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"स्थिरानुरागा हि गुणेषु साधवः ।"(सज्जन पुरुष सदा गुणों में स्थिर प्रेम रखते हैं।)
🕉 संक्षिप्त जीवन परिचय
हुतात्मा लक्ष्मणराव जी का जीवन-चरित्र...
"न सन्त्येव ते येषां सतामपि न विद्यन्ते मित्रोदासीनशत्रवः ।"(जो सच्चे सज्जन होते हैं, उनके लिए न कोई मित्र, न उदासीन...
"धर्मान्नास्त्यपरः सुहृद् भवभृताम्"
(धर्म से बढ़कर संसारवासियों का कोई और हितैषी नहीं।)
परिचय
श्री पाण्डुरंग जी हैदराबाद राज्य के उस्मानाबाद जनपद के निवासी...
स्त्री आर्य समाज, मौहल्ला डोगरान, हिसार द्वारा रक्षाबंधन श्रावणी पर्व महोत्सव का भव्य आयोजन
आर्य समाज के सिद्धांतों को जन-जन तक...
"अ तरुणात्वमकारणविग्रहः प्रकृतिसिद्धमिदं हि दुरात्मनाम्"
परिचय
श्री माधवराव सदाशिवराव जी हैदराबाद राज्य के उस्मानाबाद जनपद के लातूर नगर के निवासी थे। केवल...
"वयं जयेम त्वया युजा"(हे ईश्वर! आपके साथ जुड़कर हम विजय प्राप्त करें)
धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण...
वानप्रस्थ साधक आश्रम में नवीन भवन का लोकार्पण समारोह
(पाकशाला, भोजनशाला एवं कुटीरों का उद्घाटन)
विक्रम संवत् 2082, श्रावण कृष्ण नवमी, रविवार...
।। ओ३म् ।।श्रावणी पर्व विशेष आलेख – आर्य समाज, सोलापूर द्वारा आयोजित वैदिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
ईश्वरपुत्रो!
धर्म और संस्कृति की रक्षा...
आर्य समाज सार्द्ध शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 हेतु बृहद् सार्वजनिक बैठक
नई दिल्ली, 27 जुलाई 2025:महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की...
विनय मेरी, मेरी भगवन्
विनय मेरी, मेरी भगवन्मेरा परित्याग ना करनाविनय मेरी, मेरी भगवन्मेरा परित्याग ना करना
मेरी उलझन को सुलझानामेरी उलझन...
आनन्द स्रोत बह रहा
आनन्द स्रोत बह रहा,पर तू उदास हैआनन्द स्रोत बह रहा,पर तू उदास हैअचरज है जल में रह...
पूजनीय प्रभो !! हमारे,भाव उज्जल कीजिये
पूजनीय प्रभो !! हमारे,भाव उज्जल कीजियेछोड़ देवें छल-कपट को,मानसिक बल दीजिये
वेद की बोलें ऋचायें,सत्य को...
ओ३म् ऽऽऽऽऽऽऽओ३म् ऽऽऽऽऽऽऽओ३म् ऽऽऽऽऽऽऽ
भूर्भुव॒: स्व॒: तत्स॑वि॒तुर्वरे॑ण्यं॒ भर्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि ।धियो॒ यो न॑: प्रचो॒दया॑त्
जब चिन्ता बहुत सतायेतब ओ३म् नाम का जाप...
न तो देर है न अन्धेर है
न तो देर है न अन्धेर है,तेरे कर्मों का ये सब फेर है
लाखों तीरथ...
कर्मों की है ये माया
कर्मों की है ये मायाऽऽऽऽकर्मों के खेल सारे ऽऽऽऽकर्मों के इस जहाँ मेंक्या-क्या अजब नज़ारेक्या-क्या अजब...
ब्रह्मन् ! स्वराष्ट्र में हों
ब्रह्मन्!!! स्वराष्ट्र में हों,द्विज ब्रह्म तेजधारीक्षत्रिय महारथी हों,अरिदल विनाशकारीब्रह्मन्!!! स्वराष्ट्र में हों,द्विज ब्रह्म तेजधारी
होवें दुधारू गौएँ,पशु...
भज ले प्रभु को, इक दिन तो है जाना
भज ले प्रभु को, इक दिन तो है जानाजीवन को यदि सफल...
चुपके-चुपके जो कोई ईश्वर से दुआ करता है
ओ३म्ओ३म्ओ३म् भूर्भुव॒: स्व॒: तत्स॑वि॒तुर्वरे॑ण्यं॒भर्गो॑ दे॒वस्य॑ धीमहि ।धियो॒ यो न॑: प्रचो॒दया॑त्
यजुर्वेद 36/3
ओ३म् यस्य भूमिः...
शरण अपनी में रख लीजिये
शरण अपनी में रख लीजियेदयामय दास हूँ तेरातुम्हें तज कर कहाँ जाऊँहितु को* और है मेराको*=कौन
भटकता...
करुणा सागर !!!तुमको पाकरतरूँ भवसागरऐसी कृपा कर दोजीवन धन !!ऐसी कृपा कर दो
मैं हूँ प्यासीतुम निर्झर होमैं चातकतुम स्वाति बूँद...
जो भजे हरी को सदा सो ही परम पद पायेगा
जो भजे हरी को सदा (1)सो ही परम पद पायेगा
देह की...
ओ३म् श्री परमात्मने नमः
ओ३म् श्री परमात्मने नमःओ३म् श्री परमात्मने नमः
भूलो ना, भूलो ना, भूलो नाप्रभु याद रहे, प्रभु याद रहे
ओ३म्...
तेरे दर पे प्रभु जी हम आन खड़े
तेरे दर पे प्रभु जी हम आन खड़ेतुम ही रक्षक हो दुनिया में...
कुछ काम कर के जाना
कुछ काम कर के जानादुनिया से जाने वालेजाते हैं रोज लाखोंबेकार खाने वाले
चौरासी लाखा खोयेहर जन्म-मरण...
मन तृष्णा पूर्ण नहीं होय
मन तृष्णा पूर्ण नहीं होयएक के पीछे दूजी बैरनरस्ता रोक खलोयेमन तृष्णा पूर्ण नहीं होय
वो करम...
किस ढङ्ग से सुनाऊँ
किस ढङ्ग से सुनाऊँकिस रङ्ग में सुनाऊँसत्संग में सुनाऊँ सबकोमहिमा ओ३म् नाम की
कुछ ध्यान लगा लेथोड़ा ज्ञान...
सारी सृष्टि दुल्हन सी सजी है
सारी सृष्टि दुल्हन सी सजी हैक्या अनोखी ये कारीगरी हैआग सूरज में जो जल रही...
ब्रह्म युजित उन्मुक्त तू हो जा धरती वासी रे!!
ब्रह्म युजित उन्मुक्त तू हो जाधरती वासी रे!!
देश - देश ना सीमा...
ओ३म् जिह्वाया अग्रे मधु मे
ओ३म् जिह्वाया अग्रे मधु मेओ३म् जिह्वाया अग्रे मधु मेमेरी वाणी में मिठास होमेरी वाणी में मिठास...
बैठ दो घड़ी कर, प्रभु का भजन
बैठ दो घड़ी कर, प्रभु का भजनबन्धनों से बच ले, कर के यतनबैठ दो...
प्राणों समान प्यारा
प्राणों समान प्याराकुल हो सदा हमारा
मानव समाज साराप्यारा बने हमाराबन्धन कटानहाराकुल हो सदा हमाराप्राणों समान प्याराकुल हो सदा...
हो जायें बन्द आँखें प्रभु ध्यान करते करते
ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म् ओ३म्
हो जायें बन्द आँखेंप्रभु ध्यान...
छोड़ इस दुनिया को बन्दे इक दिन जाना है
छोड़ इस दुनिया कोबन्दे इक दिन जाना हैतेरी-मेरी मेरी-तेरी काये सिर्फ बहाना...
किसने दीप जलाया
किसने दीप जलायादीप जला कर किया उजालाअपना आप छिपायाकिसने दीप जलाया
लहर रहा आँखों के आगेसागर ये उष्मा काकिसने...
मन का दीपक बार रे मनवा !
मन का दीपक बाररे मनवा !मन का दीपक बार
ज्योति अन्तर मन की जागेमिटे जगत्...
हे ईश्वर सब सुखी हों कोई ना हो दुखहारी
हे ईश्वर सब सुखी हों कोई ना हो दुखहारी,सब हो निरोग भगवन...
जगाने आर्य जाति को
जगाने आर्य जाति कोजगाने आर्य जाति कोमेरे ऋषिराज आये थेजगाने आर्य जाति कोमेरे ऋषिराज आये थेसुनाने वेद...
अतीत से नव-स्फूर्ति लेकर
अतीत से नव-स्फूर्ति लेकरवर्तमान में दृढ़ उद्यम करभविष्य में दृढ़ निष्ठा रखकर कर्मशीलहम रहे निरन्तर ॥१॥
बलिदानों की...
इससे अच्छा और जहां कहां खोजने जाऊं मैं।
इससे अच्छा और जहांकहां खोजने जाऊं मैं।गली-गली डगर डगरपर साथ तेरा पाऊं मैं।अंसुवन...
सुध बिसर गई आज,तेरे मिलन की
ओ३म् मा नो॑ अग्ने स॒ख्या पित्र्या॑णि॒ प्र म॑र्षिष्ठा अ॒भि वि॒दुष्क॒विः सन् ।नभो॒ न रू॒पं ज॑रि॒मा...
जन्म दिया और काया बदली
जन्म दिया और काया बदलीसुख की प्रभु ने छाया कर दी …
जिसे बनाया सुख का साथीदुःख...
"धर्मो यस्य स जीवति !"(जिसके जीवन में धर्म है, वही वास्तव में जीवित है।)
परिचय
स्थान: कंधार, हैदराबादसंलग्नता: स्टेट कांग्रेस, धर्मप्रेरित सत्याग्रहीबलिदान...
"समर्थो नोपकारी चेत्तस्यापि जननेन किम्"(जो समर्थ होकर भी दूसरों की सहायता न करे, उसका जन्म व्यर्थ है।)
जन्मभूमि और कार्यक्षेत्र
स्थान: अकोलगाँ...
अ॒ग्निं म॒न्द्रं पु॑रुप्रि॒यं शी॒रं पा॑व॒कशो॑चिषम् ।हृ॒द्भिर्म॒न्द्रेभि॑रीमहे ॥
ऋग्वेद 8/43/31
अग्निरूप तेरा है प्यारामस्त करता मन हमारा
शुद्ध रूप ये ज्योतिकारकनख से शिख तक...
उस ईश्वर को क्यों तू भूला
उस ईश्वर को क्यों तू भूलाजिसने सुख भरपूर दिये
मोह माया में पड़कर मूरखजीवन अपना व्यर्थ...
लगाऊँ क्या तेरा अनुमान ?
ओ३म् न घा॑ त्व॒द्रिगप॑ वेति मे॒मन॒स्त्वे इत्कामं॑ पुरुहूत शिश्रय ।राजे॑व दस्म॒ नि ष॒दोऽधि॑ ब॒र्हिष्य॒स्मिन्त्सु सोमे॑ऽव॒पान॑मस्तु ते...
हे प्रभु !! सत्य-वाणी शुभ-कर्मों से तेरी स्तुति करूँ
ओ३म् तत्त्वा॑ यामि॒ ब्रह्म॑णा॒ वन्द॑मान॒स्तदाशा॑स्ते॒ यज॑मानो ह॒विर्भि॑: ।अहे॑ळमानो वरुणे॒ह बो॒ध्युरु॑शंस॒ मा न॒आयु॒:...
प्रभु सृष्टियज्ञ को धारता
ओ३म् अ॒ग्निमी॑ळे पु॒रोहि॑तं य॒ज्ञस्य॑ दे॒वमृ॒त्विज॑म्। होता॑रं रत्न॒धात॑मम्॥१॥
ऋग्वेद 1/1/1
ओ३म् स न॑: पि॒तेव॑ सू॒नवे ऽग्ने॑ सूपाय॒नो भ॑व। सच॑स्वा नः...
बोल वाणी मधुमती
या ते॑ जि॒ह्वा मधु॑मती सुमे॒धाअग्ने॑ दे॒वेषू॒च्यत॑ उरू॒ची ।तये॒ह विश्वाँ॒ अव॑से॒ यज॑त्रा॒ना सा॑दयपा॒यया॑ चा॒ मधू॑नि ॥
ऋग्वेद 3/57/5
बोल वाणी मधुमती,सत्यरूप...
ओ३म् ब्रह्मानन्द प्यारा, ओ३म् प्यारा रे
ओ३म् किम॒ङ्ग त्वा॒ ब्रह्म॑णः सोमगो॒पां किम॒ङ्ग त्वा॑हुरभिशस्ति॒पां न॑: ।किम॒ङ्ग न॑: पश्यसि नि॒द्यमा॑नान्ब्रह्म॒द्विषे॒तपु॑षिं हे॒तिम॑स्य ॥
ऋग्वेद 6/52/3
ओ३म्...
हे सोम प्रभु ! किसलिए तुम्हें ब्रह्मत्व का रक्षक कहते हैं ?
हे सोम प्रभु ! किसलिए तुम्हेंब्रह्मत्व का रक्षक कहते...
दिव्य अंकुरों में ईश्वर तेरा ही वास
दिव्य अंकुरों में ईश्वरतेरा ही वासफूलों में सुगन्ध लताओं मेंतेरा उल्लाससकल धरा पर सुख...
जीने को तो तू जी रहा
जीने को तो तू जी रहाविषयों में मन लगाये क्यूँमन तो तेरा भटक रहामन को...
मोहे अन्तर वो स्वर भर दे
ओ३म् परि॑ प्रि॒या दि॒वः क॒विर्वयां॑सि न॒प्त्यो॑र्हि॒तः ।सु॒वा॒नो या॑ति क॒विक्र॑तुः ॥
ऋग्वेद 9/9/1
मोहे अन्तर वो स्वर भर...
महिमा तेरी बड़ी है
महिमा तेरी बड़ी है,ये अँखियाँ देखती रह गईसगरी तेरी कृपा है,ये सृष्टि नियमों से पल रही
बाँवरे बादल,...
जाग रे मेरे मन, गाले प्रभु के गुण
जाग रे मेरे मन, गाले प्रभु के गुणक्या पता ये जीवन, रहे ना...
तेरी लीला उत्तम न्यारी
ओ३म् कस्य॑ नू॒नं क॑त॒मस्या॒मृता॑नां॒मना॑महे॒ चारु॑ दे॒वस्य॒ नाम॑ ।को नो॑ म॒ह्या अदि॑तये॒ पुन॑र्दात्पि॒तरं॑ चदृ॒शेयं॑ मा॒तरं॑ च ॥
ऋग्वेद 1/24/1
तेरी...
भीतर अनन्त प्रकाश प्रकाशित
ओ३म् तव॑ श्रि॒या सु॒दृशो॑ देव दे॒वाःपु॒रू दधा॑ना अ॒मृतं॑ सपन्त ।होता॑रम॒ग्निं मनु॑षो॒ नि षे॑दुर्दश॒स्यन्त॑उ॒शिज॒: शंस॑मा॒योः ॥
ऋग्वेद 5/3/4
भीतर अनन्त...
ओ३म् उ॒च्छन्नु॒षस॑: सु॒दिना॑ अरि॒प्रा उ॒रु ज्योति॑र्विविदु॒र्दीध्या॑नाः ।गव्यं॑ चिदू॒र्वमु॒शिजो॒ वि व॑व्रु॒स्तेषा॒मनु॑ प्र॒दिव॑: सस्रु॒राप॑: ॥
ऋग्वेद 7/90/4
यही प्रार्थना करेंप्रभु जी !! तेरे ध्यान...
बचा ले अपनी जीवन नैया यात्री आत्मा भोले रे
बचा ले अपनी जीवन नैयायात्री आत्मा भोले रे
पाप के छेद हैं नाव...
अ॒स्य श्रवो॑ न॒द्य॑: स॒प्त बि॑भ्रति॒द्यावा॒क्षामा॑ पृथि॒वी द॑र्श॒तं वपु॑: ।अ॒स्मे सू॑र्याचन्द्र॒मसा॑भि॒चक्षे॑ श्र॒द्धेकमि॑न्द्र चरतो वितर्तु॒रम् ॥
ऋग्वेद 1/102/2
जहाँ भी देखो वहीं है ईश्वर,यशोगान...
परम प्रकाश स्वरूप है ईश्वर
ई॒शा वा॒स्य॒मि॒दᳪ सर्वं॒ यत्किं च॒ जग॑त्यां॒ जग॑त् ।तेन॑ त्य॒क्तेन॑ भुञ्जीथा॒ मा गृ॑ध॒: कस्य॑ स्वि॒द्धन॑म् ।। १...
हे प्रभु ! मेरे परम सखा !
हे प्रभु ! मेरे परम सखा !तुम्हीं बन्धु हो, तुम्हीं सनेही,तुम्हीं हो मात-पितादुःख में...
दयामय ज्योति मन-मन्दिर दया कर जगमगा जाओ
दयामय ज्योति मन-मन्दिरदया कर जगमगा जाओअन्धेरे की परेशानीनिराश को हटा जाओ
अरे जुगनू निरालंकारटिम टिम...
मिलकर आओ दीप जलाएं
मिलकर आओ दीप जलाएं,मिलकर आओ दीप जलाएं।पावन है यह पर्व हमारा,इसकी गरिमा मिलके बचाएँ ।।
चलो दीप से...
भगवान आर्यों को पहली लगन लगा दे |
भगवान आर्यों को पहली लगन लगा दे |वैदिक धर्म की खातिर मिटना इन्हें...
जब प्रभु तेरे चरणों में सर झुक गया
जब प्रभु तेरे चरणों में सर झुक गया,फिर जमाने की मुझको तो चिंता...
मांग बंदे मांग उस भगवान से
मांग बंदे मांग उस भगवान सेक्या मिलेगा मांग कर इंसान से
मांग बंदे मांग उस भगवान...
बुलबुलों गर तुम्हारा चमन लुट गया
बुलबुलों गर तुम्हारा चमन लुट गयाचहचहाने बताओं कहां जाओगे,
फूल पत्ते ना होंगें यदि डाल परआशियाना...
ऋषि दयानन्द ! ऋषि दयानन्द !
ऋषि दयानन्द ! ऋषि दयानन्द !गुरु दयानन्द ! जय दयानन्द !
भूली-भटकी मानवता को,समझाए वैदिक मधुर...
दुनिया को देख दुनिया, हैरत में आ रही है
दुनिया को देख दुनिया, हैरत में आ रही है,शक्ति है कौन ये...
गुजरात से था कौन आया गुजरात से था
तर्ज: उडे़ जब जब जुलफे तेरी
गुजरात से था कौन आया गुजरात से थाकौन...
सानु सुत्तेया कौन जगाैंदा, ऋषिवर तेरे बिना ।
तर्ज: सानु एक पल चैन ना आवे सजना तेरे बिना
सानु सुत्तेया कौन जगाैंदा,...
वेदा वाले ऋषिया तेरी कोई नहीं मिसाल ।
तर्ज: चाँदी जैसा रंग है तेरा
वेदा वाले ऋषिया तेरी कोई नहीं मिसाल ।एक...
जान दे दी तू ने जग लई बन्देया ।
तर्ज: कैसेट ऋषि के तराने में सुने
जान दे दी तू ने जग...
लड़ने वाले हजारों को बेहाल कर गया।
तर्ज - छुप गए तारे नज़ारे
लड़ने वाले हजारों कोबेहाल कर गया।वो ऋषि था अकेलाकमाल...
ऋषि तेरा दुनियां में आना भूल जाने के काबिल नहीं है
ऋषि तेरा दुनियां में आनाभूल जाने के काबिल नहीं है
क्यों...
दयानन्द की जय मनाते चलेंगे।
दयानन्द की जय मनाते चलेंगे।कदम आगे आगे बढ़ाते चलेंगे।बनायेंगे हम आर्य संसार भर को ,ध्वजा ओम्...
दयानन्द था एक रौशन मुनारा ।
तर्ज - बहुत प्यार करते है
दयानन्द था एक रौशन मुनारा ।कि चमका दिया जिसने संसार...
वेद प्रचार समारोह : चंडीगढ़
आर्य समाज, सैक्टर 22-ए, चण्डीगढ़श्रावणी उपाकर्म एवं वेद प्रचार समारोह📅 23 जुलाई 2025 (बुधवार) से 27...
"जुल्म की टहनी कभी फलती नहीं, नाव कागज की कभी चलती नहीं।"
जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि
पूर्व नाम: नागप्पापिता का नाम: श्री...
"करणं परोपकरणं येषां केषां न ये वन्द्याः"(जो परोपकार को ही अपना कर्तव्य मानते हैं, वे पूजनीय होते हैं।)
जन्म: फाल्गुन शुक्ल...
दयानन्द ने जगाया सारी दुनियां को
दयानन्द ने जगायासारी दुनियां को ,इक्क रस्ता दिखायासारी दुनियां को ,रहे थे सो उठा...



































































































