सुनों वीरों की कहानी

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सुनों वीरों की कहानी

सुनों वीरों की कहानी
तुम्हें आज है सुनानी
यदि याद न करोगे तो
बेकार है जवानी।। टेक ।।


सात सौ साल मुसलमानों के
साथ बजी तलवार
देहली आगरा किले के
अन्दर कभी किले के बाहर
धार खून की बहानी
खोनी दुश्मन की जिन्दगानी
यदि याद न करोगो तो
बेकार है जवानी।।1।।

एक दफे काबुल वालों ने
भारी ऊधम मचाया
नलवा नाम का वीर
बहादुर काबुल अन्दर धाया
बहाया खून जैसे पानी
कांपी काबुल की पठानी
यदि याद न करोगे तो
बेकार है जवानी ।।2।।

अंग्रेजों के साथ में मारा
नहले ऊपर दहला
बाद में चाहे जो कुछ भी हो,
वार किया था पहला
महिला मैना की कुरबानी
लक्ष्मी झांसी वाली रानी
यदि याद न करोगे तो
बेकार है जवानी ।।3।।

जलियांवाला बाग में
करके देशप्रेमी पर फायर
सोलह सौ की जान
खपाकर लन्दन पहुंचा डायर
कायर डायर की शैतानी
खोई कांपे इंगलिश्तानी
यदि याद न करोगे तो
बेकार है जवानी ।।4।।