प्रार्थना
दयामय देव ! सुखदाता, पिता तू ही हमारा है।
तुझे प्रभु छोड़कर जग में नहीं कोई सहारा है।।
दयामय देव ! सुखदाता, पिता तू ………..
कृपा कर हे कृपा सागर ! हृदय में तू हमारे आ।
प्रकाशक पाप नाशक तू, तुम्हीं सबका सहारा है।।
दयामय देव ! सुखदाता, पिता तू ……….
अविद्या-क्लेश-बन्धन का, पिता! तू काटने हारा।
हमारे पर दया कर दे, तुझी ने विश्व धारा है।।
दयामय देव ! सुखदाता, पिता तू …………
न हमको चाह है यश की, नहीं कुछ कामना धन की।
तुझे बस चाहते हैं हम, न तेरे बिन गुजारा है।।
दयामय देव ! सुखदाता, पिता तू ………..
दया का सिन्धु होकर भी, न देगा गर शरण हमको।
तो जायेंगे कहाँ भगवन् ! तू ही सबका सहारा है।।
दयामय देव । सुखदाता, पिता तू ………….










