गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में एकदिवसीय राष्ट्रीय वैदिक संगोष्ठी का आयोजन

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Gurukul Kangri Vishwavidyalaya, Haridwar ke Sanyukt Tatvavadhan Mein Ekdivaseeya Rashtriya Vaidik Sangoshthi Ka Aayojan
Gurukul Kangri Vishwavidyalaya, Haridwar ke Sanyukt Tatvavadhan Mein Ekdivaseeya Rashtriya Vaidik Sangoshthi Ka Aayojan

नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति, वैदिक ज्ञान परंपरा और राष्ट्रनिर्माण के मूल आधार वेदों के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर गंभीर चिंतन के उद्देश्य से आर्य समाज, राजेन्द्र नगर, दिल्ली एवं गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में 23 अगस्त 2026 (रविवार) को एक एकदिवसीय राष्ट्रीय वैदिक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी स्वामी श्रद्धानन्द जी के बलिदान शताब्दी स्मृति वर्ष को समर्पित होगी तथा इसका शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे से होगा।


इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय “वर्तमान परिप्रेक्ष्य में वेदों की प्रासंगिकता” रखा गया है। आज जब समाज अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक, नैतिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में वेदों के सार्वभौमिक सिद्धांत मानव जीवन को नई दिशा प्रदान कर सकते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर देशभर के विद्वान, शिक्षाविद, शोधार्थी, वैदिक चिंतक एवं समाजसेवी इस संगोष्ठी में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।


संगोष्ठी के अंतर्गत अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें वेदों के आलोक में परिवार, समाज एवं राष्ट्र-निर्माण, वेद और शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुर्वेद, योग तथा पर्यावरण, वेद एवं विज्ञान, चिकित्सा, प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वेद एवं नैतिक मूल्य, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा सफल जीवन जैसे समसामयिक विषय प्रमुख रहेंगे। इसके अतिरिक्त स्वामी श्रद्धानन्द जी का वैदिक चिंतन, राष्ट्रनिर्माण, शिक्षा, सामाजिक समरसता, धर्म-प्रचार, गुरुकुलीय परंपरा तथा भारतीय समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।


आयोजकों का उद्देश्य केवल वैदिक विचारों का प्रचार करना ही नहीं, बल्कि आधुनिक समाज के समक्ष उपस्थित समस्याओं के समाधान के लिए वेदों की उपयोगिता को प्रमाणिक रूप से प्रस्तुत करना भी है। यह संगोष्ठी शोधार्थियों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों, वैदिक विद्वानों एवं समाज के जागरूक नागरिकों के लिए एक उत्कृष्ट बौद्धिक मंच सिद्ध होगी।


इस अवसर पर देशभर के शोधार्थियों एवं विद्वानों से शोध-पत्र आमंत्रित किए गए हैं। शोध-पत्र भेजने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक प्रतिभागी अपने शोध-पत्र निम्न ईमेल पर भेज सकते हैं:

ईमेल: aryasamajorn@gmail.com


आयोजक मंडल

  • सतीश मेहता — प्रधान
  • राज बजाज — कार्यकारी प्रधान
  • अतुल सहगल — कार्यकारी प्रधान
  • के. के. गेरा — मंत्री

संयोजक मंडल

  • डॉ. देवेश प्रकाश आर्य — संयोजक, राष्ट्रीय वैदिक संगोष्ठी
  • आचार्य गोपीचन्द शास्त्री — व्यवस्थापक, राष्ट्रीय वैदिक संगोष्ठी
  • डॉ. दीनदयाल वेदालंकार — समन्वयक, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार

आयोजकों ने देशभर के विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं वैदिक विचारधारा से जुड़े सभी नागरिकों से इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में सहभागिता करने का आग्रह किया है, ताकि वेदों के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाया जा सके तथा ज्ञान, संस्कृति और राष्ट्रहित के विषयों पर सार्थक संवाद स्थापित हो सके।


संपर्क सूत्र

📞 9968573439
📞 +91 7972497608

📧 ईमेल: aryasamajorn@gmail.com

संदेश:
“वेदों से विश्व कल्याण • ज्ञान से समाज उत्थान • वैदिक विचार से राष्ट्र निर्माण”


🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶