मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान् तुम्हारी भक्ति में।

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मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान् तुम्हारी भक्ति में।

मिलता है सच्चा सुख केवल
भगवान् तुम्हारी भक्ति में।
ये विनती है पल-पल-क्षण-
क्षण रहे ध्यान तुम्हारी भक्ति में।

जिह्वा पर तेरा नाम रहे,
तेरी याद सुबह और शाम रहे।
बस काम ये आठों याम रहे,
रहे ध्यान तुम्हारी भक्ति में।

चाहे जीवन मुझ पर भार बने,
चाहे मौत गले का हार बने।
चाहे बैरी कुल संसार बने,
रहे ध्यान तुम्हारी भक्ति में।

चाहे संकट ने मुझे घेरा हो,
चाहे चारों ओर अन्धेरा हो।
पर मन नहीं डगमग मेरा हो,
रहे ध्यान तुम्हारी भक्ति में।

चाहे कांटों पर मुझे चलना हो,
चाहे अग्रि में मुझे जलना हो।
चाहे छोड़ के देश निकलना हो,
रहे ध्यान तुम्हारी भक्ति में।