किसी से न कीजे बुराई किसी की।
किसी से न कीजे बुराई किसी की।
यदि बन न पाए भलाई किसी की।।
करो सत्य है जो बड़ों की बड़ाई।
करो पर न झूठी बड़ाई किसी की।।
रहो सत्य के सर्वदा सब ही साथी।
निरर्थक न लो पर लड़ाई किसी की।।
कमाओ विपुल धन परिश्रम से अपने।
ठगो ढाँग से पर न पाई किसी की।।
सदा अपने भुजबल से खाओ कमाकर।
महापाप खाना कमाई किसी की ।।
वरी नार सुन्दर सियानी सुशिक्षित।
तको पर न विनीता पराई किसी की।
नहीं इससे बढ़कर है आनन्द जग में।
कि टालें बला सिर पै आई किसी की।।
सुविचार
कड़ी मेहनत करें और सब्र करें।
आपको आपका फल जरूर मिलेगा।।










