ओ३म् महिमा
भक्तिभाव लिये आठों याम, भजले प्यारे ओ३म् का नाम ।।
ओ३म् नाम भले पल-पल में, मत फैंस माया के दल-दल में।
जाने किस दिन की हलचल में, कब आ जाये दुःखप्रद शाम ।।
भज ले प्यारे ओ३म् का नाम…………….2
ओ३म् नाम का पकड़ सहारा, विषयों से पाले छुटकारा।
भटक रहा क्यों मारा-मारा, नदी सरोवर बन गिरि ग्राम।।
भज ले प्यारे ओ३म् का नाम………………2
ओ३म् पितु है ओ३म् है माता, ओ३म् मित्र है, ओ३म् है भ्राता।
जोड़ उसी से अपना नाता, केवल वो ही मुक्ति का धाम।।
भज ले प्यारे ओ३म् का नाम…………….2
ओ३म् सभी का रक्षक स्वामी, घट-घटवासी अन्तर्यामी।
सब नामों में है वह नामी, कहे ऋषि-मुनि अरु शास्त्र तमाम ।।
भज ले प्यारे ओ३म् का नाम…..……………2
ओ३म् नियन्ता ओ३म् विधाता, ओ३म् विश्व का है निर्माता।
ओ३म् अचल न आता-जाता, कर बिना कर्म करे निष्काम।।
भज ले प्यारे ओ३म् का नाम………………2
उसने अद्भुत दृश्य दिखाये, सूर्य-चन्द्र से दीप जलाये।
यश ‘कमलेश’ उसी का गाये, लीला उसी की ललित ललाम।।
भज ले प्यारे ओ३म् का नाम………………2
अवसर का अब लाभ उठाले, जीवन अपना सफल बना ले।
उससे पूरी प्रीति लगाले, उसके बिन कहीं नहीं विश्राम।।
भज ले प्यारे ओ३म् का नाम………………2










