ओ३म् महिमा
ओ३म् है जग का नियन्ता, ओ३म् ही करतार है।
ओ३म् राजा न्यायकारी, ओ३म् भव भरतार है।।1।।
ओ३म् है जग का नियन्ता…….
ओ३म् गुरु सर्वज्ञ माता, ओ३म् वेदागार है।
ओ३म् जनिता शक्ति सागर, ओ३म् प्रेमागार है।।2।।
ओ३म् है जग का नियन्ता……
ओ३म् सर्वेश्वर अभय है, ओ३म् सर्वाधार है।
ओ३म् अजरामर अनन्ता, ओ३म् जीवन सार है।।3।।
ओ३म् है जग का नियन्ता…….
ओ३म् प्रियतम नित्य सत्-चित ओ३म् सुख भंडार है।
ओ३म् अनुपम निर्विकारी, ओ३म् खल संहार है।।4।।
ओ३म् है जग का नियन्ता……
ओ३म् आकृति रहित विभु है, ओ३म् अपरम्पार है।
ओ३म् करुणा कन्द शिवतम, ओ३म् दुःख संहार है। ।5।।
ओ३म् है जग का नियन्ता ………










