जाप ना किया तूने ओ३म् नाम का।

0
56

जाप ना किया तूने ओ३म् नाम का।

जाप ना किया तूने
ओ३म् नाम का।
सर्वशक्तिमान् प्यारे
सुखधाम का।

खुशी का पैगाम तो
प्रभात लाई है।
और भी ‘बेमोल’
कुछ साथ लाई है।
जाने क्या सन्देश लाए
वक्त शाम का….।

जिन्दगी में कोई शुभ
कर्म ना किया।
धर्म ना किया दूर
भ्रम ना किया।
बोल तेरा तन फिर
किस काम का….।

दिन-रात जिसको
सजाने में लगा।
अपने ही मन को
रिझाने में लगा।

कुछ ना बनेगा तेरे
गोरे चाम का….।
उल्टे ही कर्म कमाए
उम्र भर।
पेड़ ही बबूल के लगाए
जिन्दगी भर।
कहां से मिलेगा
तुझे फल आम का….।