कैसे सुधरी
बिगड़ल भारत के रहनवा,
कैसे सुधरी।
मां को मदर पिता को फादर
मित्र को फ्रेन्ड कहावे।
बच्चे को बेबी डेडी
कहने में न शरमावे।
हो गई अंग्रेजी फैशनवां कैसे सुधरी……..
दूध दही घृत मेवा मक्खन में
कुछ मजा न आवे।
मीट केक अण्डा खा-खाकर
स्वास्थ अपना गवावें।
ठठरी हो गई बदनवा……..
वर्ष पचास बीति युवकों में
आया बुढ़ापा छाया।
सट्टा तब पट्टा पहले
के लोग रहे बतलाया।
वह दिन हो गई रे सपनवा कैसे सुधरी……
घर के काम काज करने में
जरा नहीं मन लागे।
थोड़ा सा इंगलिश पढ़कर
गांव छोड़ शहर को जावे।
घूमे गली-गली दुकनवा।
वागिन चिन्गारी आया
और फिल्म फेयर के आगे।
वेद रामायण गीता पढ़ने को
तनिक चाह न जागे।
गाये हर दम फिल्मी गनवा कैसे…….
क्रीम पाउडर लगा गाल में
नकली भेष बनावें।
खुशबूदार तेल साबुन और
ऊपर से सेन्ट लगावें।
हर दम मुंह देखें दर्पनवा कैसे…….










