Arya Samaj bhajan
भगवान तुम्हारे दर पे भक्त आन खड़े हैं।
भगवान तुम्हारे दर पेभक्त आन खड़े हैं।संसार के बन्धन सेपरेशान खड़े हैं।ओ मालिक...
बेशुमार फूल हैं फुलवाड़ी एक है।
बेशुमार फूल हैं फुलवाड़ी एक है।बहुत मुसाफिर हैं रेलगाड़ी एक है।
पृथ्वी सूर्य चाँद तारे आसमान...
तूने अपनी अनुपम माया से जग-ज्योति जगाई है।
तूने अपनी अनुपम माया सेजग-ज्योति जगाई है।मनुज और पशुओं को रचकरनिज महिमा प्रगटाई...
ओम् अनेक बार बोल प्रेम के प्रयोगी।
ओम् अनेक बारबोल प्रेम के प्रयोगी।है यही अनादि नादनिर्विकल्प निर्विवाद ।भूलते न पूज्यपाद,वीतराग योगी...
तू पिता और तू ही माता
तू पिता और तू ही माता,तू सखा तू ही हैभ्राता ऐ मेरे भगवान।निर्विकार निराकार तूसर्वजगदाधार...
जय जय पिता परम आनन्द दाता ।
जय जय पिता परम आनन्द दाता ।जगदादि कारण मुक्ति प्रदाता ॥ १ ॥
अनन्त और...
ओ३म् अक्षर अखिलाधार जिसने ज्ञान लिया।
ओ३म् अक्षर अखिलाधारजिसने ज्ञान लिया।एक अखण्ड, अकाय असंगी,अद्वितीय, अविकार व्यापक,ब्रह्म, विशुद्ध, विधाता, विश्व-विश्वभरतार को पहचान...
पक्षपात और अपस्वार्थ को छोड़ सरल होकर तू ध्यान।
(लावनी)
पक्षपात और अपस्वार्थ कोछोड़ सरल होकर तू ध्यान।न्याय तुला पर तोल दिखाऊँ,जो...
पिता और तू ही माता
पिता और तू ही माता,तू सखा तू ही है भ्राताऐ मेरे भगवान निर्विकारनिराकार तू सर्वजगदाधारतू सर्वशक्तिमान...
चाहे भँवर हो चाहे पहाड़।
चाहे भँवर हो चाहे पहाड़।चाहे नगर हो चाहे उजाड़।बड़े सुख लाती हैतेरी दया प्रभु ।दुःखों से...
जिसने पर्वत गगन, आगपानी पवन, सब बनाया।
जिसने पर्वत गगन, आगपानी पवन, सब बनाया।हमने उस ईश में मन लगाया।शब्द करती नदी...
धर्म के हेतु जो कट जाए माथ मुझको दो।
धर्म के हेतु जो कट जाए माथ मुझको दो।जो कि गिरतों को...











