मत सोच बांवरे कि बेकार इस दर पे आए।
(तर्ज – हज़ारों रंग बदलेगा ज़माना)
शेअर – मत सोच बांवरे कि बेकार इस दर पे आए।
जो भी आए रे इस दर पर वो ख़ाली न जाए।
- जो है भगवान् के दर का सवाली।
यहाँ से वो कभी जाए न ख़ाली।
१. यहाँ आकर सभी वरदान पाएँ।
यहाँ दुःख दर्द सारे छूट जाएँ।
कि ख़ुशहाली से मिट जाए कंगाली।
जो है भगवान के दर का सवाली…।
२. मन वचन कर्म से इक हो के आए।
उसे भगवान् झोली भर लौटाए।
वही दाता है त्रैलोकी का वाली।
जो है भगवान के दर का सवाली…।
३. है ख़बर उसको जो है मन में तेरे।
करेगा दूर वह ग़म के अन्धेरे।
‘पथिक’ भगवान् की महिमा निराली ।
जो है भगवान के दर का सवाली…।










