Arya Samaj bhajan
विश्वपति जगदीश तुम
विश्वपति जगदीश तुम,तेरा ही ओ३म् नाम है।मस्तक झुकाके प्रेम सेईश्वर तुझे प्रणाम है ॥
"सृष्टि बनाके पालना"दाता है तेरे...
भजन - ९१
संसार के वाली ने संसार रचाया है संसार रचाकर के, कण-कण में समाया है ॥संसार के…..
कहीं निर्मल धारा...
अध्यात्म-पथिक बनने के लिये
अध्यात्म-पथिक बनने के लिये,मन शुद्ध 'पवित्र' बने रहना।व्रत-पालन की सिद्धि के लिये,मन शुद्ध पवित्र बने रहना ॥
जगदीश...
प्रभु को जानिये, बाद में मानिये
प्रभु को जानिये, बाद में मानिये,इन बहुरुपियो को पहचानिये।जो खुद को भगवान् कहते हैं।सत प्रकृति...
अखिलाधार "अमर" सुखधाम
अखिलाधार "अमर" सुखधाम,एक सहारा तेरा नाम ।कैसी सुन्दर सृष्टि बनाई,सूर्य-चन्द्र-सी ज्योति जगाई ॥बहुत मनोहर वायु बहाई एक सेएक...
"अजर" अमर निर्भय जगदीश्वर तू सर्वज्ञ महान् ।
"अजर" अमर निर्भयजगदीश्वर तू सर्वज्ञ महान् ।अणु अणु इस अखिलजगत् का करता तब...
हे अनन्त देव तू महान् से महान् है।
हे अनन्त देव तू महान् से महान् है।विश्व की हर एक चीज़ में...
प्रेम प्रभु के सच्चा करके देख जरा इंसान
प्रेम प्रभु के सच्चाकरके देख जरा इंसान,कितना दयावान् भगवान् ।दयानिधि वह दया का...
'अन्तर्यामी स्वामी' तुमको बारम्बार प्रणाम है।
'अन्तर्यामी स्वामी' तुमकोबारम्बार प्रणाम है।तुमने लोक रचाये हैं,सूर्य-चन्द्र चमकाये हैं,सन्ध्या की ऊषा में तेरी लीलाललित...
निराकार निर्विकार सर्वाधार ओंकार ।
निराकार निर्विकार सर्वाधार ओंकार ।ओंकार, ओंकार, ओंकार, ओंकार ॥
अणु अणु में व्यापक कौन विभु ?सर्वोपास्य अकाय...
हे मेरे जगदीश तुम
हे मेरे जगदीश तुम,सृष्टि के पालन हार हो।मस्तक नवाकर प्रेम से,प्रणाम बार बार हो ।
कर सके दर्शन...
प्रभु आये तेरे द्वार,नमस्कार नमस्कार ।
प्रभु आये तेरे द्वार,नमस्कार नमस्कार ।सब जग के आधार,नमस्कार- नमस्कार ।सूरज और चाँद में,तेरा ही...











