आर्य समाज भजन

गगन में तार जोड़ने वाला

आ पप्रो पार्थिव रजो वद्वघे रोचना दिवि। न त्वावाँ इन्द्र कश्चन न जातो न जनिष्यतेऽ विश्व ववक्षिय ।। ऋः १.८१.५ तर्जः मुक्या...
Read more
प्र वयो॑ मि॒त्राय॑ गायत॒ वरु॑णाय वि॒पा गिरा। मह॑िक्षत्रावृतं वृहत् ॥ ऋः ५.६८.१ साम. ११४३ तर्जः मी ही अशी भोळी कशी ग गीत...
यम॑ग्ने॒ मन्य॑से र॒यिं सह॑सावन्नमर्त्य तमा नो वाज॑सातये॒ वि वो मद॑ य॒ज्ञेषु चित्रमा भ॑रा विव॑क्षसे।। ऋः १०.२१.४ तर्जः मीरा बाई कातर वेड़ी हे...
सक्तुमिव तित॑उना पुनन्तो॒ यत्र धीरा॒ मन॑सा॒ वाच॒मव॑त । अत्रा सखायः सुख्यानिं जानते भ॒द्रेष लक्ष्मीर्निहिताधि॑ि वा॒चि।॥ ऋ. १०.७१.२ तर्जः मी बाळ असा...
युत्किं च॒दं व॑रुण दैव्ये॒ जन॑ऽभिद्रोहं मनुष्याई भरांमसि । अर्चित्ती यत्तव॒ धर्मायुयोप॒म मा न॒स्तस्मा॒देन॑सो देव रीरिषः ॥ अथ. ६.५१.३ तर्जः मी...
मा त्वा सोम॑स्य॒ गल्द॑या॒ सदा याच॑न्न॒हं ग्रा। भृर्णि मृगं न सर्वनेषु चुक्रुधं क ईशानं न याचिपत ।। ऋः ८.१.२० तर्जः...
दृते दृहं मा।ज्योक्ते सुन्दृर्शि जीव्यासं ज्योक्तै सन्दृर्शि जीव्यासम् ॥ यजु. ३६/१६ तर्जः माविन चोटिले मळ्मुळले मधुरमाय-086/214 राग मिश्र खमाज भाजन बन...
१ २ ३२३ १२३१ २ ३१२ २उ ३ १२ शं नो देवीरभिष्टये शं नो भवन्तु पीतये। शं योरभि स्रवन्तु नः...
स नः पप्रिः पारयाति स्वस्ति नावा पुरुहूतः। इन्द्रो विश्वा अति द्विषः ॥ ऋः ८.१६.११ तर्जः मिड़ीतुम्मिल पुणरुम्न नेरम परयादे अरियुम अनुरागम तरणी...
कन॑िक्रन्ति हरिरा सृज्यमानः सीद॒न्वन॑स्य जुठरै पुना॒नः । नृर्भिर्युतः कृणुते निर्णजूं गा अततो॑ म॒तीर्ज नयत स्व॒धार्भिः ।। साम. ५३० ऋ. ६.८५.१ तर्जः...
रथाय नावमुत नो गृहाय नित्यारित्रां पद्धती रास्यग्ने । अस्माकं वीरौं उत नो मघोनो जनाँश्च या पारयाच्छर्म या च। । ऋः १....
तू कर ले प्रीति ओम् से ओ अभिमानी बन्दे ! तू कर ले प्रीति ओम् से।तज कर झूठे धंधे ! तू...
तेरे मन्दिर में आया करूँ (तर्ज- तुम अगर साथ देने का वादा करो) मैं तेरे प्रेम की धुन में गाता हुआजब कभी...
सहारा मिल गया जिस को प्रभु के नाम का जग में सहारा मिल गया।उस नाव को मंझधार में समझो किनारा मिल...
कर्म खोटे तो ईश्वर के भजन गाने से क्या होगा। (तर्ज- हमारी याद जब आये तो आंसू बहा लेना) कर्म खोटे तो...
सबके पालनहार हो प्रभु जी। सबके पालनहार हो प्रभु जी।जन जन के दातार हो प्रभु जी।सब के पालनहार हो प्रभु जी……… अन्तर्यामी...
ग़रीबों की पुकार (तर्ज-जान सके तो जान) कर मुश्किल आसान।सूख रही है जीवन खेतीदेख जरा भगवान् ।कर मुश्किल आसान….. १. ऐ विधाता जग...
प्रभु याद रहे (तर्ज-चले जा चले जा चले जा जहाँ प्यार मिले) भूले न भूले न भूले न प्रभु याद रहे।भूले न...
तू पिता तू ही माता (तर्ज- ऐ मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन) तू पिता और तू ही माता तू सखा,तू...
दुनियाँ का वाली (तर्ज-चली मेरी दुल्हन की डोली) प्रभु तू है दुनियाँ का वाली।झूम के डाली डालीगाती है कोयल काली।प्रभू तू है………. १....
सब का मालिक (तर्ज- यह सारी दुनियाँ है आनी जानी तो) सब का तू मालिक जग का भण्डारी।सारा जमाना तेरा पुजारी है।सब...
ओ३म् भज मेरे मन (तर्ज-बात इतनी सी है कह दो कोई दीवानों से) तोड़ कर दुनियाँ के बन्धन प्रभु दीवाना बन।ओ३म् भज...
सफल ज़िंदगी (तर्ज- रात दिन गुरु के गीत गाए जा) जो भी उस प्रभु के गीत गाएगा।ज़िन्दगी सफल वही बनाएगा। १. क्योंकि वह...
प्रार्थना - हे प्रभो वर दीजिए धारण करें सन्तोष हम। (तर्ज-यज्ञरूप प्रभो हमारे भाव उज्वल कीजिए) हे प्रभो वर दीजिए धारण...
हृद॒िस्पृश॑स्त आसते विश्व षु सोम् धार्मसु। अधा कामा॑ इ॒मे मम॒ वि वो मदे॒ वि तिष्ठन्ते वसूयवो विव॑क्षसे। । ऋः १०.२५.२ तर्जः...
अग्ने क्दा त आनुपरमुवद्द्वस्य चेतनम् । अा ही त्वां जगृचिरे मर्ता सो विक्ष्वीय॑म् ॥ ऋः ४.७.२. तर्जः मालवून टाकदीप हे जगत के...
अव॑ ते हेळो वरुण नमौभि॒िरव॑ य॒ज्ञेभिरीमहे हृविर्भिः । क्षय॑न॒स्मभ्यम॑सुर प्रचेता॒ राज॒त्रेनासि शिश्रथः कृतानिं ॥14॥ ऋ. १.२४.१४ तर्जः मालवून टाकदीप-484/490 आ प्रभु से...
ओ३म् । तुभ्येमा भुवना कवे महिम्ने सौम तस्थिरे। तुभ्य॑मर्षन्ति सिन्धवः ॥ तर्जः मरिविल पुन्गुई ले मनीवांग प्रभु तुमसे प्यार करता रहूँगाऋत-सत्य नियमों...
सुशेवों नो मृठ्याकुरदृप्तक्रतुरवातः । भवां नः साम् शं हृद ।। ऋ. ८.७६.७ तर्जः मारा घटमा विराजता श्री नाथ जी हमारे हृदयों...
वैदिक प्रार्थना (तर्ज-बनो आर्य खुद और जहाँ को बना दो) दयामय प्रभु जी दया हम पे कर दो।तुझे वर सकें हम हमें...
कहीं झूठ कहीं छल (तर्ज-कभी धूप कभी छाओं) कहीं झूठ कहीं छलकहीं झूठ तो कहीं छल।नर तन चोला फिर न मिलेगाइन बदियों...
भगवान् की रचना (तर्ज - मेरे देश की धरती सोना उगले) भगवान् की रचना बड़ी निरालीबड़ी ही सुन्दर न्यारी।भगवान् की रचना……… १. कितनी...
इन्साफ़ है जो भगवान् करे (तर्ज - छू लेने दो नाजुक……) अच्छा ही सभी कुछ होता है,इन्साफ़ है जो भगवान् करे।फिर उसका...
अपरम्पार माया (तर्ज - फिरकी वाली तू कल फिर आना) रखवाले। जमाने से है न्यारा जो प्राणों से भी प्यारातू सच्चा करतार...
इन्द्रो यातोऽवसितस्य राजा शमस्य च शृङ्गिणो वज्रवाहुः । सेदु राजा क्षयति चर्षणीनामरान्न नेमिः परि ता बभूवः ॥ ऋः १.३२.१५ तर्जः मारा...
अत्रि॒मनु॑ स्व॒राज्य॑म॒ग्निमुक्थान॑ वावृधुः। विश्वा अघि श्रियाँ दथे। ॥ ऋः २.८.५ तर्जः मारगड़ी तिंगड़ अल्लवा-1126 राग भैरवी कर्म फल भोगने आया, कार्य नये करने...
दयाधन ! हो तव जय जयकार ॥ ध्रुव ॥भारत नहीं किन्तु ऋषिवर ! तव ऋणी सकल संसार ॥ ध्रुव ॥ सघन...
शीत शिशिर हेमन्त का हुआ परम प्राधान्य । शीत शिशिर हेमन्त का,हुआ परम प्राधान्य ।तैल, तूल, तपन का,सब जग में है...
कूलन में केलिन में कछारन में कुञ्जन में। कूलन में केलिन में कछारन में कुञ्जन में।क्यारिन में कलित कलीन किलकंत है...
है ऋतुराज का आगमन है ऋतुराज का आगमन,जल-थल में छवि आई है।प्रकृति देवी नवल रंग मेंरंगमञ्च पर आई है ॥ विरस द्रुमों...
दुःखद दूर हुआ हिम-त्रास है दुःखद दूर हुआ हिम-त्रास है,सुखद आगत श्री मधुमास है। अब कहीं, दुःख का न निवास है,सब कहीं...
नारी है निकेत सब, दिव्य ललित भावों का नारी है निकेत सब,दिव्य ललित भावों का,प्रतिमा मधुरिमा की,प्रेम की परम धार।उसकी नारि...
विश्वविदित गुजरात देश में टंकारा इक सुन्दर ग्राम। विश्वविदित गुजरात देश में,टंकारा इक सुन्दर ग्राम।उसमें था औदीच्य ब्राह्मणों का,कुल बहुश्रुत एक...
सुन्दर भोजन वस्त्र, राजसुख जिसने छोड़ा। सुन्दर भोजन वस्त्र, राजसुख जिसने छोड़ा।सास, ससुर, परिवार-प्रेम का बन्धन तोड़ा ॥हठकर पति के संग...
था वसन्त, परन्तु आर्यजाति-वर-लता नहीं फूली थी था वसन्त, परन्तु आर्यजाति-वर-लता नहीं फूली थी,ब्रह्मचर्यं आदित्य-किरण तन-गगन नहीं झूली थी।क्षमता-शीलता-मेल-मलयमय स्नेह-समीर नहीं...
जिसकी पवित्र वेदविद्या मंगला के आगे जिसकी पवित्र वेदविद्या मंगला के आगे,पापिनी अविद्या दुःखद का मुख बन्द है।लुक्कड़ लताड़े, मतवाले दर्पहीन...
भारतरत्न मूलशंकर ने मंगल मूल विचार किया। भारतरत्न मूलशंकर ने मंगलमूल विचार किया।होकर दयानन्द ऋषि नामी,जीवन परमोदार किया।कौतुक देख चपल चूहे...
ऋषिराज ! आज तेरा जग गान गा रहा है। ऋषिराज ! आज तेरा,जग गान गा रहा है।चुपचाप चारु चेरा,बन मान पा...
एक अविनाशी अजन्मा विश्वधर धाता तू ही। एक अविनाशी अजन्मा विश्वधर धाता तू ही।लोक-नायक न्यायकारी तू पिता माता तू ही ॥धर्मरक्षक...
फूल बरसाते गुणी पद ज्ञान के गाते चले । फूल बरसाते गुणी पद ज्ञान के गाते चले ।लाख ही लाहौरवासी शोक...
वेदविद्या के विनोदी, बुद्धि बुद्ध विहार थे। वेदविद्या के विनोदी, बुद्धि बुद्ध विहार थे।मातृभू के मान मोदी, धैर्य-धर्माधार थे ॥तर्क के...
ऋतुराज वसन्त विराज रहा ऋतुराज वसन्त विराज रहा,मनभावन है छवि छाज रहा।बन-बागन में कुसुमावलि की,सुखदा सुषमा वह साज रहा ॥ यव गेहुँ...
मत बैठे वसन्त निहारो मत बैठे वसन्त निहारो,उठो होली खेलो उमंग बगारो ॥ टेक ॥फूला फाग प्रेम रसिकों को, प्रीति पसार...
चाव में डूबे उमंगों में भर भावों ढले । चाव में डूबे उमंगों में भर भावों ढले ।गान के वर गौरवों...
ओज औ माधुर्य में बीभत्स आकरके मिला। ओज औ माधुर्य में बीभत्स आकरके मिला।चाटलों के पुंज बीच प्रसून बिम्बी का खिला...
स्वामी श्रद्धानंद गीत संगीनों के आगे सीना,खोल खड़ा था सन्यासी Iसिंह सरीखा निर्भय था जो,कौन था वो गुरुकुलवासी II जिस दिन हुआ...
संगठन सूक्तम् संगच्छध्वं संवदध्वं संवो मनांसि जानताम्। देवा भागां यथा पूर्वेसंजानाना उपासते।। समानी व आकूतिःसमाना हृदयानि वः।समानमस्तु वो मनोयथा वः सुसहासति।। समानो मन्त्रः समितिःसमानी...
समर्पण प्रार्थना हे विभो आनन्दसिन्धोमे च मेधा दीयताम्। यच्च दुरितं दीनबन्धोतच्च दूरं नीयताम्।। टेक।। चंचलानि चेन्द्रियाणिमानसं मे पूयताम्।शरणं याचे तावकोऽहंसेवकोऽनुगृह्यताम्।। 1।। त्वयि च वीर्यं...
भगवन् त्वदीय भक्तिं,स्वान्ते सदा भरेयम्।वेदोक्त धर्मकार्यन,पक्तन्दिनं विधेयम् ।। टेक।।भगवन्.. संगः सदा सुधीनां,सरणी च सज्जनानाम्।सद्भावनाश्रितोऽहं,पापात् सदा बिभेयम् ।।१।।भगवन्.. रोगा दहन्ति देहं,प्रबलाः शरीर मध्ये।ब्रह्मचर्यमौषधं...
ईश प्रार्थना दयाकर भक्तिविज्ञानं पितः परमात्मनं देयम्।दया देया दयालुरसि चितौ संशोधनं धेयम्।। टेक।। प्रभो आगच्छ ध्याने मे वश शीघ्रं च नेत्रे मे।तमश्छन्ने...
पितः पातु पितः पातु विमलां तां आर्षलताम्१.पाणिनी मुनिना व्याकृतिखनिनाअतिमतिधनिना हि पतञ्जलिनामेधयाऽमलया विहितातिसेवाम् २.व्याकरणारुणैर्भूतपोहरणैःविरजानन्दचरणैरार्षत्वभरणैःभुवि भूयो भूषितां सुहितां नितराम् ३.देवदयानन्दैरानन्दकन्दैःवेदविद्यावन्द्यैस्तद्रसस्यन्दैःलालितां पालितां तामतिसुफलाम्
अत्रि॒िमनु॑ स्व॒राज्य॑म॒ग्निमुक्यानि॑ वावृधुः । विश्वा अधि श्रियों दथे। ऋः २.८.५ तर्जः मारगड़ी तिंगड़ अल्लवा-1126 राग भैरवी कर्म फल भोगने आया, कार्य नये...
अर्घा हिन्वा॒न इन्द्रियं ज्यायया॑ महि॒ित्वमा॑नशे । अ॒भि॒िष्टिकृद्विच॑र्षणिः ।। ऋः ६.४८.५ तर्जः माये विन नाहीं बाई सूक्ष्म से सूक्ष्म ये जीव है अभंगफिर भी...
वाज॑स्य॒ नु प्र॑स॒वे मातरं म॒हीमद॑िति॒ नाम॒ वच॑सा करामहे। यस्यया॑ उ॒पस्य॑ उ॒र्वप॒न्तरि॑क्षं सा नः शर्म त्रिवरूं नि य॑च्छात्॥१॥ यजु. १८/३० तर्जः माय...
आ तं एतु मनः पुनः क्रत्वे दक्षाय जीवसै। ज्योक्च॒ सूर्यं दृशे ।। ऋः १०. ५७.४ तर्जः माना मानव या परमेश्वर-2491...
शीवतस्ते पुरुशाक् शाका । गामिव स्रुतयः संचर॑णीः । व॒त्सानां न त॒न्तय॑स्त इन्द्र दाम॑न्वन्तो अदामानः सुदामन् ।। ऋः ६.२४.४ तर्जः मानस मिलये...
उप॑ च्छायाम॑िव॒ घृणेरग॑न्म॒ शर्म ते व॒यम् । अग्ने॒ हिर॑ण्यसंदृशः॥ तर्जः मानयिन यारो मन्दोड़केत जब कोई धूप से होता है व्याकुलछाँव वो ढूँढता...
न्य॑क्रुतून ग्रूथिनौ मृध्रवा॑चः प॒णीर॑श्रुद्धाँ अ॑वृधाँ अ॑य॒ज्ञान । प्रप् तान् दस्यूँरग्निर्विवाय॒ पूर्वश्चकारापरौं अय॑ज्यून।। ऋः ७.६.३ तर्जः माणिक्ये पुईलेनी काणात काडुम्बो धर्म और...
उपस्थास्ते अनमीवा अयक्ष्मा अस्मभ्यं सन्तु पृथिवि प्रसूताः । दीर्घ न आयुः प्रतिबुध्यमाना वयं तुभ्यं बलिहृतः स्याम ।। अथ. १२.१.६२ तर्जः माटीतुन जन्ममाझा भूमिमातः...
इन्द्र प्र णो रथमव पश्चच्चित्सन्तमद्रिवः । पुरस्तादेनं मे कृधि ॥ ऋः ८.८०.४ तर्जः माझी व्यथा नाही कुणाशी बोलतो हे इन्द्र! मेरे रथ की,रक्षा...
नारी जो बने, सुत ऐसे जने। नारी जो बने, सुत ऐसे जने।पितरों की आज्ञा मान रे ऽधर्म निभाने वाले हों।कोई राम...
हे विभो आनन्द सिन्धोमे च मेधा दीयताम्। हे विभो आनन्दसिन्धोमे च मेधा दीयताम्।यच्च दुरितं दीनबन्धोतच्च दूरं नीयताम्।। टेक।। चंचलानि चेन्द्रियाणिमानसं मे पूयताम्।शरणं...
स्वामी तेरे सिवा कोई नहीं है और किसका मैं पकडुँ सहारा।स्वामी तेरे सिवा कोई नहीं है।। टेक।। जिन्दगी को मैं खोता रहा...
“खुद का अव्यक्त” व्यक्त की आभा इतनी सुन्दर।अव्यक्त तो होगा ही सुन्दरतम।।अपने आप के अव्यक्त को समझ ले।विभूतिमय है वो है...
“आह्वान-पुकार-स्वीकार” ब्रह्म आह्वान से चतुः आधान।अन्न बल वेग व विज्ञान।। टेक।। उच्च निम्न मध्यमपुकारते हैं ब्रह्म।। 1।। यात्री व मंझिल करमपुकारते हैं ब्रह्म।।...
“ब्रह्म निकटतम” पर उपकार धर्म शृंगार,जीवन का आधार है।सुख जीवन पूर्व हैं तोसुख ही जीवन पार है।। टेक।। सत्संग करते पढ़ते पढ़तेजीवन...
“आत्म ब्रह्म में” ओ3म् नारायणः, ओ3म् खं ब्रह्म।ईशावास्यमिदं सर्वम्… (2)।। टेक।। सृष्टि यज्ञ सुरचना, संधि संधि अर्चना।समीपतम है हितकर, ब्रह्म ज्योतित है...
आ ब्रह्मन् ब्राह्मणो ब्रह्मवर्चसी जायताम्। आ ब्रह्मन् ब्राह्मणोब्रह्मवर्चसी जायताम्। आ राष्ट्रे राजन्यः शूर इषव्योऽतिव्याधी महारथो जायताम्। दोग्ध्री धेनुर्वोढाऽनड्वानाशुःसप्तिः पुरन्धिर्योषा जिष्णू रथेष्ठाः सभेयोयुवास्य यजमानस्य वीरो...
मनीषी चिन्तन सत्य सनातन प्राणवंत है। नित्य निरंतर नव वसंत है। जो भी मेरे पुरखों को गाली देगा,धर उसकी छाती पर दोनाली...
मुफ्तखोर बन जाय न अपना देश कमेरों का। मुफ्तखोर बन जाय नअपना देश कमेरों का।कुत्ते मिलकर मुँह न नोच लेंबब्बर शेरों...
अभागिनी गाय सपनों में अनगिन आवाजें आती हैं।कोई नहीं दिखता व्यथा बढ़ाती है।हाथ चाट कर कोई मुझे उठाती है।रोती आँखों से...
जय गैया मैया जय गैया मैया जय गैया मैया जय गैया मैया1सुधा की माखी तू सोन पाखीबढ़ी कलाई दे बंद राखीतू...
आर्य वीर दल आर्य जनों की पावन निर्मल थाती है आर्य वीर दल आर्य जनों कीपावन निर्मल थाती हैसाहस दूल्हा विनय...
घातों पर प्रतिघात वार पर वार करारा घातों पर प्रतिघात वार पर वार कराराआर्य वीर दल चला तोड़ने कुत्सित कारा।।स्थाई।। जहां कहीं...
आर्यवीरदल वीर व्रती है आर्यवीरदल वीर व्रती है,पावन हल्दीघाटी है।त्याग तपस्या शक्तिभक्ति के हवनकुण्ड की माटी है॥ आर्यवीरदल हर दलदल मेंकमल खिलानेवाला...
बोल बोल निर्भय आर्यवीर जय जय। आर्यवीर दल जयबोल बोल निर्भय/आर्यवीर जय जय।अजय विजय जय जय/आर्यवीर दल जय। हर मुश्किल का हल/सेवा...
मेरा नरेन्द्र, मेरा नरेन्द्र मेरा नरेन्द्र, मेरा नरेन्द्र।अनुपम, अद्भुत, सक्षम सुरेन्द्र।।टेक।। बस राष्ट्र, राष्ट्र -जपता माला।तोड़े हर जंग लगा ताला।बदले न कभी...
अमृत वेला जाग अमृत बरस रहा। अमृत वेला जाग अमृत बरस रहा।छोड़ नींद का राग अमृत बरस रहा।। चार बजे के पीछे...
सृष्टि की आदि से देश सिरमौर था। सृष्टि की आदि से देश सिरमौर था।आज भी है और कल भी रहेगा॥टेक॥ ऋषियों की...
ब्रह्मन् स्वराष्ट्र में हों ब्रह्मन् स्वराष्ट्र में हों,द्विज ब्रह्म तेजधारी।क्षत्रिय महारथी हों,अरिदल विनाशकारी।। 1।। होवें दुधारु गौएं,पशु अश्व अशुवाही।आधार राष्ट्र की हों,नारी...
बोल बोल निर्भय आर्यवीर जय जय। आर्यवीर दल जयबोल बोल निर्भय/आर्यवीर जय जय।अजय विजय जय जय/आर्यवीर दल जय। हर मुश्किल का हल/सेवा...
दयानन्द के वीर बाँके सिपाही दयानन्द के वीर बाँके सिपाही,हलचल मचाने चले ऽऽ तूफान लाने चले।। आलस की निद्रा में जो सो...
क्रान्ति - शान्ति की खान हैं गुरुकुल। क्रान्ति - शान्ति की खान हैं गुरुकुल।संस्कृति के जय - गान हैं गुरुकुल।तक्षशिला -...
है भला तेरा इसी में माँस खाना छोड़ दे। है भला तेरा इसी मेंमाँस खाना छोड़ दे।इस मुबारिक पेट मेंकब्रें बनाना...
ओ3म् सुखकन्द से सच्चिदानन्द से याचना है। ओ3म् सुखकन्द से सच्चिदानन्द से याचना है।श्रेय पथ पर चलूं कामना है।। टेक।। कृत कुकर्मों...
कुम्भकरण से हनुमानों से कुम्भकरण से हनुमानों सेपूछ रहा है आर्यसमाज।दयानन्द की सन्तानों सेपूछ रहा है आर्यसमाज। कृणवन्तो विश्वमार्यम् कासपना कब पूरा...
ये सत्य का प्रकाश है उभर के रहेगा। ये सत्य का प्रकाश है उभर के रहेगा।ये सत्य-सूर्य है कि तिमिर हरके...
ब्रह्म मेरा घर है ब्रह्म मेरा घर है, ब्रह्म मेरा दर है,ब्रह्म रास्ता है।वेद की दृष्टि से, देखें तो समझें,ब्रह्म हर...
सफलं भवतु सफलं भवतु …. सफलं भवतु सफलं भवतु ….शुभम् भवतु सुगमम् भवतुकल्याणं भवतु मंगलम् भवतु,आरोग्यं भवतु सफलं भवतु…हे लक्ष्य वीर...
जिसपर था सर्वस्व लुटाया जिसपर था सर्वस्व लुटाया,मेरा वो अरमान कहां है?बोलो नेहरू बोलो गांधी,मेरा हिन्दुस्तान कहां है?भारत आर्यावर्त कहां है?? सैंतालीस...