ लताड़े, मतवाले दर्पहीन...
भारतरत्न मूलशंकर ने मंगल मूल विचार किया।
भारतरत्न मूलशंकर ने मंगलमूल विचार किया।होकर दयानन्द ऋषि नामी,जीवन परमोदार किया।कौतुक देख चपल चूहे...
ऋषिराज ! आज तेरा जग गान गा रहा है।
ऋषिराज ! आज तेरा,जग गान गा रहा है।चुपचाप चारु चेरा,बन मान पा...
एक अविनाशी अजन्मा विश्वधर धाता तू ही।
एक अविनाशी अजन्मा विश्वधर धाता तू ही।लोक-नायक न्यायकारी तू पिता माता तू ही ॥धर्मरक्षक...
फूल बरसाते गुणी पद ज्ञान के गाते चले ।
फूल बरसाते गुणी पद ज्ञान के गाते चले ।लाख ही लाहौरवासी शोक...
वेदविद्या के विनोदी, बुद्धि बुद्ध विहार थे।
वेदविद्या के विनोदी, बुद्धि बुद्ध विहार थे।मातृभू के मान मोदी, धैर्य-धर्माधार थे ॥तर्क के...
ऋतुराज वसन्त विराज रहा
ऋतुराज वसन्त विराज रहा,मनभावन है छवि छाज रहा।बन-बागन में कुसुमावलि की,सुखदा सुषमा वह साज रहा ॥
यव गेहुँ...
मत बैठे वसन्त निहारो
मत बैठे वसन्त निहारो,उठो होली खेलो उमंग बगारो ॥ टेक ॥फूला फाग प्रेम रसिकों को, प्रीति पसार...
चाव में डूबे उमंगों में भर भावों ढले ।
चाव में डूबे उमंगों में भर भावों ढले ।गान के वर गौरवों...
ओज औ माधुर्य में बीभत्स आकरके मिला।
ओज औ माधुर्य में बीभत्स आकरके मिला।चाटलों के पुंज बीच प्रसून बिम्बी का खिला...











