Arya Samaj bhajan
ओ३म् मधु रस प्याला मुझमें भर जाये
ओ३म्, बोलो ओ३म्ओ३म्, बोलो ओ३म्ओ३म्, बोलो ओ३म्ओ३म्, बोलो ओ३म्
ओ३म् मधु रस प्यालामुझमें भर जायेधुल...
तू काहे करे अभिमान
तू काहे करे अभिमानखिलौने माटी के (1)है वक्त बड़ा बलवान्खिलौने माटी के
सुख में तो तुझे गले लगाएदुःख...
धन्य तेरी करतार कला का
धन्य तेरी करतार कला का,पार नहीं कोई पाता हैधन्य तेरी करतार कला का,पार नहीं कोई पाता...
जिसके मन में बसी बुराई
जिसके मन में बसी बुराईउसे सुहाती नहीं भलाई??? रग पर हे जीवों ने पर ज्यों ???गड़बड़...
प्राणपति मेरे प्राणों के पूजा तुम्हारी का इच्छुक
प्राणपति मेरे प्राणों केपूजा तुम्हारी का इच्छुकअपने सञ्जीवन से कर दोजीवन मेरा उज्जीवित...
एक बार हरी बोलो मन रसना (1)मानव देहार गोईरब कोइरोह ना(एक बार हरी बोलो मन रसना,मानव देह का अभिमान मत...
यह भी कैसा मनचला है।
यह भी कैसा मनचला है।छेद कर अपनी ही नांव मेंकरने दरिया पार चला है।
न आब रहा,...
जब तक खुद ना तू आर्य बना
जब तक खुद ना तू आर्य बनावैदिक-शिक्षा पर यदि ना चलातब तक कहलाएगाआर्य ना...
था बुर्का भी स्वीकार किया
विश्व-परिवार में आप जैसी वीरांगनाओं को जन्म देने वाली स्वर्ग से सुंदर और गरिमामयी जननी-जन्मभूमि को...
मन मैला और तन को धोए
मन मैला और तन को धोए,फूल को चाहे, काँटे बोयेमन मैला और तन को धोए
करे...
"मोहन" जागी उमङ्ग मन की
"मोहन" जागी उमङ्ग मन कीमीठी सी गुञ्जार है किसकी?मेरा हृदय-मन छलक रहा हैतरुण तरङ्ग है करुणानिधि...
जो सुन्दर सुरभित सुमन रहित
जो सुन्दर सुरभित सुमन रहितउसको उद्यान कहूँ कैसे ?जिसमें है सद्गुण शील नहींउसको इन्सान कहूँ कैसे...











